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बिहार के मंत्री अशोक चौधरी को दी गई डी-लिट की उपाधि

मगध विश्वविद्यालय के 22वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान शामिल हुए. बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी को डी-लिट की उपाधि दी गई.

ASHOK CHOUDHARY
अशोक चौधरी (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : November 26, 2025 at 2:23 PM IST

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गया : ''जिसके पास ज्ञान है, वह विश्व कल्याण की बात सोचते हैं, जनकल्याण की बात सोचते हैं. छात्रों को यह समझना चाहिए कि उन्हें ज्ञान प्राप्त करना है. स्वार्थ अज्ञानता की जड़ होती है, जिसे ज्ञान प्राप्त हो गया, उसकी प्रेरणा का स्रोत केवल जनकल्याण और विश्व कल्याण के लिए सोचने का होता है.'' यह कहना है बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान का.

मगध विवि में 22वां दीक्षांत समारोह : दरअसल, मगध विश्वविद्यालय में 22वां दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया. 22वां दीक्षांत समारोह तकरीबन 10 सालों के बाद आयोजित हुआ. कार्यक्रम में बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के द्वारा 250 पीएचडी छात्र-छात्राओं को दीक्षांत सर्टिफिकेट प्रदान किया गया. दीक्षांत समारोह के मौके पर मगध विश्वविद्यालय की कुलपति, कॉलेज के प्रोफेसर-शिक्षक के अलावे छात्र-छात्राएं और अभिभावक मौजूद थे.

Magadh University Convocation
मगध विवि में 22वां दीक्षांत समारोह (ETV Bharat)

कई लोगों को डी-लिट की उपाधि : इस दौरान बिहार सरकार में कैबिनेट मंत्री अशोक चौधरी को भी डी-लिट की उपाधि दी गई. वहीं, बिहार विधानसभा के सभापति अवधेश नारायण सिंह को भी समाज में शिक्षा और समाज में अच्छे योगदान अनुकरणीय सेवा के सम्मान में मानक डॉ. ऑफ एग्रीकल्चर डी-लिट की उपाधि से सम्मानित किया गया.

'छात्र के मेहनत के पीछे स्वार्थ' : वहीं, 22 वें दीक्षांत समारोह के अवसर पर बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने अपने संबोधन में कहा कि जिसके पास ज्ञान है, वह विश्व कल्याण की बात सोचता है. राजपाल ने कहा, कि जो छात्र मेहनत करते हैं. उनके पीछे भी एक स्वार्थ छुपा रहता है और वह अपने और परिवार के लिए अच्छा करना चाहते हैं.

राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण कहते हैं कि यह जो करता है, ऐसे सभी लोग अज्ञानी हैं. किंतु जिनको ज्ञान प्राप्त हो गया, उनकी प्रेरणा का स्त्रोत केवल एक ही होता है और वह प्रेरणा का स्रोत होता है. विश्व कल्याण की बात सोचने का, जिसके पास ज्ञान है, वह विश्व कल्याण की बात सोचता है और जनकल्याण की बात सोचता है.

''जो लोग मानव कल्याण के लिए काम करेंगे. उनको इस दुनिया में और मरने के बाद कभी विनाश नहीं हो सकता. दूसरों के कल्याण करने वालों की कभी दुर्गति नहीं होती है.''- आरिफ मोहम्मद खान, राज्यपाल

डी-लिट उपाधि मिलने पर क्या बोले अशोक चौधरी? : वहीं, बिहार सरकार में कैबिनेट मंत्री अशोक चौधरी को डी-लिट की उपाधि प्रधान की गई. डी-लिट की उपाधि मिलने के बाद कैबिनेट मंत्री अशोक चौधरी ने इसके संबंध में बातें बताई. कहा कि बिहार सरकार में जातीय जनगणना का सर्वे हुआ था. उसमें हमने एक डी-लिट सबमिट किया था, जिसमें हमारा इंटरव्यू भी हुआ था. इसी के आधार पर हमें यह उपाधि दी गई है.

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