निचले हिस्सों में घुसा बाढ़ का पानी.. दीघा-गांधी घाट, मनेर और हाथीदह में गंगा खतरे के निशान से ऊपर
पटना में दीघा घाट, गांधी घाट, मनेर और हाथीदह समेत सभी जगहों पर गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. रिपोर्ट- अविनाश कुमार

Published : August 23, 2026 at 5:28 PM IST
पटना: गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि के बाद दियारा इलाकों के साथ निचले इलाकों में भी पानी फैलने लगा है. जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी से गंगा राजधानी के लोगों को भी डराने लगी है. कुर्जी के पीछे बिंद टोली में लोगों के घरों में पानी प्रवेश कर गया है तो वहीं भद्रघाट से समाहरणालय गुलबी घाट से दीघा और पर्यटन घाट तक किनारे बने भवनों की दीवार तक गंगा का पानी पहुंच गया है.
निचले हिस्से में घुसा बाढ़ का पानी: एलसीटी घाट के पास पानी सड़क के किनारे तक पहुंच गया है. बख्तियारपुर के निचले हिस्सों में भी गंगा का पानी फैल गया है. मनेर, हाथीदह भागलपुर के सुल्तानगंज सहित कई इलाकों में गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. दियारा में निचले इलाकों में रह रहे लोग अपने मवेशियों के साथ पटना के गंगा पथ पर आ गए हैं. पटना किनारे जिनकी जमीन था, वह भी डूब गई है. जिस वजह से फसल बर्बाद हो गई है. किसानों को अब पानी निकलने का इंतजार है.
"गंगा में पानी लगातार बढ़ रहा है. किसी तरह जिंदगी कट रही है. सब कुछ तो पानी में डूब गया है. अपने मवेशी के साथ मरीन ड्राइव के किनारे शरण लिये हुए हैं ताकि सामान को डूबने से बचा सकें."- गौरी शंकर महतो, दियारा निवासी
गंगा में लबालब पानी: गंगा नदी इन दोनों उफान पर है राजधानी सहित प्रमुख शहरों के किनारे गंगा का पानी लबालब हो गया है. पटना किनारे चारों तरफ गंगा का पानी फैल गया है. पटना में गंगा घाट के किनारे बनाए गए फुटपाथ के नजदीक पानी पहुंच गया है. दर्जनों दियारा गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है. गंगा में पानी तेजी से बढ़ने के कारण बांस घाट से जेपी गंगा पथ को जोड़ने वाली फोरलेन सड़क का निर्माण भी रुक गया है. वहीं ताजपुर बख्तियारपुर पुल का निर्माण कार्य भी बाधित हुआ है.

घर में घुसा पानी: पटना से सेट गंगहरा, रतनपुरा , पतलापुर, कासिम चक, पुरानी पानापुर, मानस और अकिलपुर पंचायत के दर्जनों गांव में पानी घुसने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई है. दियारा के लोग बड़ी संख्या में अपने मवेशियों के साथ मरीन ड्राइव के किनारे बसेरा बना लिया है. वहीं पटना किनारे भी रहने वाले लोगों का सब कुछ डूब चुका है.
"मेरे पास सात मवेशी है लेकिन पानी में सब कुछ डूब गया है. किसी तरह शहर में दूध बेचते हैं. उसी कमाई से गुजारा होता है. गंगा का पानी से सब कुछ डूब चुका है."- जोगिंदर राय, स्थानीय

स्थानीय सीता देवी कहती हैं, 'गंगा किनारे जमीन है. जिसमें बैंगन और अन्य सब्जी लगा रखा था लेकिन गंगा का जलस्तर बढ़ने और पानी फैलने के बाद सब कुछ डूब गया. अब मचान बनाकर गंगा के पानी घटने का इंतजार कर रहे हैं.'

प्रशासन की तरफ से मुस्तैदी: गंगा में तेजी से बढ़ रहे जलस्तर को लेकर प्रशासन की नींद भी उड़ा दी है. पटना के डीएम कुंदन कुमार ने जल संसाधन विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग के सभी अधिकारियों को पूरी तरह सजग रहने और 24 घंटे नजर बनाए रखने का निर्देश दिया है. पटना जिले के सभी तटबंधों की 24 घंटे निगरानी करने का भी निर्देश दिया है.
तटबंधों के किनारे प्रत्येक एक किलोमीटर पर श्रमिकों को तैनात किया गया है ताकि तटबंध की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके, आपातकालीन स्थिति में संबंधित अभियंता को सूचना दे सकें और त्वरित कार्रवाई कर सकें।#बाढ़सुरक्षा#तटबंधसुरक्षा#BiharFloods#FloodManagement#EmbankmentSafety pic.twitter.com/coxUnEi5OK
— Water Resources Department, Government of Bihar (@WRD_Bihar) August 16, 2026
120 शरण स्थली को चिह्नित किया गया है. जिला स्तर पर 24 घंटे नियंत्रण कक्ष कार्यरत है, जिसका मोबाइल नंबर 8235449748 है. जिस पर कोई भी संपर्क कर सकता है. वहीं 06122210118 पर भी संपर्क किया जा सकता है. सभी प्रखंडों में भी नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं.
River #Sone at #Maner in #PATNA district of #Bihar is flowing in severe flood situation with rising trend. At 0800hrs, it was flowing at water level of 52.25m which is 0.25m above its danger level of 52m. Hydrograph is appended.@DoWRRDGR_MoJS@NDRFHQ@ndmaindia@CWCOfficial_GoI… pic.twitter.com/wM7kZVLR91
— Central Water Commission Official Flood Forecast (@CWCOfficial_FF) August 23, 2026
जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर: केंद्रीय जल आयोग के अनुसार पटना में गांधी घाट में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 85 सेंटीमीटर से ऊपर है. दो दिन पहले 20 सेंटीमीटर खतरे के निशान से ऊपर था. गंगा में अभी भी जलस्तर राइजिंग ट्रेंड में है. वहीं दीघा घाट में 25 सेंटीमीटर खतरे के निशान से ऊपर है. हाथीदह में गंगा खतरे के निशान से 60 सेमी ऊपर है. सोन नदी का जलस्तर मनेर में खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर ऊपर है.
River #Ganga at #Kahalgaon in #BHAGALPUR district of #Bihar is flowing in severe flood situation with rising trend. At 0700hrs, it was flowing at water level of 31.32m which is 0.23m above its danger level of 31.09m. Hydrograph is appended.@DoWRRDGR_MoJS@NDRFHQ@ndmaindia… pic.twitter.com/dT7wogBoMi
— Central Water Commission Official Flood Forecast (@CWCOfficial_FF) August 23, 2026
मुंगेर में गंगा नदी खतरे के निशान की ओर तेजी से बढ़ रही है तो वहीं भागलपुर में सुल्तानगंज में गंगा नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है. गंडक नदी भी कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि सिवान में दरौली नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 40 सेंटीमीटर ऊपर था.
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