बिहार कांग्रेस जिला और प्रखंड स्तर पर कमजोरी को खोजेगी, 8 जनवरी तक का रखा लक्ष्य
सदाकत आश्रम में जिला पर्यवेक्षकों की बैठक हुई. इसमें यह तय किया गया कि पार्टी कमजोरी को ढूंढेगी. पढ़ें खबर


Published : December 25, 2025 at 8:29 PM IST
पटना : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का परिणाम कांग्रेस के लिए अच्छा नहीं रहा. चुनाव में कांग्रेस पार्टी केवल 6 सीटों पर सिमट गई. पार्टी के सभी सीनियर लीडर को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा. चुनाव परिणाम के बाद पार्टी में लगातार समीक्षा बैठक हो रही है. आज पार्टी के प्रदेश कार्यालय सदाकत आश्रम में जिला पर्यवेक्षकों की आवश्यक बैठक बुलाई गई. जिसमें पार्टी की मजबूती को लेकर रूप रेखा तैयार की गई.
सदाकत आश्रम में बैठक : पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम की नेतृत्व में आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय सदाकत आश्रम में जिला पर्यवेक्षकों की बैठक आयोजित हुई. बैठक में आगामी 8 जनवरी तक जिला और प्रखंडों का दौरा कर मजबूत और कमजोर नेतृत्वकर्ताओं को चिह्नित कर 9 जनवरी को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया गया.

मजबूत और कमजोर की पहचान : राजेश राम की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में संगठन की आगामी कार्ययोजना एवं अब तक किए गए संगठनात्मक कार्यों की समीक्षा को लेकर विस्तृत चर्चा की गई. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने अपने संबोधन में जिला पर्यवेक्षकों को पंचायतों से लेकर प्रखंड और जिला स्तर पर मजबूत कांग्रेसजनों को चिह्नित करने का लक्ष्य भी दिया. साथ ही कमजोर नेतृत्वकर्ताओं को चिह्नित करने का रिपोर्ट भी सौंपने का निर्देश दिया.
"संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत करना है. जनसमस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर उठाने तथा पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों को आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के निर्देश दिए गए."- राजेश राम, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में जिला पर्यवेक्षकों की आवश्यक बैठक सम्पन्न हुई।
— Bihar Congress (@INCBihar) December 25, 2025
बैठक की अध्यक्षता बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री @rajeshkrinc जी ने की। pic.twitter.com/RDZsl1iTTu
कार्यकर्ताओ से संवाद : आज की बैठक में संगठन की मजबूती के लिए निरंतर संवाद, अनुशासन और सक्रियता पर जोड़ दिया गया. आगामी कार्यक्रमों की सफलता सुनिश्चित करने के लिए सभी जिला पर्यवेक्षकों को समन्वय और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया गया. संगठन की मजबूती के लिए जिला स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों, सदस्यता अभियान, जनसंपर्क कार्यक्रमों तथा भविष्य की रणनीतियों पर भी विचार-विमर्श किया गया, ताकि पार्टी का संगठन फिर से मजबूत हो.
कमजोरी कड़ी कौन? : विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद पार्टी में विरोध का दौर चल रहा है. पार्टी के अनेक नेता खुलकर विधानसभा चुनाव में हुई पार्टी के खराब प्रदर्शन के लिए प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी को दोषी बताते रहे हैं. संगठन की मजबूती के लिए दिल्ली से लेकर पटना स्तर तक कई दौर की बैठक हो चुकी है. एक बार फिर से पार्टी पर्यवेक्षक के माध्यम से इसको पता लगाने की तैयारी कर रही है कि आखिर पार्टी की कमजोरी कड़ी कौन है और कैसे पार्टी को मजबूत किया जा सकता है.
ये भी पढ़ें :-
बिहार कांग्रेस में ताबड़तोड़ एक्शन, 15 जिला अध्यक्षों को नोटिस, जानें कौन-कौन हैं शामिल
RJD से अलग होगी कांग्रेस! बिहार में हार के बाद नेताओं ने गठबंधन पर उठाए सवाल

