एक मिनट देर और परीक्षा से बाहर..8 फीट दीवार फांदकर भी Exam नहीं दे पाए परीक्षार्थी
मैट्रिक परीक्षा में देर से आने वाले परीक्षार्थियों को केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया. परीक्षार्थी और अभिभावकों ने प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया.

Published : February 17, 2026 at 2:05 PM IST
|Updated : February 17, 2026 at 2:12 PM IST
पटना/बेतिया/बक्सर: बिहार में मैट्रिक परीक्षा की शुरुआत मंगलवार से हो गयी. हालांकि इंटर परीक्षा की तरह मैट्रिक परीक्षा में देर होने के कारण परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया. राज्य के कई जिलों में ऐसे मामले सामने आये, जहां परीक्षार्थी को केंद्र में प्रवेश नहीं मिला.
'9 बजे बंद कर दिया गेट': पटना मिलर हाई स्कूल के बाहर ऐसा ही नजारा देखने को मिला. केंद्र के बाहर परीक्षार्थी और अभिभावक दोनों परेशान रहे. एक परीक्षार्थी के अभिभावक ने कहा कि देर नहीं हुई थी. दो परीक्षार्थी 9 बजे तक केंद्र में पर पहुंच गए थे, लेकिन कर्मियों ने ठीक 9 बजे गेट बंद कर दिया.
'ट्रेन लेट हुई तो मेरी क्या गलती'?: एक अभिभावक ने बताया कि उनके साथ आए 4 परीक्षार्थी परीक्षा से वंचित हो गए हैं. नवादा से ट्रेन से आ रहे थे. ट्रेन लेट हुई तो इसमें मेरी क्या गलती है. परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं करने दिया गया. अभिभावकों ने बताया कि ट्रेन लेट होना और शहर में ट्रैफिक जाम होना, इसमें परीक्षार्थियों की गलती कहां है. ऐसा नहीं करना चाहिए.
1 मिनट की देरी से परीक्षा से वंचित: बेतिया में सेंट टेरेसा और उर्दू अमना हाई स्कूल में देरी के कारण परीक्षार्थियों को प्रवेश नहीं दिया गया. छात्रा ने सेंट टेरेसा स्कूल की दीवार फांदकर प्रवेश करने की कोशिश की लेकिन छात्रा को रोक दिया गया. बेतिया के उर्दू अमना स्कूल में 1 मिनट से देरी पर पहुंची दो छात्राओं को रोते -बिलखते वापस अपने घर जाना पड़ा.

'बाइक खराब हो गयी तो क्या करें'?: बेतिया सेंट टेरेसा परीक्षा केंद्र पर छात्राएं दीवार फांदकर केंद्र के अंदर जाने की कोशिश करते रहे, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली. परीक्षा दिलाने आए अभिभावकों ने कहा कि अगर शिक्षक लेट से आएंगे तो उन्हें एंट्री दे दी जाएगी, लेकिन परीक्षार्थी को वंचित कर दिया गया है. अगर रास्ते में बाइक खराब हो गयी, जाम लग गया तो इसमें मेरी क्या गलती है.
'एक साल बर्बाद': 'तुम लेट आयी हो इसलिए नहीं जाने देंगे..' बेतिया के परीक्षा केंद्र पर रोती-बिलखती छात्रा खुशी कुमारी अपनी आपबीती सुनायी. कहा कि मैं अकेली हूं. लेट होने के कारण मुझे बाहर ही रोक दिया गया. कई छात्राओं को केंद्र के बाहर रोक दिया गया. अब मेरा एक साल बर्बाद हो जाएगा.
"मैं अकेली आयी हूं. चार और छात्राएं हैं. केंद्र पर आए तो कहा कि तुम लेट हो गयी हो नहीं जाने देंगे. कई छात्राओं को नहीं जाने दिया गया. मेरा एक साल बर्बाद हो गया." -खुशी कुमारी, छात्रा

8 फीट ऊंची दीवार फांदी: बक्सर में भी यह नजारा दिखा. परीक्षा के पहले ही दिन नगर थाना क्षेत्र स्थित एमपी हाई स्कूल परीक्षा केंद्र पर घटित एक घटना पूरे जिले में चर्चा का विषय रहा, जब एक मिनट विलंब से पहुंची छात्रा ने 8 फीट ऊंची दीवार फांदकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश किया, इसके बावजूद परीक्षा से वंचित हो गए. केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया.
क्या है नियम: पहली पाली की परीक्षा 9:30 से 12:45 बजे तक है. बिहार बोर्ड के नियम के अनुसार परीक्षार्थियों को आधा घंटा पहले 9 बजे तक केंद्र में प्रवेश करना है. 9 बजे के बाद किसी परीक्षार्थी को एंट्री नहीं दी जाएगी. दूसरी पाली की परीक्षा 02:00 से 5:15 बजे तक है. ऐसे में परीक्षार्थियों को 1:30 बजे तक केंद्र में प्रवेश करना है.

1699 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा: मैट्रिक परीक्षा में बिहार में 1699 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. कुल 1512687 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं. इनमें 785722 छात्राएं और 726961 छात्र हैं. पहली पाली में 758633 जबकि दूसरी पाली में 754054 परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं. पहले दिन राज्यभर में भाषा विषय की परीक्षा आयोजित की गयी.
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