नीतीश पर 10 गुना.. चिराग पर 100 गुना चंदे की बारिश, बीजेपी को मिला 6654 करोड़ का चंदा
बिहार में 2024-25 में सत्ताधारी पार्टियों में जदयू को 18.69 करोड़ और लोजपा (रामविलास) को पिछले बार से गुना ज्यादा चंदा मिला. पढ़ें खबर-

Published : December 26, 2025 at 12:22 PM IST
पटना: बिहार के सत्ताधारी दलों को 2024- 25 में खूब चंदा मिला है. चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू को 18.69 करोड़ तो चिराग पासवान की पार्टी लोजपा रामविलास को 11. 09 करोड़ रुपये चंदा में मिले हैं. राष्ट्रीय पार्टी के रूप में बीजेपी चंदा लेने में सबसे आगे है. हालांकि चुनाव आयोग ने आरजेडी के चंदे के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है.
राज्य स्तरीय दलों में जदयू को सबसे सबसे आगे: नीतीश कुमार की पार्टी जदयू को 2023-24 में केवल 1.81 करोड़ चंदा मिला था. हालांकि इस बार के हालात पहले से काफी बेहतर हैं. वर्तमान वित्तीय वर्ष 2024-25 में जेडीयू को 18.69 करोड़ चंदा मिला है.
चिराग का 100% स्ट्राइक रेट: वहीं लोजपा रामविलास को 2023-24 में केवल 11.67 लाख रुपये चंदा मिला था, जो इस साल बढ़कर 11.09 करोड़ रुपये हो गया है. चिराग पासवान की पार्टी लोजपा आर को इलेक्टोरल ट्रस्ट से सबसे अधिक चंदा मिला है. प्रोग्रेसिव इलेक्टोरल ट्रस्ट ने 10 करोड़ चंदा दिया है, तो वहीं प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट ने 1 करोड़ रुपये दिया है.

राष्ट्रीय पार्टी बीजेपी पर कांग्रेस पर भारी: राष्ट्रीय पार्टी बीजेपी को 2023- 24 में 3967 करोड़ चंदा मिला था, जो साल 2024-25 में बढ़कर 6654 करोड़ हो गया है. हालांकि चुनाव आयोग ने कांग्रेस का जो आंकड़ा जारी किया है उसमें कांग्रेस को 2023-24 के मुकाबले 2024-25 में कम चंदा मिला है. जहां 2023- 24 में 1129 करोड़ मिला था, तो वहीं 2024-25 में 522.113 करोड़ चंदा मिला है. गुणा
जदयू को 66 संस्थाओं ने 18.69 करोड़ चंदा: जदयू को सबसे अधिक इलेक्टोरल ट्रस्ट के माध्यम से चंदा मिला है. प्रोग्रेसिव इलेक्टोरल ट्रस्ट ने जदयू को 10 करोड़ रुपए का चंदा दिया है. वहीं प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट ने 5 करोड़ और समाज इलेक्टोरल ट्रस्ट संगठन से दो करोड़ रुपये चंदा मिला है. चुनाव आयोग के आंकड़े के अनुसार 2024-25 में जदयू को इलेक्टोरल ट्रस्ट, कंपनियों सहित कुल 66 संस्थाओं ने 18.69 करोड़ चंदा के रूप में दिये हैं.

आरजेडी ने नहीं दिया चंदे का ब्यौरा: जदयू को अपने सांसदों और विधायकों से भी चंदा मिला है और बड़ी संख्या में पार्टी के कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों ने भी चंदा दिया है. बिहार की विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी राजद की ओर से चुनाव आयोग को 2024-25 में चंदा का ब्यौरा अब तक जमा नहीं किया गया है. इसी कारण चुनाव आयोग ने राजद के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है.

कम्युनिस्ट पार्टी को मिला इतना चंदा: वहीं कम्युनिस्ट पार्टी माले के चंदा में भी इस बार इजाफा हुआ है. साल 2023-24 में माले को 43 लाख चंदा मिला था लेकिन इस साल 695146 रुपए बढ़कर 49.9 लाख चंदा मिला है. माले को अधिकांश चंदा पार्टी के विधायक कार्यकर्ता से ही मिला है. वहीं ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम को 2023-24 में 9 लाख रुपये मिले थे. इस बार उनके बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है.

चिराग को पिछले साल से 100 गुना अधिक चंदा: बिहार में नीतीश कुमार की पार्टी पिछले दो दशक से भी अधिक समय से सत्ता में है और उसका असर चंदा प्राप्त करने में साफ दिखता है. पहले भी जदयू को बिहार में सबसे अधिक चंदा मिलता रहा है. अब बिहार विधानसभा चुनाव से पहले 2024-25 में भी जदयू को एनडीए के घटक दलों में राष्ट्रीय पार्टी बीजेपी को छोड़कर सबसे अधिक चंदा मिला है. पिछले साल के मुकाबले 10 गुना अधिक चंदा मिला है तो वहीं चिराग पासवान की पार्टी को 100 गुना अधिक चंदा इस साल मिला है.
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