'होम्योपैथी इलाज पर विश्वास लेकिन ऑपरेशन की जरूरत पड़ेगी तो एलोपैथी की भी व्यवस्था है', डिप्टी CM की चेतावनी
डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने गड़बड़ी करने वालों को चेतावनी दी है कि सुधर जाएं, अन्यथा 'इलाज' कर देंगे. पढ़ें पूरी खबर..

Published : January 7, 2026 at 4:23 PM IST
पटना: बिहार के उप-मुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि विभाग में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि जमीन की दाखिल-खारिज, नापी, परिमार्जन और भूमि विवाद के बहाने जो 420 का खेल चल रहा है, उसमें कार्रवाई का समय आ गया है. इसको लेकर संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिया गया है.
अंचल स्तर पर होगी मॉनिटरिंग: विजय सिन्हा ने कहा कि जिस तरह से राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग मुस्तैदी से काम कर रहा है, वैसे में आम लोगों का विश्वास बढ़ा है. लोग चाहते हैं कि जमीन संबंधी जो उनका विवाद या कागजी पेंच है, वह जल्द से जल्द सुलझ जाए. इसको लेकर लगातार जन संवाद कार्यक्रम चलाया जा रहा हैं. इससे लोगों को फायदा भी हो रहा है. उन्होंने कहा कि सिर्फ जिला स्तर पर ही नहीं, बल्कि अंचल स्तर पर भी इसकी मॉनिटरिंग होगी.
डिप्टी सीएम की सख्त चेतावनी: डिप्टी सीएम ने कहा कि विभाग के अधिकारी जो इसको लेकर लापरवाही बरतेंगे, निश्चित तौर पर उन पर भी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि अभी होम्योपैथी तरीके से इलाज किया जा रहा है लेकिन अगर बीमारी को ठीक करने के लिए ऑपरेशन की जरूरत पड़ेगी तो एलोपैथी की भी पूरी व्यवस्था है. विजय सिन्हा ने कहा कि जमीन के नाम पर अब कोई खेल नहीं होने देंगे.

"राजस्व भूमि सुधार में लोगों की अपेक्षा बढ़ा है. हम सबका प्रयास है कि उनकी अपेक्षा और विश्वास पर खरा उतरे. चमत्कार एकाएक नहीं हो सकता. बीमारी है, उसका डोज हमलोग धीरे-धीरे दे रहे हैं. अगर ज्यादा डोज एक बार में पड़ जाएगा तो अनर्थ भी हो सकता है. रिएक्शन भी हो सकता है. इसलिए थोड़ा-थोड़ा डोज देकर हम बीमारी को ठीक करना चाहते हैं."- विजय कुमार सिन्हा, डिप्टी सीएम सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री
विभागीय परिपत्र का विमोचन: उप मुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भूमि राजस्व विभाग की उपलब्धियों पर आधारित विभागीय परिपत्र का विमोचन भी किया. उन्होंने कहा कि भूमि सुधार जनकल्याण कार्यक्रम से लंबित मामलों का निष्पादन तेजी से किया जा रहा है. परिमार्जन और दाखिल-खारिज तेजी से किया जा रहा है. जमीन नापी भी काफी तेजी से हो रही है. लंबित मामलों की संख्या में 4 हजार से अधिक कमी आई है.
राजस्व एवं भूमि सुधार व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उप समाहर्ताओं (DCLR) के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की गई। लंबित दाखिल-खारिज व परिमार्जन मामलों के समयबद्ध निपटारे, किसानों के अभिलेख अद्यतन, जनकल्याण संवाद के निर्णयों की गुणवत्ता, और भू-माफियाओं के विरुद्ध सख़्त… pic.twitter.com/Iwp2diOPGy
— Vijay Kumar Sinha (@VijayKrSinhaBih) January 7, 2026
मकर संक्रांति के बाद आंकड़ा जारी: विजय सिन्हा ने कहा कि मकर संक्रांति के बाद भूमि राजस्व विभाग का आंकड़ा जारी किया जाएगा. उन्होंने कहा कि लोगों के आवेदन पर कार्रवाई 19 प्रतिशत से बढ़ कर 69 प्रतिशत हो गई है. निष्पादन 11 हजार से बढ़कर 27 हजार हो गया है. कुछ लोगों की निष्क्रियता और गलत प्रैक्टिस के कारण शिथिलता आई है, उसे भी जल्द दूर किया जा रहा है.
लंबित मामलों में काफी कमी: राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में प्राप्त आवेदनों का निष्पादन दर कार्यकाल के प्रारंभ में 75.30 प्रतिशत था, जो वर्तमान में बढ़कर 82 प्रतिशत हो गया है. लंबित मामलों के संख्या में भी 30 हजार से अधिक की कमी आई है. वहीं वित्तीय वर्ष में प्राप्त आवेदनों का निष्पादन दर कार्यकाल के प्रारंभ में 65.16 प्रतिशत था, जो वर्तमान में बढ़कर 74.41 प्रतिशत हो गया है. लंबित मामलों के संख्या में भी 90 हजार से अधिक की कमी आई है.
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