4700 स्कूटर, 10 हजार की फेलोशिप.. सम्राट चौधरी का बिहार की महिलाओं को रक्षाबंधन गिफ्ट
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी रक्षाबंधन से पहले बिहार की महिलाओं को बड़ा तोहफा दिया है. पढ़ें अविनाश की रिपोर्ट


Published : August 26, 2026 at 6:45 PM IST
पटना : बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को रक्षाबंधन से पहले बिहार की बेटियों और बहनों की सुरक्षा, शिक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए तीन महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत की. पटना के ज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 'पुलिस दीदी (अभया ब्रिगेड)' के लिए 4,700 स्कूटर और मोटरसाइकिल का लोकार्पण एवं फ्लैग ऑफ किया. इस दौरान महिला पुलिसकर्मियों ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी.
अभया ब्रिगेड को 4700 दोपहिया वाहन : मुख्यमंत्री ने कहा कि इन दोपहिया वाहनों से महिला पुलिसकर्मी स्कूल-कॉलेज जाने वाली छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े कार्यों को अधिक प्रभावी तरीके से संचालित कर सकेंगी. उन्होंने कहा कि बिहार में करीब 40 हजार महिला पुलिसकर्मी कार्यरत हैं, जो देश के किसी भी राज्य के पुलिस बल में महिलाओं की बड़ी भागीदारी को दर्शाता है. सम्राट चौधरी ने कहा कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी ही समृद्ध बिहार की पहचान बनेगी.

छात्राओं को हर महीने 10 हजार की फेलोशिप : सम्राट चौधरी ने कहा कि, सरकार का लक्ष्य है कि बिहार की महिलाएं अपनी प्रतिभा और क्षमता के बल पर राज्य की तकदीर बदलें और विकास में महत्वपूर्ण भागीदार बनें. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप’ योजना का भी शुभारंभ किया.
''इसके तहत करीब 1,000 छात्राओं को चार वर्षों तक हर महीने 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. उन्होंने कहा कि बेटियों को उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है.'' - सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री, बिहार
'बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना' : मंत्री ने 'बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना' की भी शुरुआत की. इसके तहत महिला उद्यमियों को नवाचार और उद्यम को आगे बढ़ाने के लिए 50 हजार रुपये से दो लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी. योजना से करीब 2,100 महिलाओं को लाभ मिलेगा.
'43 लाख जीविका दीदियां लखपति' : मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की अर्थव्यवस्था में जीविका दीदियों का योगदान 1.36 लाख करोड़ रुपये का है और राज्य की 43 लाख जीविका दीदियां लखपति दीदी बन चुकी हैं. सरकार आने वाले वर्षों में एक करोड़ और जीविका दीदियों को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है.
रक्षाबंधन के मौके पर बिहार की बहनों के लिए खास!
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) August 26, 2026
रक्षाबंधन के पावन अवसर पर ज्ञान भवन, पटना में गृह विभाग एवं शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल होकर बिहार की बहनों की सुरक्षा, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के संकल्प का नव आरंभ किया।
महिलाओं की उच्च शिक्षा एवं उद्यमिता को… pic.twitter.com/coIrz3LfJa
''आपातकालीन सेवा 112 का प्रतिक्रिया समय 10 मिनट से कम हो गया है और नई व्यवस्थाओं के बाद इसे पांच से सात मिनट से भी कम करने का लक्ष्य है. महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और अन्य क्षेत्रों में अभियान जारी रहेगा. सरकार का लक्ष्य एक करोड़ महिलाओं को इन गतिविधियों से जोड़ना है.'' - सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री, बिहार
'महिलाओं की उन्नति ही बिहार की प्रगति' : मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायतों और नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है और बिहार में करीब 59 प्रतिशत महिलाएं जनप्रतिनिधि चुनकर आ रही हैं. उन्होंने कहा कि महिलाओं की उन्नति ही बिहार की प्रगति है. बेटियों को सुरक्षित, शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाकर ही समृद्ध बिहार का निर्माण किया जा सकता है.
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