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बिहार में वंशावली को लेकर बड़ा फैसला, डिप्टी सीएम ने CO को थमाई कमान

बिहार सरकार ने शहरी क्षेत्रों में वंशावली प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार अंचलाधिकारी को दे दिया है. अब भूमि सर्वेक्षण में तेजी आएगी. पढ़ें

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बिहार भूमि सर्वेक्षण (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : December 25, 2025 at 10:37 AM IST

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पटना: बिहार सरकार ने शहरी क्षेत्रों में वंशावली प्रमाण पत्र निर्गमन को लेकर लंबे समय से चली आ रही असमंजस की स्थिति को समाप्त कर दिया है. अब नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों में अंचलाधिकारी वंशावली जारी करने के सक्षम प्राधिकार होंगे.

भूमि सर्वेक्षण में वंशावली थी बड़ी बाधा: राज्य में चल रहे विशेष भूमि सर्वेक्षण के काम में वंशावली की अनुपस्थिति एक प्रमुख रुकावट थी. वंशावली नहीं होने से परिवारों में संपत्ति का बंटवारा नहीं हो पाता था, जिससे सर्वेक्षण और दाखिल-खारिज की प्रक्रिया प्रभावित हो रही थी. सरकार ने इस समस्या का स्थायी समाधान निकाल लिया है.

अंचलाधिकारी को मिला अधिकार: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, शहरी क्षेत्रों के नागरिक अब अपने संबंधित अंचल के अंचलाधिकारी से वंशावली प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकेंगे. यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है. पहले शहरी इलाकों में इसके लिए कोई स्पष्ट प्राधिकार निर्धारित नहीं था, जिससे लोगों को कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे.

ग्रामीण क्षेत्रों में सरपंच की व्यवस्था बरकरार: ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज विभाग के नियमों के तहत सरपंच ही वंशावली जारी करते रहे हैं. शहरी और ग्रामीण व्यवस्था में मौजूद इस विसंगति को दूर करने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग और नगर विकास एवं आवास विभाग ने संयुक्त पहल की.

महाधिवक्ता से विमर्श के बाद निर्णय: 18 दिसंबर 2025 को बिहार के महाधिवक्ता के साथ विस्तृत चर्चा के बाद विधि विभाग ने अंचलाधिकारी को यह अधिकार देने के प्रस्ताव पर सहमति दी. सभी पक्षों पर विचार के बाद राज्य सरकार ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया.

क्या कहते हैं उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा: उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि डबल इंजन सरकार नागरिकों की समस्याओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है. शहरी क्षेत्रों में स्पष्ट व्यवस्था नहीं होने से लोगों को परेशानी होती थी. अब अंचलाधिकारी के माध्यम से समयबद्ध और पारदर्शी सेवा मिलेगी.

“बिहार सरकार ने शहरी क्षेत्रों में वंशावली प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार अंचलाधिकारी को दे दिया है. इससे लाखों नागरिकों को राहत मिलेगी और भूमि सर्वेक्षण तथा संपत्ति बंटवारे की प्रक्रिया में तेजी आएगी.”- विजय कुमार सिन्हा, उपमुख्यमंत्री

प्रशासनिक कार्यों में आएगी तेजी: विभागीय प्रधान सचिव सी.के. अनिल द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि यह व्यवस्था अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी और जरूरत पड़ने पर इसमें बदलाव किया जा सकता है. इस फैसले से वंशावली संबंधी प्रशासनिक और कानूनी कार्य तेज होंगे.

लाखों नागरिकों को होगा लाभ: वंशावली प्रमाण पत्र संपत्ति बंटवारे, पारिवारिक विवादों, सरकारी योजनाओं और न्यायिक मामलों में महत्वपूर्ण दस्तावेज है. इस नई व्यवस्था से शहरी क्षेत्रों के लाखों नागरिकों को राहत मिलेगी और प्रशासनिक प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित व जवाबदेह बनेगी. भविष्य में इसकी समीक्षा कर और सुधार किए जाएंगे.

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