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बिहार के बुजुर्गों को बड़ी राहत, अब घर बैठे मिलेगा इलाज, जांच से लेकर इमरजेंसी तक सुविधा

बिहार में लोगों को सुविधा प्राप्त हो इसको लेकर सरकार लगातार काम कर रही है. इसी कड़ी में नीतीश कुमार ने बड़ी जानकारी दी. पढ़ें

NITISH KUMAR
कॉसेप्ट फोटो (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : January 3, 2026 at 6:10 PM IST

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पटना : बिहार सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक अहम और राहत भरा फैसला लिया है. सात निश्चय पार्ट-3 के तहत अब बुजुर्गों को घर बैठे इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. इस पहल का उद्देश्य राज्य के जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों को समय पर और सहज रूप से स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें छोटी-बड़ी जांच या इलाज के लिए बार-बार अस्पतालों के चक्कर न लगाने पड़ें.

क्यूआर कोड जारी : सरकार ने कहा है कि वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को और आसान बनाने के लिए किन-किन अतिरिक्त सुविधाओं की आवश्यकता है, इसे भी चिह्नित किया जाना जरूरी है. इस संबंध में राज्य के नागरिकों से सुझाव आमंत्रित किए गए हैं, ताकि बुजुर्गों के हित में और बेहतर योजनाएं तैयार की जा सकें. इस संबंध में क्यूआर कोड भी जारी किया गया है जिस पर स्कैन कर सुझाव दिए जा सकते हैं.

Nitish Kumar
जारी किया गया QR कोड (ETV Bharat)

न्याय के साथ विकास के सिद्धांत पर निर्णय : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस योजना को समाज के प्रति सरकार की जिम्मेदारी का अहम हिस्सा बताया है. उन्होंने कहा कि 24 नवंबर 2005 को जब से राज्य में उनकी सरकार बनी है, तब से 'न्याय के साथ विकास' के सिद्धांत पर चलते हुए समाज के सभी वर्गों के उत्थान और हर क्षेत्र के विकास के लिए लगातार काम किया गया है.

''सरकार पूरे बिहार को अपना परिवार मानती है. हर नागरिक के मान-सम्मान और सुविधा का पूरा ख्याल रखना उसकी प्राथमिकता है.''- नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री

सभी वर्ग के लोग सम्मान के साथ जीवन जिए : सीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य है कि राज्य में समाज के हर वर्ग के लोग सम्मान के साथ और आसानी से अपना जीवन व्यतीत कर सकें. इसी सोच के तहत वर्ष 2025 से 2030 के लिए सात निश्चय-3 के कार्यक्रमों को लागू किया गया है, ताकि बिहार को देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल किया जा सके.

''सात निश्चय-3 के तहत सातवां निश्चय 'सबका सम्मान-जीवन आसान' यानी Ease of Living को विशेष रूप से आम लोगों की दैनिक जीवन से जुड़ी कठिनाइयों को कम करने के लिए तैयार किया गया है. इस निश्चय का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और प्रशासनिक व सामाजिक स्तर पर जीवन को सरल बनाना है. इसी क्रम में वरिष्ठ नागरिकों के लिए घर बैठे स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का फैसला किया गया है.''- नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री, बिहार

घर पर मिलेंगी यह सुविधाएं : सरकार की पहली प्राथमिकता यह है कि राज्य के जरूरतमंद बुजुर्गों को जरूरत के समय उनके घर पर ही अत्यावश्यक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें. इसके तहत कई तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. इनमें नर्सिंग सहायता की सुविधा शामिल है, जिससे बुजुर्गों को नियमित देखभाल और जरूरी चिकित्सा सहयोग घर पर ही मिल सकेगा. इसके साथ ही घर पर ही पैथोलॉजी जांच की सुविधा दी जाएगी, जिससे खून और अन्य आवश्यक जांच के लिए लैब तक जाने की मजबूरी नहीं रहेगी.

इमरजेंसी में घर पर मेडिकल सर्विस : योजना के तहत ब्लड प्रेशर जांच और ईसीजी जैसी जरूरी जांच भी घर पर ही कराई जा सकेगी. यह सुविधा खासतौर पर हृदय रोग या अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी. इसके अलावा फिजियोथेरेपी की सुविधा भी घर पर उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे चलने-फिरने में परेशानी झेल रहे बुजुर्गों को राहत मिलेगी.

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आपातकालीन स्थिति में डॉक्टर और नर्सिंग सहायता सहित सभी प्रकार की चिकित्सकीय मदद भी घर पर ही उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है. इससे गंभीर हालात में बुजुर्गों को समय पर इलाज मिल सकेगा और उनकी जान बचाने में मदद मिलेगी.

NITISH KUMAR
नीतीश कुमार (ETV Bharat)

स्वास्थ्य विभाग को दिए निर्देश : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बताया कि इन सभी सुविधाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को तेजी से काम करने के निर्देश दिए गए हैं. सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि योजना का लाभ सही मायने में जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों तक पहुंचे.

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