बिहार के उपमुख्यमंत्री बोले- 'जमीन समस्या को लेकर 4 स्तर पर शिकयात करें, नहीं हुआ समाधान तो हमारे पास आएं'
बिहार में कई आपराधिक वारदातों के पीछे भूमि विवाद मुख्य वजह बनता है. ऐसे में सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है. पढ़ें खबर

Published : December 12, 2025 at 6:08 PM IST
पटना : बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने भूमि विवाद को 'बीमारी' की तरह करार दिया. कहा कि इसे जितनी देर तक खींचा जाता है, उतनी मुश्किलें बढ़ती हैं. इसलिए दाखिल-खारिज, मापी तथा परिमार्जन जैसे मामलों को प्राथमिकता में रखकर तुरंत समाधान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में अनावश्यक देरी न होने पाए. उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि इन सभी समस्याओं का निवारण तय समय सीमा में हो सके.
शिकायत दर्ज करने की नई प्रक्रिया : उप मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि किसी भी समस्या के समाधान के लिए पहले स्थानीय स्तर पर शिकायत दर्ज करें. अंचल कार्यालय और पुलिस थाना में प्राथमिक शिकायत दें. इसके बाद मामला अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) और जिलाधिकारी (DM) तक पहुंचाएं. यदि फिर भी मामला लंबित रहे, तब मंत्री स्तर पर सुनवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि जिन लोगों की कहीं सुनवाई नहीं हुई है, उनके मामलों को तुरंत प्राथमिकता दी जाएगी.
''जमीन से जुड़े मामलों में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करने के लिए ऐसे लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. यदि कोई व्यक्ति मेरा नाम लेकर किसी तरह की पैरवी करता है, तो उस पर तत्काल कार्रवाई होगी.''- विजय कुमार सिन्हा, उप मुख्यमंत्री, बिहार
'भौकाल नहीं, समाधान की राजनीति' : उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार दिखावे की राजनीति में विश्वास नहीं करती. उन्होंने कहा, 'हम भौकाल नहीं बनाते, क्योंकि भौकाल से समस्या और बढ़ती है. हम सहयोग और सरोकार की राजनीति करते हैं.' उन्होंने घोषणा की कि पटना में हर सप्ताह भूमि संबंधित मामलों की नियमित सुनवाई होगी और जिले-दर-जिले ऐसे संवाद कार्यक्रम चलाए जाएंगे.

'भूमि सुधार जनकल्याण संवाद' : पटना भूमि सुधार से जुड़े मामलों में तेजी लाने के उद्देश्य से बिहार सरकार ने बड़ी पहल की है. उप मुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने पटना स्थित अपने आवास पर 'भूमि सुधार जनकल्याण संवाद' का शुभारंभ किया. कार्यक्रम में राजधानी के विभिन्न अंचलों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे, जो लंबे समय से जमीन से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे थे.
आज 03 स्टैंड रोड, पटना (सरकारी आवास) में #भूमि_सुधार_जन_कल्याण_संवाद आयोजित किया, जहाँ पटना जिले से भूमि संबंधी सैकड़ों आवेदन प्राप्त हुए। प्रत्येक लोगों की समस्या को विभागीय पदाधिकारियों, अपर समाहर्ता, उप समाहर्ता, अंचल अधिकारी तथा संबंधित भूमि राजस्व कर्मचारियों के समक्ष सुना।… pic.twitter.com/9GIfMwDEUm
— Vijay Kumar Sinha (@VijayKrSinhaBih) December 12, 2025
जनता को दिया तुरंत समाधान का भरोसा : शुभारंभ के दौरान विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि जमीन से संबंधित मामलों में देरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने घोषणा की कि संवाद के दौरान प्राप्त शिकायतों का यथासंभव मौके पर ही निपटारा किया जाएगा. मंत्री ने स्पष्ट किया कि हर गंभीर मामले पर वे स्वयं नजर रखेंगे और समाधान तक फॉलोअप करेंगे.
अधिकारियों की व्यापक मौजूदगी : इस संवाद कार्यक्रम में पटना जिले के सभी अंचलाधिकारी (CO), उप समाहर्ता, राजस्व कर्मी और विभागीय अधिकारी मौजूद थे. कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि लोग अपनी समस्या सीधे उस अधिकारी के सामने रख सके, जिसे कार्रवाई करनी होती है. उप मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मॉडल को आगे बिहार के सभी जिलों में लागू किया जाएगा.

संवाद कार्यक्रम में जमीन संबंधी कई प्रमुख विषयों पर सुनवाई की गई. इनमें शामिल हैं:-
- दाखिल-खारिज
- परिमार्जन
- मापी
- अतिक्रमण
- भूमि विवाद
- ग्रामीण जन शिकायत
- भूमि पोर्टल से जुड़ी तकनीकी परेशानियां
जनता को राहत देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम : सरकार का मानना है कि जमीन से जुड़े विवाद आम नागरिक के लिए सबसे ज्यादा पीड़ादायक होते हैं और इनका समय पर समाधान बड़ी राहत देता है. 'भूमि सुधार जनकल्याण संवाद' के जरिए सरकार सीधे जनता के बीच जाकर उनकी मुश्किलों को सुन रही है और अधिकारियों के साथ मौके पर ही समाधान की कोशिश कर रही है. इस पहल से हजारों लोगों को उम्मीद है कि अब लंबित भूमि मामलों का रास्ता साफ होगा.
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