कॉमनवेल्थ गेम्स पदक विजेताओं का सम्मान, CM ने झंडू कुमार को 15 और सोमन राणा को 30 लाख का चेक सौंपा
नेशनल स्पोर्ट्स डे के मौके पर पैरा एथलीट सोमन राणा और झंडू कुमार को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया. रिपोर्ट- कृष्णनंदन


Published : August 29, 2026 at 11:37 PM IST
पटना: राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को राष्ट्रमंडल खेल 2026 में पदक जीतकर राज्य और देश का गौरव बढ़ाने वाले पैरा एथलीट खिलाड़ियों सोमन राणा और झंडू कुमार को सम्मानित किया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने दोनों खिलाड़ियों को सम्मान राशि का चेक, अंगवस्त्र और प्रतीक चिह्न प्रदान किया.
सोमन राणा और झंडू कुमार सम्मानित : लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पुरुष एफ-57 शॉट पुट में स्वर्ण पदक जीतने वाले सोमन राणा को 30 लाख रुपये तथा पुरुष पैरा पावरलिफ्टिंग में कांस्य पदक हासिल करने वाले झंडू कुमार को 15 लाख रुपये की सम्मान राशि का चेक सौंपा. मुख्यमंत्री ने दोनों खिलाड़ियों से बातचीत कर राष्ट्रमंडल खेलों के अनुभवों की जानकारी ली और उनकी उपलब्धियों के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं.
क्या बोले मुख्यमंत्री? : इस अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सोमन राणा और झंडू कुमार ने अपने शानदार प्रदर्शन से न केवल देश का गौरव बढ़ाया है, बल्कि बिहार को भी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर गौरवान्वित किया है. उन्होंने कहा कि दोनों खिलाड़ियों को सम्मानित करना पूरे बिहार के लिए गौरव की बात है.
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— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) August 29, 2026
''बिहार सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उन्हें बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं तथा आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है. राज्य के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं.'' - सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री
गर्व की अनुभूति - झंडू कुमार : झंडू कुमार ने ईटीवी से बातचीत में बताया कि भारत के लिए और बिहार के लिए पदक जीतने पर बहुत अच्छा लग रहा है. हर जगह स्वागत हो रहा है और सभी सम्मान कर रहे हैं. वाकई उन्हें गर्व की अनुभूति हो रही है. उन्होंने बताया कि कुछ वर्षों पहले तक बिहार में पैरा खिलाड़ियों के लिए कुछ अवसर नहीं था. काफी संघर्ष करना पड़ता था.

''लेकिन जब से बिहार राज्य खेल प्राधिकरण बना, राज्य में हर प्रकार के खेल और खिलाड़ियों के लिए स्थिति बेहतर हो गई. अब खेल में सरकार की तरफ से भी काफी सपोर्ट किया जा रहा है. पहले खिलाड़ी भी विभिन्न अवसर के बारे में अच्छे से नहीं जान पाते थे लेकिन अब सरकार की ओर से ही खिलाड़ियों को हर अवसर की जानकारी दी जा रही है.'' - झंडू कुमार, राष्ट्रमंडल खेल 2026 पदक विजेता
'कड़ी ट्रेनिंग और अनुशासन से मिली सफलता' : झंडू कुमार ने कहा कि सरकार बहुत लेवल पर काम कर रही है और हर होने वाले टूर्नामेंट के लिए खिलाड़ियों को तैयार कर रही है. कई सारी स्कॉलरशिप की स्कीम चलाई जा रही है जिससे होनहार खिलाड़ी लाभान्वित हो रहे हैं. कॉमनवेल्थ के अनुभव बर्बाद करते हुए कहा कि यह अनुभव बेहद शानदार रहा और वहां का मौसम भी अच्छा था. उन्होंने कहा कि उनकी ट्रेनिंग सुबह 5 बजे से शुरू हो जाती है और रात 9 बजे वह सोने चले जाते हैं.

''जब कोई बड़ा कंपटीशन होता है तो एक महीना पहले से ही वह सोशल मीडिया से दूरी बना लेते हैं और मोबाइल का इस्तेमाल सिर्फ सुबह शाम घर पर बात करने के लिए होता है. युवा खिलाड़ियों को यही कहेंगे कि खुद पर भरोसा करो और मेहनत करते रहो, ट्रेनिंग में कभी कमी नहीं रखना है. ऐसा रहेगा तो सफलता जरूर मिलेगी.'' - झंडू कुमार, राष्ट्रमंडल खेल 2026 पदक विजेता
कौन हैं पैरा एथलीट झंडू कुमार? : नालंदा जिले के हरनौत में वर्ष 1997 में जन्मे झंडू कुमार का जीवन भी संघर्षों से भरा रहा है. बचपन में ही वह पोलियो से प्रभावित हो गए थे, जिससे उनके पैरों की गतिशीलता प्रभावित हुई. उनके इलाज में परिवार की सीमित आर्थिक बचत खर्च हो गई और परिवार को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. इसके बावजूद झंडू कुमार ने अपने संघर्ष को कमजोरी नहीं बनने दिया और दृढ़ संकल्प तथा लगातार मेहनत के जरिए अंतरराष्ट्रीय खेल मंच तक अपनी पहचान बनाई.

पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में कांस्य पदक जीता : राष्ट्रमंडल खेल 2026 में झंडू कुमार ने पुरुष पैरा पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर बिहार के साथ-साथ पूरे देश को गौरवान्वित किया. बीते दिनों 'खेलो इंडिया संवाद' के दौरान प्रधानमंत्री ने झंडू कुमार की संघर्षपूर्ण यात्रा और उनकी उपलब्धियों की विशेष रूप से सराहना की थी.
कौन हैं पैरा एथलीट सोमन राणा? : ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में शॉट पुट में गोल्ड जीतने वाले पर एथलीट सोमन राणा ने ईटीवी से बातचीत में बताया कि मेडल जीतने का अनुभव बहुत शानदार रहा क्योंकि देश के लिए मेडल जीतना वाकई गौरव का पल होता है. यह पदक सभी के सपोर्ट से आया है, क्योंकि वह अकेले कुछ नहीं कर सकते थे.

''राज्य और देश से हर तरफ से पूरा सपोर्ट मिला है. अभी बिहार सरकार ने मेडल लाओ नौकरी पाओ की योजना जो शुरू की है, वह बहुत ही प्रेरित करने वाला है क्योंकि इससे खिलाड़ी को एक बल मिलता है. खिलाड़ी को आर्थिक रूप से सशक्त बनने का मौका मिलता है जिसकी उम्मीद में वह अपना पूरा मेहनत लगाते हैं.'' - सोमन राणा, शॉट पुट में गोल्ड मेडल विजेता

बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवीन्द्रण शंकरण ने कहा कि दोनों खिलाड़ियों ने राष्ट्रमंडल खेल में पदक जीतकर न केवल बिहार का गौरव बढ़ाया है, बल्कि राज्य के अन्य खिलाड़ियों का भी हौसला बढ़ाया है.
''बिहार में खेल निरंतर आगे बढ़ रहा है और इंटरनेशनल इवेंट में देश का प्रतिनिधित्व करने वाले राज्य के खिलाड़ियों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है.'' - रवीन्द्रण शंकरण, महानिदेशक, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण
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