'भगवान राम के नाम पर विपक्ष को मिर्ची लगती है..' NDA ने गिनाए G RAM G बिल के फायदे
बिहार एनडीए ने 'जी राम जी' बिल का स्वागत किया है. साथ ही विपक्ष पर विरोध के नाम पर ओछी राजनीति करने का आरोप लगाया.

Published : January 7, 2026 at 5:53 PM IST
पटना: जब से केंद्र सरकार ने लोकसभा में मनरेगा की जगह 'जी राम जी' बिल लाया है, तब से विपक्ष इसका विरोध कर रहा है. मोदी सरकार पर महात्मा गांधी के नाम से जुड़ी योजना का नाम बदलने का आरोप लगा रहा है. हालांकि एनडीए इसको लेकर पीछे हटने को तैयार नहीं है. वहीं बिहार में सत्ता पक्ष के तमाम दलों ने एकजुटता दिखाते हुए इस विधेयक का समर्थन किया और विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया.
'राम के नाम से विपक्ष को लगी मिर्ची': पटना में बिहार एनडीए ने संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस बिल के फायदे गिनाए. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार ने जो कानून लाया है, वह गांव और मजदूरों के हित में है लेकिन इस कानून में राम जी का नाम है, इसलिए विपक्ष को मिर्ची लग रही है.
"जी राम जी बिल में राम शब्द आता है. राम शब्द आ गया है तो भगवान श्रीराम के नाम पर भी विपक्षियों लगता है जैसे कुछ मिर्ची लगती होगी. हम तो यही कह सकते हैं कि ग्रामीण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए, गरीब किसानों-मजदूरों को और मजबूत करने और रोजगार का माध्यम और ज्यादा सृजित करने के लिए यह बिल लाया गया है. हमलोग इसका स्वागत करते हैं."- संजय सरावगी, अध्यक्ष, बिहार बीजेपी

'भ्रम फैला रहा है विपक्ष: वहीं, जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा विपक्ष दुष्प्रचार कर रहा है, जबकि 'जी राम जी' अधिक दिनों तक रोजगार मुहैया कराएगा. उन्होंने कहा कि पहले जहां 100 दिन की गारंटी थी, वहीं अब इस नए कानून में 125 दिन की गारंटी दी गई है. इस कानून से पारदर्शिता आएगी और इसके कारण मजदूरों को लाभ मिलेगा लेकिन विपक्ष बेवजह भ्रम फैला रहा है.
ग्रामीण रोज़गार की गारंटी को मजबूत, जनोपयोगी और पारदर्शी बनाने के लिए केंद्र की एनडीए सरकार द्वारा लाए गए VB G-RAM-G (Viksit Bharat – Gramin Rozgar Assurance & Management Guarantee) क़ानून को लेकर आज भाजपा प्रदेश कार्यालय में एनडीए के वरिष्ठ साथियों के साथ प्रेस वार्ता को संबोधित… pic.twitter.com/FKr7njKbzf
— Umesh Singh Kushwaha (@JDUUmeshSingh) January 7, 2026
"रोजगार के अधिकार को कम करने का विपक्ष का आरोप निराधार और पूरी तरह से भ्रामक है. मनरेगा के तहत जहां 100 दिन रोजगारी की गारंटी दी जाती थी. वहीं अब वीबी जी राम जी बिल के तहत साल में 125 दिन रोजगार की गारंटी दी गई है. यह बिल मजदूरों के हित में है."- उमेश कुशवाहा, जेडीयू अध्यक्ष, बिहार इकाई
क्या बोले एलजेपीआर प्रदेश अध्यक्ष?: प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद लोजपा रामविलास के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने कहा था कि 100 रुपये जब केंद्र भेजता है तो 10 रुपये ही गरीबों के पास पहुंचता है. मनरेगा में भी कई तरह के भ्रष्टाचार थे लेकिन इस नए कानून में उस पर नियंत्रण लगेगा. इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी जानी चाहिए.

क्या है 'जी राम जी' बिल?: 18 दिसंबर 2025 को लोकसभा में ग्रामीण रोजगार कानून पास हुआ है. इस बिल का नाम विकासशील भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन, ग्रामीण यानी वीबी-जी राम जी है. इसके साथ ही महात्मा गांधी नेशनल रूरल एम्प्लॉयमेंट गारंटी एक्ट (मनरेगा) को खत्म करने का प्रस्ताव दिया गया है. कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी पार्टियां इसका विरोध कर रही है. साल 2005 में कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार ने मनरेगा योजना लाई थी.
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