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बिहार में 52000 शिक्षकों की होगी बहाली, 60204.60 करोड़ रुपए के बजट चर्चा में बोले शिक्षा मंत्री

बिहार में जल्द ही सरकार 52000 शिक्षकों की बहाली करने जा रही है. इसके लिए बजट में प्रावधान किया गया है. पढ़ें पूरी खबर-

Bihar Budget Session 2026
बिहार बजट सत्र (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : February 19, 2026 at 9:07 PM IST

5 Min Read
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पटना : बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आज शिक्षा विभाग के बजट पर चर्चा हुई. शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने चर्चा के लिए 60,204.60 करोड़ रुपये का बजट सदन पटल पर रखा. विपक्षी सदस्यों ने जहां शिक्षा की बदहाली का आरोप लगाया गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर भी सवाल खड़ा किया. मंत्री के जवाब का बहिष्कार भी किया.

बिहार में शिक्षा पर राष्ट्रीय औसत खर्च से ज्यादा : हालांकि शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि बिहार में राष्ट्रीय औसत से भी अधिक शिक्षा पर खर्च हो रहा है. छात्र-शिक्षक रेशियो अब काफी कम हो गया है. तो वहीं ड्रॉप आउट 1% से भी कम है. शिक्षा मंत्री ने मैट्रिक परीक्षा में छात्रा को इंटर नहीं करने देने पर सफाई भी दी. कहा इस मामले को मैं देखूंगा. वहीं अशोक चौधरी के डिग्री पर भी सफाई दी.

देखें रिपोर्ट- (ETV Bharat)

चर्चा के बाद सरकार का जवाब : शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि हमें उम्मीद थी कि विपक्ष के तरफ से कुछ सकारात्मक बातें आती. उन्नत शिक्षा उज्जवल भविष्य के सात निश्चय-3 के तहत हम लोग काम कर रहे हैं. बिहार में वर्ष 2005 में शिक्षा विभाग का बजट 4400 करोड़ था जो 2025-26 से बढ़कर 60964 करोड़ रुपए हो गया था.

''2026-27 में 60,204.60 करोड़ रुपये का बजट है. अब राष्ट्रीय औसत 14% से अधिक बिहार का शिक्षा बजट है. पहले शिक्षा का क्या हाल था, स्कूल की कमी थी आधारभूत संरचना का अभाव था, शिक्षकों की कमी थी.''- सुनील कुमार, शिक्षा मंत्री, बिहार

बिहार की योजना दूसरे देश अपना रहे : शिक्षा मंत्री ने कहा कि कुछ सदस्यों ने वेतन को लेकर आरोप लगाया है तो 5,87,000 शिक्षकों को हर महीने 5 तारीख को वेतन दे दिया जाता है. वेतन देने में कहीं कोई समस्या नहीं है. शिक्षा मंत्री ने कहा कि बिहार की साइकिल योजना दूसरे देश भी अपना रहे हैं. जांबिया और माले में यह योजना काफी सफल रही है.

विपक्षी सदस्यों ने किया हंगामा : शिक्षा की बदहाली का आरोप लगाकर विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया. शिक्षा मंत्री ने कहा की 2005 के समय 12% से अधिक बच्चे स्कूल से बाहर थे आज 1% से भी कम रह गए हैं. शिक्षक छात्र रेशियों पर बोलते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि- ''पहले 65 छात्र पर एक शिक्षक थे, आज 29 छात्र पर एक शिक्षक हैं. बिहार में अब विश्वविद्यालयों की संख्या 15 हो गई है और निजी विश्वविद्यालय की संख्या आठ हो गई है, जो पहले जीरो था.''

''केवल दो विश्वविद्यालय में सेशन पीछे है. अधिकांश विश्वविद्यालय में सेशन समय पर आ गया है और इसमें राज्यपाल की भूमिका महत्वपूर्ण रही है. आने वाला समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का होने वाला है. बिहार सरकार ने MoU किया है. बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेज में मुफ्त में पढ़ाई छात्रों को कराई जाएगी.'' - सुनील कुमार, शिक्षा मंत्री, बिहार

हर प्रखंड में बनेंगे मॉडल स्कूल : शिक्षा विभाग ने बजट में हर प्रखंड में एक मॉडल स्कूल की स्थापना किए जाने का प्रस्ताव रखा है, इसके लिए 800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. नए एजुकेशन सिटी का निर्माण किया जाएगा. 200 करोड़ रुपये से पुराने प्रतिष्ठित संस्थानों को सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा.अगले एक साल में 6 लाख शिक्षकों को ट्रेंड किया जायेगा.

52000 शिक्षकों की होगी बहाली : स्कूलों में अगले एक साल में 210 करोड़ रुपये से नई बिल्डिंग का निर्माण किया जाएगा. रिपेयरिंग पर 194 करोड़ रुपये का खर्च किया जाएगा. इस वित्तीय वर्ष में पहली से आठवीं तक के बच्चों को 12.50 करोड़ की किताब और डायरी का वितरण किया जाएगा. 45000 शिक्षकों की बहाली की जाएगी, 7000 शिक्षक दिव्यांग बच्चों के लिए भी बहाली होगी.

विपक्ष ने शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल : पूर्व शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने बिहार की शिक्षा की बदहाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिहार सरकार के ही आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट को देख लें कि बिहार में शिक्षा की क्या स्थिति है, उसका आइना दिख जाएगा. बड़े पैमाने पर छात्र ड्रॉप आउट हो रहे हैं और शिक्षा मंत्री का जो जवाब है वह सुशासन की सरकार का जवाब है.

लेट होने पर परीक्षा नहीं देने का उठा मुद्दा : चंद्रशेखर ने 3 मिनट लेट होने पर छात्र को परीक्षा नहीं देने पर निशाना साधा और कहा कि शिक्षा मंत्री को पूरे मामले में संज्ञान लेकर दोषी पर कार्रवाई करनी चाहिए. वहीं उर्दू शिक्षकों की बहाली नहीं करने पर एआईएमआईएम ने सरकार पर उर्दू की उपेक्षा का आरोप लगाया. अख्तरुल इमान ने कहा कि बिहार में तो मानव संसाधन ही है, ना खनिज है, न कल कारखाने हैं, लेकिन सरकार ने उस पर भी ध्यान नहीं दिया और इसी कारण आज सबसे ज्यादा पलायन हो रहा है.

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