बिहार में सत्ता पक्ष ने की शराबबंदी पर समीक्षा की मांग, विजय चौधरी बोले- इसकी जरूरत नहीं
बिहार विधानसभा में ग्रामीण विकास विभाग का 237 अरब से अधिक का बजट पास किया गया. इस दौरान सत्ता पक्ष ने शराबबंदी का मुद्दा उठाया.

Published : February 17, 2026 at 8:14 PM IST
पटना: बिहार विधानसभा बजट सत्र में ग्रामीण विकास विभाग के बजट पर मंगलवार को चर्चा हुई. ग्रामीण विकास विभाग में 237 अरब एक करोड़ 17 लाख 90000 का बजट पास हो गया है. इस दौरान बिहार में शराबबंदी का मुद्दा भी उठा और सत्ता पक्ष ने शराबबंदी की समीक्षा की मांग की.
RLM विधायक ने उठाया मुद्दा: उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा के विधायक माधव आनंद ने कहा कि शराबबंदी अच्छी बात है. समय-समय पर कानून में बदलाव भी किए गए हैं. अब समय आ गया है कि शराबबंदी की समीक्षा किया जाए. माधव आनंद ने जब समीक्षा की बात की, उस समय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सदन में मौजूद थे.
शराब के साथ सूखा नशा का प्रयोग बढ़ा: एआईएमआईएम के विधायक अख्तरुल इमान ने कहा बिहार में शराब ही नहीं बल्कि सूखा नशा का भी प्रयोग बढ़ रहा है, जो चिंताजनक है. देर से ही सही सत्ता पक्ष के सदस्यों की नींद खुली है. युवाओं में नशा बढ़ रहा है, इसलिए इसकी समीक्षा होनी चाहिए.
"शराब को लेकर सत्ता पक्ष के लोग नशा से निकले हैं. देर से ही सही कम से कम सत्ता पक्ष के लोग शराबबंदी की समीक्षा की मांग की है. इससे यकीन है कि बिहार में नशे का कारोबार फल-फूल रहा है. नई पीढ़ि के बच्चे इसके शिकार हो रहे हैं. शराबबंदी की समीक्षा होनी चाहिए." -अख्तरुल इमान, विधायक, AIMIM
समीक्षा की जरूरत नहीं: इस मामले में मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि बिहार में शराबबंदी लागू है. इस पर समीक्षा करने की कोई जरूरत नहीं है. राजद और लेफ्ट के सदस्यों ने पीएम आवास योजना में गरीबों का नाम छूटने की भी बात कही. ऐसे ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार जब सरकार की तरफ से जवाब दे रहे थे तो भी विपक्षी सदस्यों ने यह कहते हुए सदन का बहिष्कार कर दिया कि उनके प्रश्नों का उत्तर नहीं मिल रहा है.
मंत्री का विपक्ष पर निशाना: विधानसभा में चर्चा के बाद ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार जवाब देते हुए विपक्षी सदस्यों पर निशाना साधा. कहा राजद कांग्रेस के लोग फॉर्म भरा रहे थे. महिलाओं से यह भी कह रहे थे कि ₹10000 सरकार वापस ले लेगी. बिहार की महिलाओं को गुमराह कर रहे थे, लेकिन बिहार की आधी आबादी बहुत तेज है. बिहार के मुख्यमंत्री जो भी वादा करते हैं, उसे निभाते हैं.
"एक करोड़ 81 लाख महिलाओं को अभी तक ₹10000 की राशि दी गई है. आगे भी जिन महिलाओं ने आवेदन किया है, सबको राशि देंगे. मैं सभी विधायकों और सभी सांसदों को पत्र लिखा था कि मदद कीजिए. प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए किसी गरीब का नाम नहीं छूटे. यदि इन लोगों को गरीब की चिंता होती तो यहां सवाल नहीं उठाते." -श्रवण कुमार, ग्रामीण विकास मंत्री, बिहार
'स्वीकृति मिलते ही मिलेगी आवास योजना की राशि': श्रवण कुमार ने कहा कि एक करोड़ चार लाख 90000 पीएम आवास के लिए आवेदन आया है. 20 लाख लोगों ने ऑनलाइन आवेदन किया है. भारत सरकार से जैसे ही स्वीकृति मिलेगी, हमलोग लोगों के खाते में राशि भेजना शुरू कर देंगे. ग्रामीण विकास विभाग द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न योजनाओं की भी चर्चा की. जल जीवन हरियाली अभियान से लेकर तमाम उन योजनाओं की चर्चा की जिस पर सात निश्चय पार्ट 3 के तहत आगे भी काम करना है.
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