बिहार सरकार का बड़ा आदेश, 10 मार्च तक वेतन-पेंशन छोड़कर सभी भुगतानों पर रोक!
बिहार सरकार ने होली से पहले वेतन-पेंशन भुगतान को प्राथमिकता दी. वित्त विभाग ने अन्य बिलों के भुगतान पर 10 मार्च तक लगाया रोक. पढ़ें-

Published : February 28, 2026 at 10:56 AM IST
पटना: बिहार सरकार ने होली त्योहार से पहले सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत प्रदान की है. वित्त विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम चरण में वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं. विशेष रूप से फरवरी 2026 के वेतन को होली से पहले भुगतान करने की व्यवस्था की गई है, जबकि 10 मार्च 2026 तक अन्य गैर-प्रतिबद्ध भुगतानों पर अस्थायी रोक लगा दी गई है.
होली से पहले वेतन-पेंशन भुगतान सुनिश्चित: वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने विधानसभा में घोषणा की कि फरवरी माह का वेतन होली से पहले कर्मचारियों के खाते में पहुंच जाएगा. राज्य के लगभग 7.5 लाख कर्मचारियों, जिसमें 5.85 लाख से अधिक शिक्षक और प्रधानाध्यापक शामिल हैं, को इस फैसले से लाभ मिलेगा. वित्त विभाग ने सभी विभागों और कोषागारों को निर्देश दिए हैं कि वेतन भुगतान में कोई देरी न हो.
वित्त विभाग का सख्त पत्र और निर्देश: 27 फरवरी 2026 को वित्त विभाग के विशेष सचिव मुकेश कुमार लाल द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि 10 मार्च तक केवल स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय मदों के तहत वेतन, पेंशन, सहायक अनुदान-इन-एड और संविदा कर्मियों के मानदेय से संबंधित बिल ही प्राथमिकता से पारित किए जाएंगे. बिहार कोषागार संहिता, 2011 के नियम-76 एवं 177 का हवाला देते हुए अनावश्यक निकासी पर रोक लगाई गई है.
अनियमित बिलों से बचाव का उद्देश्य: वित्त विभाग ने पत्र में कहा है कि वित्तीय वर्ष के अंतिम महीनों में बड़ी संख्या में बिल प्रस्तुत होने से जांच में कठिनाई होती है, जिससे वित्तीय अनुशासन प्रभावित हो सकता है. इसलिए कोषागारों को नियमों के अनुरूप ही बिल पास करने की सख्त हिदायत दी गई है. इससे पहले 6 फरवरी को भी इसी तरह के निर्देश जारी किए गए थे.
10 मार्च के बाद अन्य भुगतान की प्रक्रिया: 10 मार्च 2026 के बाद अन्य मदों जैसे निर्माण कार्य, आपूर्ति, अनुबंध आदि से जुड़े बिलों की नियमित जांच के बाद भुगतान की प्रक्रिया शुरू होगी. सरकार ने सभी विभागों, प्रमंडलीय आयुक्तों, जिलाधिकारियों और कोषागार पदाधिकारियों को इन आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है.

कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए राहत: यह कदम होली के त्योहार पर कर्मचारियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ राज्य की वित्तीय स्थिति को संतुलित रखने का प्रयास है. वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य की वित्तीय स्थिति पूरी तरह संतुलित है और वेतन भुगतान में कोई समस्या नहीं आएगी. इससे शिक्षकों, कर्मचारियों और पेंशनभोगियों में उत्साह बढ़ा है.
वित्तीय अनुशासन पर जोर: बिहार सरकार ने इस फैसले से वित्तीय अनुशासन को प्राथमिकता दी है. गैर-आवश्यक खर्चों पर अंकुश लगाकर बजट में उपबंधित राशि का सही उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है. यह कदम राज्य की आर्थिक स्थिरता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जबकि त्योहार के मौके पर कर्मचारियों को समय पर वेतन मिलने से सामाजिक संतुष्टि भी बढ़ेगी.
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