BJP के बड़े नेता ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ खोला मोर्चा, बोले- 'धृतराष्ट्र नहीं बन सकता हूं..'
बीजेपी के कारण बताओ नोटिस का जवाब देते हुए सिवान के पूर्व सांसद ने पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. इमरोज अहमद की रिपोर्ट

Published : September 3, 2026 at 12:56 PM IST
सिवान : भारतीय जनता पार्टी ने सिवान के पूर्व सांसद ओम प्रकाश यादव के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 6 दिनों के भीतर जवाब मांगा था. 31 अगस्त 2026 को जारी नोटिस में प्रदेश मुख्यालय प्रभारी अक्षय कुमार ने आरोप लगाया कि ओम प्रकाश यादव मीडिया में लगातार अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं. अब इस नोटिस का ओम प्रकाश यादव ने जवाब देते हुए सोशल मीडिया पर लंबा चौड़ा पोस्ट किया है.
पूर्व सांसद का तर्क
पूर्व सांसद ओम प्रकाश यादव ने स्पष्ट किया कि अगर सदर विधायक मंगल पांडेय मीडिया को भ्रष्टाचार के आरोपों पर सही जवाब देते, तो उन्हें यह मामला उठाने की जरूरत ही नहीं पड़ती. उन्होंने सीधे तौर पर भाजपा प्रदेश मुख्यालय प्रभारी अक्षय कुमार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और बिहार के मुखिया सम्राट चौधरी के पुराने बयानों और भ्रष्टाचार विरोधी संकल्पों की याद दिलाई. फेसबुक में पोस्ट कर उन्होंने लिखा है कि मैं राजनीति में धृतराष्ट्र नहीं बन सकता हूं. मैं भगवान कृष्ण की भांति जो सत्य है,उस पथ पर ही चलूंगा.

"मुझे सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया में बिहार भाजपा प्रदेश मुख्यालय प्रभारी अक्षय कुमार के नाम से डस्टबिन घोटाला में प्रश्न करने पर जवाब मांगा गया है. अगर मुझे व्यक्तिगत फोन माध्यम, ईमेल माध्यम या व्हाट्सप्प माध्यम से मिला होता तो हम पार्टी नियम तहत व्यक्तिगत देते. लेकिन सार्वजनिक सोशल मीडिया के माध्यम सूचना मिली तो सोशल मीडिया के माध्यम से देना उचित समझे. पटना भी आकर व्यक्तिगत भी देंगे."- ओम प्रकाश यादव,पूर्व सांसद
भ्रष्टाचार पर स्पष्ट संदेश
फेसबुक पर पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा, शीर्ष नेतृत्व का हमेशा से यही नारा रहा है कि ना खाएंगे और ना ही किसी को खाने देंगे. वे इसी सिद्धांत पर अडिग हैं. इस प्रकार, उन्होंने नोटिस का जवाब देते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने रुख को सही ठहराया. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे केवल पार्टी की मूल नीतियों और राष्ट्रहित के सिद्धांतों का पालन कर रहे हैं.
संगठन में योगदान की याद
पूर्व सांसद ने भाजपा को आगे बढ़ाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका की याद भी प्रदेश मुख्यालय को दिलाई. इसके साथ ही, वे पिछले चुनाव में सीवान की जदयू की पूर्व सांसद कविता सिंह के पति अजय सिंह पर सवाल उठाने वाले पहले व्यक्ति थे. उन्होंने मीडिया में बेबाकी से उजागर किया था कि अजय सिंह पर सत्तर से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं.
"मुख्यालय प्रभारी अक्षय कुमार जी मैं आपको जानकारी देना चाहता हूं कि मैं 2009 में सांसद सिवान की जनता के आशीर्वाद से निर्दलीय सांसद उस दौर मे बना था, जिस दौर मे जिला सिवान में आंतक का दौर चल रहा था. फिर 2014 में लम्बे समय के बाद लोकसभा सिवान में कमल निशान पर सांसद बना और कमल खिला. आज दरौंदा विधानसभा में जिस पर कमल निशान का दम कर गठबंधन में मजबूती से हक दिखाया गया. वह मेरे अकेले की आवाज का परिणाम है."-ओम प्रकाश यादव,पूर्व सांसद
राजनीतिक गलियारों में हलचल
यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि अगर पार्टी मुख्यालय आदेश देगा, तो वे स्वयं पटना कार्यालय में उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण दे देंगे. उनके इस खुले रुख के बाद बिहार के राजनीतिक गलियारों में हलचल बहुत तेज हो गई है. उन्होंने सीधे शब्दों में कहा कि वे अपराध, अपराधियों और भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार अपनी लड़ाई लड़ते रहेंगे.
सत्य के मार्ग पर अडिग
उन्होंने अपने इरादे स्पष्ट करते हुए कहा कि जब वे पूरी तरह सत्य बोल रहे हैं, तो उनके मन में किसी प्रकार का डर या भय कैसा. पूर्व सांसद के इस आक्रामक और बेबाक रुख ने अब सीवान से लेकर पटना तक भारतीय जनता पार्टी के आंतरिक अनुशासन और स्थानीय गुटबाजी की राजनीतिक चर्चाओं को बेहद गर्म कर दिया है.
विवाद की मुख्य वजह
भाजपा का मानना है कि इस तरह के सार्वजनिक बयान पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं. यह पूरी कार्रवाई संगठनात्मक अनुशासन के विरुद्ध मानी गई है. दरअसल, पूरा मामला सिवान में डस्टबिन खरीद घोटाले को लेकर शुरू हुआ था. इस मामले में सोशल मीडिया पर सदर विधायक मंगल पांडेय से जनता ने तीखे सवाल पूछे थे, लेकिन उन्होंने उचित जवाब नहीं दिया था.
मीडिया के तीखे सवाल
जब मीडिया कर्मियों ने विधायक से इस घोटाले पर सवाल किया तो उनके समर्थकों ने भारत माता की जय का नारा लगाना शुरू कर दिया. जनता को कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला. इसके बाद जब पूर्व सांसद ओम प्रकाश यादव से मीडिया ने पूछा तो उन्होंने कहा कि विधायक मंगल पांडेय को इस पर जवाब देना चाहिए. उन्होंने शीर्ष नेतृत्व के भ्रष्टाचार विरोधी नारे की याद दिलाई.
नेतृत्व का सख्त रुख
यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री, गृह मंत्री एवं बिहार के मुख्यमंत्री का स्पष्ट नारा है कि ना खाएंगे ना खाने देंगे. इस बयान के ठीक दूसरे ही दिन पूर्व सांसद ओम प्रकाश यादव को भाजपा प्रदेश मुख्यालय द्वारा कारण बताओ नोटिस थमा दिया गया. पार्टी ने उनके इस बयान को पूरी तरह अनर्गल बताकर उनसे औपचारिक रूप से स्पष्टीकरण और जवाब तलब किया है.
निर्भीक नेता की छवि
भाजपा के कद्दावर नेता एवं पूर्व सांसद ओम प्रकाश यादव बेबाक बोलने एवं निडर सवाल करने वाले बड़े नेताओं में गिने जाते हैं. जब भाजपा मुख्यालय ने भ्रष्टाचार का मामला उठाने पर उनसे जवाब मांगा, तो उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की. उन्होंने कहा कि जब वे सांसद थे, तब भी उन्होंने आतंक के खिलाफ हमेशा अपनी आवाज बुलंद की थी.
सिवान की राजनीति में पूर्व भाजपा सांसद हमेशा एक्टिव मोड में रहे हैं. अपराध हो या भ्रष्टाचार हमेशा से बेखौफ बोलते हैं. सिवान के भाजपा विधायक एवं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बिहार मंगल पांडेय पर डस्टबीन खरीद में घोटाले की खबरें सोशल मोडिया पर वायरल हो रही थी ,जिसको लेकर ओमप्रकाश यादव ने भी मीडिया में उठाया है और मंगल पांडेय पर सवाल खड़ा किया था, जिसको लेकर पार्टी ने उन्हें नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था.
फिलहाल भाजपा ने अपना संदेश साफ कर दिया है कि संगठन और पार्टी नेताओं के खिलाफ सार्वजनिक बयानबाजी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अब पूर्व सांसद ओम प्रकाश यादव के जवाब से सियासी हलचल तेज हो गई है. आगे पार्टी का क्या कदम होता है उसपर सबकी नजरें टिकी हैं.
सम्राट सरकार का एक और झोल
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) August 11, 2026
डस्टबिन भी हुआ अनमोल ..
बिहार में डस्टबिन भी ‘वीवीआईपी’ हो गया !!
जिस डस्टबिन की कीमत ₹1,500 बताई जा रही है, उसे ₹15,000 में खरीदा गया है यानी कूड़ेदान छोटा, लेकिन बिल दस गुना बड़ा ..!!
सम्राट चौधरी और मंत्री मंगल पांडेय से बिहार की जनता पूछ रही है… pic.twitter.com/8QTFMlVqpZ
क्या है कथित डस्टबिन घोटाला?
विपक्ष सत्ता पक्ष पर डस्टबिन घोटाला का आरोप लगा रहा है. बीते दिनों लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने आरोप लगाते हुए कहा था कि जब बिहार में एनडीए की सरकार थी, तब यह घोटाला हुआ था. बताया जा रहा है कि उस समय स्वास्थ्य विभाग ने ₹1500 का डस्टबिन ₹15000 में खरीदा था. वहीं तेजस्वी यादव ने भी इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था और 300 करोड़ रुपए के घोटाले की बात कही थी.
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