सड़क हादसे के पीड़ितों की मदद करने पर मिलेगा 25 हजार का इनाम, 'राह-वीर' बनकर बचाएं जान
बिहार में राह-वीर योजना के तहत दुर्घटना पीड़ितों की मदद पर 25 हजार रुपये का इनाम और कानूनी संरक्षण दी जाएगी. पढ़ें खबर-

Published : January 8, 2026 at 1:25 PM IST
पटना: बिहार में सड़क सुरक्षा के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने और वाहन चालकों में जिम्मेदार व्यवहार विकसित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग एवं बिहार सड़क सुरक्षा परिषद द्वारा सुरक्षित वाहन चालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में कुल 224 वाहन चालकों ने भाग लिया. कार्यक्रम का मुख्य फोकस सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ितों की मदद करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करना था.
राह-वीर योजना की विस्तृत जानकारी: प्रशिक्षण सत्र में सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों की सहायता से जुड़े कानूनी प्रावधानों पर विशेष जोर दिया गया. विशेष रूप से राह-वीर (गुड सेमेरिटन) योजना की जानकारी दी गई, जिसके तहत दुर्घटना पीड़ित की मदद करने वाले व्यक्ति को सम्मान स्वरूप 25 हजार रुपये का इनाम प्रदान किया जाता है. चालकों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि दुर्घटना होने पर पीछे हटने की बजाय पीड़ितों की मदद के लिए आगे आएं.
कानूनी संरक्षण और मानवीय अपील: गुड सेमेरिटन कानून के तहत मदद करने वाले व्यक्ति को कानूनी संरक्षण मिलता है और प्रशासन भी उनके साथ खड़ा रहता है. समय पर की गई मदद किसी की जान बचा सकती है और ऐसे लोग समाज के सच्चे नायक होते हैं. इस योजना से न केवल सड़क सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि मानवीय संवेदनाएं भी मजबूत होंगी.

परिवहन सचिव की महत्वपूर्ण टिप्पणी: कार्यक्रम में मौजूद परिवहन सचिव राज कुमार ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में वाहन चालकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है. अधिकांश मामलों में दुर्घटना के समय सबसे पहले वाहन चालक ही मौके पर पहुंचते हैं. उनकी तत्परता, साहस और मानवीय संवेदनशीलता पीड़ित की जान बचाने में निर्णायक साबित हो सकती है. उन्होंने दुर्घटना देखकर भागने की बजाय सहायता करने को चालकों का सामाजिक दायित्व बताया.
यातायात नियमों का पालन जरूरी: परिवहन सचिव ने वाहन चालकों से यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की. सुरक्षित गति से वाहन चलाना, सीट बेल्ट और हेलमेट का उपयोग, मोबाइल का प्रयोग न करना और थकान में वाहन न चलाना जैसी आदतें अपनी और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं. सरकार का लक्ष्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था स्थापित करना है.
प्रशिक्षण में दी गई बुनियादी जानकारियां: सत्र के दौरान चालकों को यातायात के सामान्य नियम, सड़क संकेतों की पहचान, लेन अनुशासन, ओवरस्पीडिंग से बचाव, रात में सुरक्षित ड्राइविंग, खराब मौसम में सावधानियां और प्राथमिक उपचार की बुनियादी जानकारी दी गई. नियमों का पालन केवल दंड से बचने के लिए नहीं, बल्कि जान बचाने के लिए जरूरी है.
वाहन चालकों को सड़क यातायात के संकेतों एवं चिन्हों तथा सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग, बिहार सड़क सुरक्षा परिषद् की ओर बुधवार को विश्वेश्वरैया भवन सभा कक्ष में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। (1/2) pic.twitter.com/HcZaHM7TLp
— BiharTransportDept (@BiharTransport) January 7, 2026
भविष्य के कार्यक्रमों की योजना: परिवहन विभाग ने बताया कि गुरुवार को पटना के ऑटो चालकों को सुरक्षित वाहन चालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसके बाद बस, ट्रक चालकों और ओला-उबर जैसे एग्रीगेटर सेवाओं से जुड़े चालकों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा. विभाग का मानना है कि ऐसे निरंतर कार्यक्रमों से सड़क सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा.
"पटना के ऑटो चालकों को सुरक्षित वाहन चालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसके बाद बस, ट्रक चालक और ओला-उबर जैसे एग्रीगेटर सेवाओं से जुड़े चालकों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा."-राज कुमार, परिवहन सचिव, परिवहन विभाग, बिहार
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