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बिहार में पहले चरण के मतदान प्रतिशत में जबरदस्त उछाल, किस ओर कर रहे इशारा?

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में एतिहासिक मतदान हुआ है. कई जिलों में मतदान प्रतिशत 70 को भी पार कर गया है-

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बिहार के पहले चरण में बंपर मतदान (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : November 7, 2025 at 10:33 PM IST

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पटना : बिहार में पहले चरण के मतदान में रिकॉर्डतोड़ वोटिंग होने पर सभी पार्टियां अपने पक्ष में मतदान होने का दावा कर रही हैं, लेकिन हकीकत क्या है? 2020 के मुकाबले इस बार बिहार में 8 फीसदी मतदान ज्यादा हुआ है. ऐसे में हर कोई मतदान को लेकर आश्वस्त है कि जनता का वोट उन्हें ही गया है. आखिर जनता ने ये छप्परफाड़ आशीर्वाद किसे दिया है? ये समझना जरूरी है.

बिहार में रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग : 2025 के विधानसभा चुनाव में बिहार में छप्पर फाड़ वोटिंग हुई. पहले चरण में 121 सीटों पर रिकॉर्ड 64.46 फीसदी मतदान हुआ है. मुजफ्फरपुर के ज्यादातर विधानसभा क्षेत्र में रिकॉर्ड वोटिंग दर्ज की गई है. मुजफ्फरपुर जिले में कुल 71.41 प्रतिशत वोटिंग दर्ज किए गए हैं. दूसरे स्थान पर बेगूसराय जिला रहा बेगूसराय जिले में कुल मिलाकर 69.58 प्रतिशत वोटिंग दर्ज किए गए.

आधे दर्जन से अधिक जिलों में 65% से अधिक मतदान : जिलावार देखें तो दर्जन भर जिले ऐसे हैं, जहां 65% से अधिक मतदान दर्ज किए गए हैं. चुनाव आयोग द्वारा जारी आंकड़े जारी किए गए उसके मुताबिक मुजफ्फरपुर में 71.41%, समस्तीपुर में 71. 22%, बेगूसराय में 69.58 प्रतिशत, सहरसा में 69.16%, मधेपुरा में 69.03 %, वैशाली में 67.68 प्रतिशत, खगड़िया में 67.65%, गोपालगंज में 66.58% और लखीसराय में 65.05% मतदान दर्ज किए गए. यह तमाम जिले ऐसे हैं जहां 2020 विधानसभा चुनाव के मुकाबले लगभग 10% से अधिक मतदान हुए हैं.

ईटीवी भारत GFX.
ईटीवी भारत GFX. (ETV Bharat)

दरभंगा और मुंगेर में भी बंपर वोटिंग : कुछ ऐसे जिले भी रहे जहां 60% से अधिक मतदान दर्ज किया गया. 60% से अधिक जिन जिलों में मतदान हुए उसमें दरभंगा में 63.5% मतदान हुए तो मुंगेर में 63.5% मतदान हुए, सारण जिले में 63.63 प्रतिशत मतदान दर्ज किए गए तो सिवान जिले में भी मतदान का प्रतिशत 60.31 प्रतिशत से अधिक रहा. इन जिलों में भी 2020 के विधानसभा चुनाव के मुकाबले 2025 में वोटिंग प्रतिशत में जबरदस्त इजाफा हुआ.

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ईटीवी भारत GFX. (ETV Bharat)

मुजफ्फरपुर जिले में 70% से अधिक वोटिंग : कुछ विधानसभा सीट भी ऐसे सामने आए हैं जहां मतदाताओं में जबरदस्त उत्साह देखा गया. उन विधानसभा क्षेत्र में 70% से अधिक वोटिंग दर्ज किए गए. चुनाव आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक सबसे अधिक वोटिंग मीनापुर विधानसभा क्षेत्र में हुए, जहां 77.62% लोगों ने मतदान किया. दूसरे स्थान पर बौछाहा विधानसभा क्षेत्र रहा जहां 76.5% मतदान दर्ज किया गया. सकरा विधानसभा सीट पर 75.35% मतदान दर्ज किए गए. कल्याणपुर विधानसभा सीट पर 73.62 प्रतिशत मतदान हुए. सराय रंजन विधानसभा सीट पर 73.33 प्रतिशत मतदान दर्ज किए गए. वारिसनगर विधानसभा सीट पर 72%, कांटी विधानसभा सीट पर 71.92%, बछवारा विधानसभा सीट पर 71.62 प्रतिशत मतदान दर्ज किए गए.

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ईटीवी भारत GFX. (ETV Bharat)

मुंगेर जिले की वोटिंग प्रतिशत में उछाल : 2020 के मुकाबले 2025 में कई जिलों में वोटिंग प्रतिशत में जबरदस्त बाउंस सामने आया है. सबसे अधिक उछाल मुंगेर जिले में देखा जा रहा है. जहां 16.87% का बाउंस है. 2020 के चुनाव में जहां 46.36% लोगों ने मतदान किए थे वहीं 2025 में 63.23% लोगों ने मतदान किया. समस्तीपुर में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिला समस्तीपुर जिले में 2020 में 56.02% लोगों ने मतदान किए थे, वहीं 2025 में यह आंकड़ा 71.22% तक पहुंच गया. समस्तीपुर जिले में 15.2% का बाउंस सामने आया है.

इन जिलों में भी बढ़े मतदान प्रतिशत : वैशाली जिले में भी वोटिंग प्रतिशत में ईजाफा हुआ है. 2020 में जहां 54.52% लोगों ने मतदान किए थे, वहीं 2025 में 67.68 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया. कुल मिलाकर 13.16% का बाउंस वोटिंग प्रतिशत में सामने आया है. मधेपुरा जिले में 2020 में 57.29% वोटिंग हुई थी तो 2025 में यह आंकड़ा 69.23% हो गया. कुल मिलाकर 11.74% का उछाल वोटिंग प्रतिशत में आया है. खगड़िया जिले की अगर बात कर लें तो 2020 में खगड़िया जिले में 56.01% वोटिंग हुई थी और यह आंकड़ा 2025 में 67.5% हो गया, कुल 11.55% का उछाल सामने आया. गोपालगंज जिले में 2020 में 55.09 प्रतिशत वोटिंग दर्ज किए गए थे तो 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 66.58% हो गया कुल 11.49% का उछाल गोपालगंज में दर्ज किया गया.

जेडीयू कार्यालय में चुनावी हलचल
जेडीयू कार्यालय में चुनावी हलचल (ETV Bharat)

मतदान प्रतिशत में उछाल के मायने : नाम नहीं छापने की शर्त पर एक सेफोलॉजिस्ट ने बताया कि अधिक वोटिंग प्रतिशत एक द्विधारी तलवार है. अधिक वोटिंग होने का मतलब यह होता है कि या तो सरकार बदल रही है या फिर बड़े मतों के अंतर से सरकार को जीत मिलने वाली है. वोटिंग प्रतिशत में बाउंस का मतलब है कि आक्रामक वोटिंग हुई हैं और चौंका देने वाले रिजल्ट सामने आ सकते हैं.

युवा वोटर राकेश कुमार बताते हैं कि- ''युवाओं के लिए रोजगार सबसे बड़ा मुद्दा है. युवाओं ने रोजगार को जहन में रखकर वोटिंग किया है. युवाओं ने इस आधार पर वोटिंग किया है कि इनके सरकार में उनका बेहतर भविष्य हो सकता है और कौन सी सरकार उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान कर सकती है.''

प्रचार पर कांग्रेसी
प्रचार पर कांग्रेसी दल (ETV Bharat)

महिला मतदाता सारिका चौधरी कहती हैं कि- ''महिलाओं को सबसे पहले सुरक्षा चाहिए. सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा को महिला सबसे ऊपर रखती हैं. वोटिंग करने के समय महिलाओं ने इस बात का ख्याल रखा है. जो सरकार महिलाओं को सुरक्षा देंगी महिलाएं उनके पक्ष में मतदान करेगी.''

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