बिहार में राशन की दुकानों पर मिलेगा कोयला, गैस संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला
बिहार में अब PDS दुकानों पर कोयला मिलेगा. गैस की किल्लत को देखते हुए खान एवं भूतत्व विभाग ने इसकी जानकारी दी है.

Published : April 22, 2026 at 10:04 AM IST
पटना: दक्षिण पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण ऊर्जा की आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) बुरी तरह प्रभावित हुई है. इसका सीधा असर रसोई गैस की उपलब्धता पर पड़ा है. आम जनता को खाना बनाने में हो रही परेशानियों को देखते हुए बिहार के खान एवं भूतत्व विभाग ने अब जन वितरण प्रणाली (PDS) के माध्यम से कोयला बांटने का निर्णय लिया है. विभाग के सचिव ने इससे संबंधित आधिकारिक पत्र जारी कर दिया है.
वैकल्पिक ईंधन के रूप में कोयला: खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह के अनुसार, राज्य में रसोई गैस की कमी के निवारण के लिए कोयला एक बेहतर वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत साबित होगा. इसके तहत 'राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम' से जुड़े सभी लाभुकों को राशन की दुकानों से कुकिंग कोल (खाना पकाने वाला कोयला) उपलब्ध कराया जाएगा. सरकार इससे पहले केरोसिन तेल देने का भी फैसला कर चुकी है.

आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत वितरण: यह निर्णय 'आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005' के प्रावधानों के आलोक में लिया गया है. लाभुकों को कोयला वितरण की प्रक्रिया की कड़ी निगरानी की जाएगी. इसके लिए जिला और मुख्यालय दोनों स्तरों पर मॉनिटरिंग सिस्टम बनाया गया है, ताकि सुचारू रूप से आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके.
केरोसिन आपूर्ति की चुनौतियां: हालांकि, सरकार ने इससे पहले रियायती दर पर केरोसिन आपूर्ति का आदेश भी जारी किया था, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है. आदेश के 15 दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक अधिकांश जन वितरण प्रणाली की दुकानों पर केरोसिन की आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई है, जिससे लाभुकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है.
उच्च स्तरीय मॉनिटरिंग और निर्देश: पश्चिम एशिया के हालातों (विशेषकर इजरायल-ईरान युद्ध) पर बिहार सरकार लगातार नजर बनाए हुए है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और मुख्य सचिव के स्तर पर स्थिति की समीक्षा की जा रही है. सभी जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में ऊर्जा संकट से जुड़ी समस्याओं की निरंतर मॉनिटरिंग करें ताकि जनता को राहत मिल सके.
ये भी पढ़ें:

