बिहार में शराबबंदी पर बड़ा ऐलान, बोले मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव- 'गड़बड़ी को ठीक करेंगे'
नीतीश सरकार ने साल 2016 में शराबबंदी कानून लागी की थी, अब मंत्री बिजेन्द्र यादव ने शराबबंदी पर बड़ा बयान दिया है.

Published : November 24, 2025 at 2:12 PM IST
पटना : बिहार में शराबबंदी पर बिहार सरकार के नए नवेले 79 साल के मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि बिहार में शराबबंदी पर कुछ नया नहीं होने वाला है. पहले से जो कुछ नियम था वही रहेगा कुछ नहीं बदलेगा. अगर कुछ गड़बड़िया हुई है तो उसे ठीक किया जाएगा.
बिहार में शराबबंदी पर क्या बोले मंत्री?: बिहार सरकार के मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने नए सचिवालय में शराबबंदी विभाग के मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला है. इस मौके पर उनसे सवाल पूछा गया कि विपक्ष लगातार शराबबंदी पर सवाल उठा रहा है. उन्होंने कहा, "समीक्षा करके जितना ज्यादा बेहतर काम हो सकता है वो हम करेंगे. शराबबंदी रहेगी. उसमें जो भी गड़बड़ी होगी उसे ठीक करेंगे."
#WATCH पटना (बिहार): बिहार के मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने नए सचिवालय में शराबबंदी विभाग के मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 24, 2025
उन्होंने कहा, " समीक्षा करके जितना ज्यादा बेहतर काम हो सकता है वो हम करेंगे...शराबबंदी रहेगी। उसमें जो भी गड़बड़ी होगी उसे ठीक करेंगे।" pic.twitter.com/T90VFItWEp
कोई भी चुनाव नहीं हारे बिजेंद्र यादव : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में सुपौल सीट से जीते बिजेंद्र यादव यादव 1990 से अब तक एक भी चुनाव नहीं हारे और हर सरकार में मंत्री रहे हैं. साल 1990 में ऊर्जा मंत्री, फिर नगर विकास व विदि राज्य मंत्री, जल संसाधन मंत्री, निबंधन व उत्पाद मंत्री, उद्योग व परिवहन, वित्त वाणिज्यकर, फिर योजना विकास में मंत्री बने.

बिजेन्द्र यादव के पास 5 मंत्रालय : बिजेन्द्र यादव को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का करीबी माना जाता है. इसलिए इस बार उन्हें पांच मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है. उन्हें मद्य निषेद, उत्पाद निबंदन, योजना विकास, वाणिज्य कर और ऊर्जा विभाग मिला हैं.
बिहार में शराबबंदी कानून लागू : साल 2016, 9 जुलाई 2015 बिहार में नीतीश सरकार ने शराबबंदी की घोषणा की थी, लेकिन 5 अप्रैल 2016, को बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू की गई थी. बिहार में शराबबंदी के 9 साल हो गए, लेकिन एनडीए के सहयोगी दल और विपक्ष मुख्यमंत्री पर हमलावर रहते है. जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने तो यहां तक कह दिया था कि उनकी सरकार बनते ही बिहार से शराबबंदी हटा दी जाएगी.

क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े? : हालांकि आंकड़े नीतीश सरकार के पक्ष में हैं. बिहार पुलिस के आंकड़ों की माने तो बिहार में शराबबंदी से घरेलू हिंसा में कमी आयी है. साल 2015 में घरेलू हिंसा के करीब 15 हजार मामले दर्ज हुए थे, साल 2020 में कमी आई, और यह 9 हजार तक पहुंच गया. साल 2014 में सिर्फ साढ़े सात हजार हरेलू हिंसा के मामले दर्ज किए गए.

आंकड़ों की गवाही देती कलसिया देवी : आंकड़ों की गवाही बिहार की महिलाएं भी देती हैं. बिहार के गया जिले की कलसिया देवी बताती हैं, ''मेरा पति अब शराब नहीं पीता हैं. बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बाद हालात बदले, घर में सिर्फ पति ही नहीं, मेरा बेटा, चाचा सब शराब पीते थे.''
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