नये साल पर बिहार में लीजिए मिनी गोवा का मजा, पैसा हो जाएगा वसूल
पश्चिम चंपारण के बेतिया के अमवामन झील को मिनी गोवा के नाम से भी जाना जाता है. नए साल में यहां भीड़ उमड़ती है.

Published : December 31, 2025 at 3:19 PM IST
पटना: आने वाला नया साल 2026 लोगों के लिए एक नई आशा, नई उम्मीदें नए सपने लेकर आ रहा है. ऐसे में हर कोई बेसब्री से नए साल के स्वागत और न्यू ईयर की प्लानिंग करने में लगा है. नए साल में गोवा पर्यटकों से फुल रहता है, लेकिन अगर आप बिहार में ही न्यू ईयर मनाना चाहते हैं तो कई रोचक जगह हैं. उनमें से एक मिनी गोवा भी है.
'मिनी गोवा' अमवामन झील: पश्चिमी चंपारण जिले के बेतिया के अमवामन झील में गोवा से अधिक मजा आता है. गोवा के तर्ज पर अमवामन में बिहार का पहला वाटर एडवेंचर स्पोर्ट्स जोन है, जहां पैरासेलिंग के साथ क्याक, जेट स्की मोटर बोट, जार्बिंग बाल जैसे एडवेंचर स्पोर्ट्स का लुत्फ उठा सकते हैं.

पटना का मरीन ड्राइव: पटना के मरीन ड्राइव में गोवा जैसा मजा आएगा. यहां एयर एडवेंचर स्पोर्ट्स का मजा लोग ले सकते हैं. पटना के मरीन ड्राइव पर पैराग्लाइडिंग की शुरुआत हुई है, जो नए साल में आकर्षण का केंद्र है. साथ ही गंगा के किनारे पहुंचकर मिनी गोवा जैसा नजारा देखने को मिलता है.
कई वाटर स्पोर्टस: पटना का मरीन ड्राइव नए साल में मेले जैसा नजारा देखने को मिलता है. इसी कड़ी में मरीन ड्राइव पर बिहार के पहले पैराग्लाइडिंग की सुविधा शुरू कर दी गई है. पर्यटक इसके जरिए आकाश से गंगा की लहरों को देख सकेंगे.

पुनपुन नदी पर बना लक्ष्मण झूला: इस बार बिहार का पहला उत्तराखंड के ऋषिकेश के तर्ज पर बना लक्ष्मण झूला पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बिंदु बना हुआ है. पुनपुन घाट पर पुनपुन नदी के ऊपर लक्ष्मण झूला को देख कोई भी रोमांचित हो जाए. 5 सितंबर 2025 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसका उद्घाटन किया था.

देश का दूसरा लक्ष्मण झूला: तकरीबन 82.93 करोड़ रुपये की लागत से 320 मीटर लंबे केबल सस्पेंशन ब्रिज के जैसा लक्ष्मण झूला बनाया गया है और यह बिहारवासियों को एक बड़ी सौगात के रूप में दी गई थी. यह देश का दूसरा लक्ष्मण झूला है, जिसे देखने के लिए प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में शाम के वक्त में लोगों की भीड़ उमड़ती है.
प्रशासन चौकस: नए साल को लेकर स्थानीय प्रशासन ने भी अपनी कमर कस ली है. थाना अध्यक्ष बेबी कुमारी ने बताया कि 1 जनवरी को इस लक्ष्मण झूला पर काफी भीड़ होने की आशंका है, जिसको लेकर पुल के उत्तरी दक्षिणी छोर पर पुलिस की पेट्रोलिंग और जगह-जगह पर चौक चौराहे पर पुलिस की मुस्तैदी भी की जाएगी.

"नये साल पर लक्ष्मण झूला एक नई सौगात है. बिहारवासियों को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने देश का दूसरा लक्ष्मण झूला समर्पित कर दिया है. न्यू ईयर में यहां सेलिब्रेशन की खास तैयारी है. उम्मीद है लोगों की अच्छी-खासी भीड़ उमड़ेगी."- सदगुरु प्रसाद, समाजसेवी पुनपुन
"न्यू ईयर जश्न को लेकर पुलिस को अलर्ट मोड पर रखा गया है. सभी चौक चौराहे पर पुलिस की गश्त रहेगी. सभी होटल ढाबा में कल रात से जांच की जा रही है. खासकर लक्ष्मण झूला हम सबों के लिए प्रायोरिटी होगी क्योंकि वहां ज्यादा भीड़ उमड़ती हैं. बाइकर्स के लिए भी हम लोगों ने शख्स हिदायत दी है."- बेबी कुमारी, थानाध्यक्ष, पुनपुन

बोधगया टेंपल: शोरगुल से दूर अगर आप शांति के वातावरण में नए साल का स्वागत करना चाहते हैं तो बोधगया डेस्टिनेशन बेस्ट हो सकता है. दूर-दूर से न्यू ईयर में लोग यहां पहुंच रहे हैं. नए साल से पहले बोधगया में भीड़ इतनी बढ़ गई है कि प्रशासन को ट्रैफिक प्लान जारी करना पड़ गया है. नए साल पर 1.5 लाख से 2 लाख लोगों के पहुंचने की संभावना है.
बोधगया में कहां घूमे?: स्थानीय व्यक्ति राजेश कुमार कहते हैं कि बोधगया में सिर्फ पिकनिक मनाने के लिए ही युवा छात्र छात्राएं नहीं पहुंच रहे हैं, बल्कि वो शांति ध्यान और आध्यात्मिक जीवन जीने को लेकर भी भगवान बुद्ध को समझने पहुंच रहे है. बोधगया में वैसे मंदिर दर्शन के अलावा हाल के कुछ सालों पहले बने पर्यटक स्थल भी इन युवाओं के लिए काफी आकर्षण का केंद्र है, इसमें साइंस सिटी, कन्वेंशन सेंटर, तितली पार्क, माया सरोवर, चिल्ड्रन पार्क आदि खूबसूरत जगहें हैं.

"भगवान बुद्ध के चरणों में आकर साल 2025 को अलविदा कहा है और नए साल को लेकर मनोकामना की है. साल 2026 सुख शांति खुशहाली लेकर आए. यहां बोधगया में नए साल का जश्न मनाने के लिए लोग इस लिए भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं , क्योंकि लोगों को वर्तमान समय की भागदौड़ वाली जिंदगी में शांति की कमी है."- दीप रॉय, पर्यटक
ट्रैफिक प्लान जारी: बोधगया में मंदिर के अलावा घूमने के लिए कई पिकनिक स्थल भी हैं. काफी संख्या में लोगों के आने की वजह से जिला प्रशासन ने बोधगया में तीन दिनों के लिए ट्रैफिक प्लान भी जारी किया है. बताया जा रहा है कि पिछले दो दिनों में 10000 से अधिक छोटी बड़ी गाड़ियां बोधगया पहुंची है.
31 दिसंबर से 2 जनवरी तक नियम लागू: बोधगया में 31 दिसंबर से ही ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया गया है. जिला प्रशासन के अनुसार नोड 1 से महाबोधि मंदिर एवं कालचक्र मैदान की ओर बड़ी वाहन का प्रवेश वर्जित रहेगी. एंबेसी मोड़ से महाबोधि मंदिर की ओर जाने वाली सभी वाहन एकल मार्ग का पालन करते हुए महारानी रोड होते हुए नोड 1 की ओर जाएंगे. वर्मा मोड़ की तरफ से भी महाबोधि मंदिर की ओर बिना पास के कोई भी प्रवेश नहीं करेगी.
राजपुर मोड से दक्षिण बोधगया की ओर बड़ी वाहनों का प्रवेश बंद होगा, लेकिन बड़ी गाड़ी पचहट्टी मोड से सुजाता गढ़ के ओर नदी पार कर जाना है, वह बड़ी वाहन पच हट्टी मोड़ से सुजाता गढ़ की ओर जा सकती है. वर्मा मोड़ से महाबोधि मंदिर की ओर बड़ी वाहन का प्रवेश वर्जित रहेगी.

भोजपुर का 'जुहू चौपाटी': पिकनिक और सैर-सपाटे के शौकीन पर्यटक इस बार भोजपुर जिले के कोईलवर स्थित सोन नदी तट को अपनी मंजिल बना रहे हैं. प्राकृतिक सौंदर्य, खुला वातावरण और सुगम यातायात व्यवस्था के कारण यह स्थल नए साल पर घूमने-फिरने के लिए सबसे आकर्षक जगह के रूप में उभर रहा है. स्थानीय लोग इसे प्यार से भोजपुर का 'जुहू चौपाटी' भी कहते हैं.
"इस बार नए साल पर पर्यटकों की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में अधिक रहने की संभावना है. हर साल भोजपुर जिले के अलावा पटना से भी बड़ी संख्या में लोग नया साल मनाने कोईलवर सोन तट पर पहुंचते हैं. कुछ लोग जहां अपने घर से लाए सामान से नदी किनारे ही लिट्टी-चोखा, खीर, मालपुआ जैसे पारंपरिक व्यंजन बनाकर परिवार और दोस्तों के साथ पिकनिक का आनंद लेते हैं तो कुछ लोग यही सोन नदी के किनारे गैस के चूल्हे पर खाना बनाकर अपने परिजनों के साथ इन्जॉय करते हैं."- मिथलेश राय, स्थानीय

खूब विदेशी आते हैं यहां: बिहार के अनेक ऐसे स्थल हैं जो विदेशी सैलानियों को अपनी तरफ आकर्षित कर रहा है. बोधगया का बोधी मंदिर, नालंदा विश्वविद्यालय और उसका पुराना अवशेष राजगीर के अनेक पर्यटन स्थल, पटना साहिब का तख्त श्री हरमंदिर साहब, शेरशाह सूरी का मकबरा, ककोलत फॉल (नवादा) जैसी जगहों पर विदेशी पर्यटकों की भीड़ देखने को मिल रही है.
वाल्मीकि नगर टाइगर रिजर्व: नए साल में बगहा के वीटीआर में जमकर भीड़ हो रही है.जंगल सफारी रोपवे और अन्य आकर्षित स्थलों पर पर्यटक पहुंच रहे हैं. यहां ग्लास ब्रिज अगले तीन दिनों के लिए पूरी तरह से फुल है.
ऐतिहासिक स्थल: वैशाली स्तूप, कैमूर की पहाड़ियां और बांका के मंदार पर्वत जैसे ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों पर भी हजारों लोग पहुंच रहे हैं. इस सभी स्थानों पर सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किए गए हैं.
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