बिहार विधानसभा बजट सत्र के अंतिम दिन जोरदार हंगामा, 'गरीबों को 2 लाख क्यों नहीं? नीतीश सरकार पर ठगी का आरोप'-भाई वीरेंद्र
बिहार विधानसभा बजट सत्र के अंतिम दिन भाई वीरेंद्र ने नीतीश सरकार पर गरीबों के साथ ठगी का आरोप लगाया है. जानें पूरा मामला.

Published : February 27, 2026 at 2:30 PM IST
पटना: बिहार विधानसभा का बजट सत्र आज अपने 19वें और अंतिम दिन पर पहुंच गया है. इस दौरान सदन में विपक्षी दलों ने जमकर हंगामा किया और नारेबाजी की. राजद तथा वामपंथी सदस्यों ने पोस्टरों के साथ प्रदर्शन करते हुए 94 लाख गरीब परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता देने की मांग की. जातीय गणना में चिह्नित इन परिवारों के लिए सरकार ने पहले ही 2-2 लाख रुपये की सहायता की घोषणा की थी, लेकिन विपक्ष का आरोप है कि अभी तक इसका लाभ नहीं पहुंचा है.
भाई वीरेंद्र ने सरकार पर लगाया ठगी का आरोप: राजद के वरिष्ठ विधायक भाई वीरेंद्र ने सदन में सरकार को घेरते हुए कहा कि नीतीश सरकार सिर्फ वादे करती है, लेकिन उन्हें पूरा नहीं करती. उन्होंने आरोप लगाया कि 94 लाख गरीब परिवारों को घोषित राशि क्यों नहीं दी जा रही है. भाई वीरेंद्र ने इसे गरीबों के साथ ठगी करार देते हुए कहा कि सरकार जनता को धोखा दे रही है और उनकी पीड़ा को नजरअंदाज कर रही है. विपक्ष का यह हमला बजट सत्र के अंतिम दिन राजनीतिक तापमान को और बढ़ा रहा है.
"सरकार कोमा में है, पैसा नहीं है लेकिन सरकार घोषणा कर रही है. मेरी मांग है कि 94 लाख गरीब परिवारों को मकान का पैसा जल्द से जल्द दिया जाए. गरीबों को ठगने का काम नीतीश सरकार कर रही है."-भाई वीरेंद्र, राजद विधायक
विपक्ष ने उठाया घोषणा बनाम क्रियान्वयन का मुद्दा: विपक्षी सदस्यों का कहना है कि जब सरकार ने बजट और विभिन्न मंचों पर 94 लाख गरीब परिवारों को 2 लाख रुपये की सहायता देने की बात कही थी, तो अब इसमें देरी क्यों हो रही है. पोस्टरों पर लिखे नारे और नारेबाजी के जरिए उन्होंने सरकार से तत्काल भुगतान की मांग की. यह मुद्दा जातीय गणना के बाद की गई घोषणा को लेकर विपक्ष की लगातार रणनीति का हिस्सा लगता है, जिससे सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं.

सदन की कार्यवाही: दोपहर में बढ़ते हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही को भोजन अवकाश के लिए स्थगित कर दिया गया. अवकाश के बाद गैर-सरकारी सदस्यों के कार्यों पर चर्चा होगी. आज गैर-सरकारी संकल्पों पर बहस निर्धारित है, जिसमें विपक्ष और अन्य सदस्य अपनी प्राथमिकताएं और सुझाव सदन के समक्ष रखेंगे. हालांकि ये संकल्प बाध्यकारी नहीं होते, लेकिन वे सरकार की नीतियों के लिए मार्गदर्शक साबित हो सकते हैं.
सत्र में महत्वपूर्ण विधेयक पारित, विपक्ष ने की घेराबंदी: बजट सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित हुए और विभिन्न विभागों के बजट पर विस्तृत चर्चा हुई. सरकार ने अपनी उपलब्धियों और आगामी योजनाओं को सदन में पेश किया, जबकि विपक्ष ने जनहित के मुद्दों को लगातार उठाकर सरकार को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की. 94 लाख गरीब परिवारों वाला मुद्दा सत्र भर चर्चा में रहा, जो राज्य की गरीबी उन्मूलन नीतियों पर सवालिया निशान लगाता है.
अंतिम दिन पर सभी की निगाहें गैर-सरकारी संकल्पों पर: बजट सत्र का समापन आज सदन की कार्यवाही खत्म होने के साथ होगा. सभी की नजरें गैर-सरकारी संकल्पों पर होने वाली चर्चा और प्रश्नकाल में उठाए गए मुद्दों पर सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं. यह अंतिम दिन राज्य की राजनीति के लिए काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि विपक्ष के हमले और सरकार का जवाब आने वाले दिनों की सियासी दिशा तय कर सकता है.
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