'मेरे से नहीं होगा अब..' CBSE की परीक्षा के प्रेशर में छात्रा ने उठाया आत्मघाती कदम
भोजपुर में CBSE-इंटरमीडिएट की परीक्षा देने वाली छात्रा ने गलत कदम उठा लिया. उसके शव को घर से कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा-

Published : February 20, 2026 at 4:03 PM IST
भोजपुर : सीबीएसई से इंटरमीडिएट की परीक्षा देने वाली 18 साल की छात्रा ने दुनिया को अलविदा कह दिया. घटना गुरुवार की देर रात की है जब नवादा थाना क्षेत्र अंतर्गत क्लब रोड मोहल्ले में रहने वाली छात्रा ने आत्मघाती कदम उठा लिया.
छात्रा ने की खुदकुशी : इसे पढ़ाई का प्रेशर कहें या कुछ और लड़की के सुसाइड नोट में पहला शब्द यही थे कि 'मेरे से अब नहीं होगा..'. लड़की के मौत की सूचना मिलते ही इलाके के लोगों का घर पर आना शुरू हो गया. लोग परिवार को ढांढस बंधा रहे थे. इधर परिवार बेटी के अकारण गलत कदम उठाने से सदमें में था.
"मेरे से नहीं होगा अब. मैं एग्जाम नहीं दे पाउंगी. मेरी तबीयत खराब रहती है. ये सब मेरी गलती है. मेरे चलते मेरे पेरेन्ट परेशान रहते हैं. बट हो गया. अब और नहीं मैं जा रही हूं. किसी और के चलते नहीं खुद से जा रही हूं. मम्मी-पापाा अपना ध्यान रखिएगा. दीदी-बाबा तुम भी. बाय...''- छात्रा का सुसाइड लेटर
घर में लटकता शव बरामद : परिवार वालों ने बताया कि उनकी बेटी पढ़ाई लिखाई में सामान्य लड़कियों की तरह थी. घर में किसी तरह का कोई तनाव वाली बात नहीं थी. रात में जब उसे कमरे में आवाज दी तो कोई हलचल नहीं मिली. दरवाजा खोला गया तो उसका शव पंखे से लटकता मिला.
पुलिस करा रही पोस्टमार्टम : घरवालों ने उसे नीचे उतारा लेकिन तब तक देर हो चुकी थी. लड़की की मौत हो चुकी थी. घटनास्थल पर छात्रा के गले पर काले रंग का अर्धचंद्राकार निशान पाया गया है. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.
'मौके से सुसाइड नोट बरामद' : पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. मिली जानकारी के अनुसार मौके से सुसाइड लेटर बरामद हुआ है. परिजनों ने इसे आत्महत्या बताया है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है ताकि घटना की वास्तिवक वजह सामने आ सके.
''अभी परिजनों द्वारा आवेदन नहीं दिया गया है. पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है. आवेदन मिलने के बाद पुलिस आगे की करवाई करेगी.''- विपिन बिहारी, थानाध्यक्ष नवादा
दबाव में दम तोड़ रहे बच्चे? : यह घटना एक बार फिर समाज के सामने युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े सवाल खड़े करती है. परीक्षा, भविष्य की चिंता और भीतर के अनकहे दबाव कई बार बच्चों को भीतर से तोड़ देते हैं.ऐसे समय में परिवार, शिक्षक और समाज की संवेदनशीलता बेहद जरूरी है, ताकि किसी और घर का चिराग यूं बुझने से बचाया जा सके.
नोट: ध्यान दें अगर आपके/आपका कोई दोस्त या रिश्तेदार या फिर किसी जानकार को किसी सहारे या मदद की जरूरत हो उसे किसी नजदीक के डॉक्टर के पा जाएं. ताकि समय रहते इस मानसिक स्थिति से उबर सकें.
हेल्पलाइन नंबर और वेबसाइट : मन में खुद को नुकसान पहुंचाने या खुदकुशी करने का कोई विचार आने पर AASRA वेबसाइट पर http://www.aasra.info क्लिक कर मदद मांग सकते हैं. फोन नंबर 9152987821 पर भी कॉल करके मतत मांग सकते हैं. इसके अलावा कई और हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध हैं, जिसपर कॉल कर मदद मांग सकते हैं. जैसे टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416.
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