बिहार में NDA की प्रचंड जीत का 2026 में दिखेगा असर, 19 सीटों की जंग में महागठबंधन को नुकसान तय!
बिहार विधानसभा चुनाव के बाद विधान परिषद में अगले साल 19 सीटों पर होने वाले चुनाव से समीकरण बदल जाएंगे. महागठबंधन को नुकसान उठाना पड़ेगा.

Published : December 12, 2025 at 4:24 PM IST
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के बाद अब विधान परिषद के अगले साल होने वाले चुनाव की चर्चा शुरू हो गई है. 2026 में विधान परिषद के 19 सीटों पर चुनाव होगा, जिसमें से 10 सीटों का चुनाव बिहार के विधायक करेंगे.
विधान परिषद में महागठबंधन को होगा नुकसान: इस बार विधानसभा चुनाव में एनडीए को 202 सीटों पर जबरदस्त जीत मिली है और इसके कारण विधान परिषद में भी महागठबंधन के घटक दल को नुकसान होना तय है. सभापति अवधेश नारायण सिंह ने कहा कि चुनाव की तैयारी हो रही है.
"हम लोग तो जब सीट खाली होती है तो चुनाव आयोग को भेज देते हैं. इस बार एनडीए को जबरदस्त जीत मिली है तो उसका असर विधान परिषद में भी दलों की संख्या पर पड़ेगा."- अवधेश नारायण सिंह,सभापति,बिहार विधान परिषद
2026 में विधान परिषद चुनाव के कारण हलचल बढ़ने लगी है. विधान परिषद में अभी चार सीट खाली पड़ी हुई है. एक सीट लोकल बॉडी से चुने गए राधाचरण साह की है, जो विधानसभा चुनाव जीत गए हैं. वहीं तीन सीट विधानसभा के विधायकों द्वारा चुने गए सम्राट चौधरी, मंगल पांडे और भगवान सिंह कुशवाहा के विधानसभा चुनाव जीतने के कारण खाली हुई है .
7 सीट और होगी खाली: विधान परिषद में जून में 10 सीटों पर चुनाव होंगे, जिसमें से 7 सीट एनडीए की है और तीन सीट महागठबंधन की है. उसके अलावा स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के 8 सीट 2026 के अंत में खाली हो रही है. उसके लिए मतदाता सूची तैयार हो रहा है.

इन 10 नेताओं की सीटें खाली हो रही है..
| डॉ कुमुद वर्मा | भगवान सिंह कुशवाहा | सम्राट चौधरी | मंगल पांडे | सुनील कुमार सिंह |
| प्रोफेसर गुलाम गौस | मोहम्मद फारूक | भीष्म सहनी | संजय प्रकाश | समीर कुमार सिंह |
जून 2026 तक सम्राट चौधरी का था कार्यकाल: इसमें सम्राट चौधरी, भगवान सिंह कुशवाहा और मंगल पांडे की सीट पहले ही खाली हो गयी है. सम्राट चौधरी और भगवान सिंह कुशवाहा का कार्यकाल जून 2026 तक था, जबकि मंगल पांडे का कार्यकाल मई 2030 तक है.

स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से 9 सदस्य: 2026 में इसके अलावे स्नातक निर्वाचन और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से 9 सदस्य चुने जाएंगे जिनका कार्यकाल पूरा हो रहा है उसमें चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुने जाएंगे. पटना, तिरहुत और दरभंगा से शिक्षक और स्नातक दोनों का चुनाव होगा यानी की 6 सीट इन तीनों स्थानों से चुने जाएंगे. वहीं कोसी से स्नातक और सारण से शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव होगा.
वहीं विधानसभा चुनाव में लोकल बॉडी से चुनकर आने वाले राधाचरण शाह विधायक बन चुके हैं तो उनका भी चुनाव होगा. ऐसे राधाचरण शाह का कार्यकाल अप्रैल 2028 में समाप्त हो रहा था. इसके कारण इस सीट पर 2026 में कभी भी चुनाव हो सकता है. इस तरह कुल 9 सीटों पर अगले साल शिक्षक स्नातक और लोकल बॉडी से चुनाव किया जाएगा. चुनाव के लिए तैयारी भी शुरू है, जिनकी सीट खाली है उसमें..
| नीरज कुमार | बंशीधर बृजवासी | सर्वेश कुमार |
| डॉक्टर एन के यादव | नवल किशोर यादव | अफाक अहमद |
| संजय कुमार सिंह | मदन मोहन झा | राधाचरण साह |
परिषद का समीकरण: बिहार विधान परिषद 75 सदस्यों में अभी एनडीए के 45 और विपक्ष महागठबंधन के 21 सदस्य हैं. निर्दलीय सात सदस्य हैं. सभापति बीजेपी के हैं और उपसभापति जदयू के हैं. NDA के सदस्य की बात करें तो भाजपा के 23, जदयू के 21 और हम पार्टी के 01 सदस्य हैं. विपक्ष में राजद में 15, कांग्रेस में 03, सीपीआई में 01, माले में 01, आरएलजेपी में 01 और निर्दलीय 07 सदस्य हैं.

NDA के सपोर्ट में कई निर्दलीय: निर्दलीय में से तीन सदस्यों का चुनाव इस साल होने वाला है. जिसमें बंशीधर ब्रजवासी का तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव होगा तो सर्वेश कुमार का दरभंगा स्नातक का चुनाव होगा और आफाक अहमद का सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव होगा. बंशीधर ब्रजवासी, देवेश चंद्र ठाकुर के सांसद बनने के बाद उपचुनाव में जीते थे.
10 MLC का विधायक करेंगे चुनाव: सभापति ने कहा 10 विधान परिषद सीट का चुनाव विधायक करेंगे. जून 2026 में 9 सीट जो खाली हो रही है वह विधानसभा के माध्यम से भरा जाएगा. सभी को विधायक चुनेंगे. वहीं मंगल पांडे की सीट भी खाली हुई है, जिसका कार्यकाल मई 2030 तक है तो उसका भी चुनाव होगा. इस तरह कुल 10 विधान परिषद की सीट का चुनाव विधायक करेंगे.
कितने विधायक एक विधान परिषद के सदस्य का चुनाव करेंगे? इस पर सभापति ने कहा कि यह तो संख्या के आधार पर बदलते रहता है जो खाली सीटों की संख्या है और विधानसभा में कुल विधायकों की संख्या के हिसाब से तय होगा. सभापति अवधेश नारायण सिंह ने कहा 2026 में लोकल बॉडीज शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से भी चुनाव होगा उसके लिए तैयारी चल रही है.
10 में से 9 सदस्य एनडीए के चुने जाएंगे: बिहार विधान परिषद के चुनाव में विधायकों के माध्यम से चुने जाने वाले 10 सीटों में से जदयू के चार, बीजेपी के तीन, राजद के दो और कांग्रेस के एक सदस्य हैं. बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को जबरदस्त जीत मिली है और उसके कारण विधान परिषद के चुनाव में एनडीए को लाभ मिलेगा. महागठबंधन के पास जो संख्या बल है, उस हिसाब से एक ही सदस्य का चयन हो पाएगा. ऐसे में 10 में से 9 विधान परिषद के सदस्य एनडीए के घटक दलों के ही बनेंगे.
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