'बिहार में किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों पर जीरो टॉलरेंस से कार्रवाई', कृषि मंत्री का सख्त संदेश
बिहार के किसानों को कोई समस्या नहीं हो इसको लेकर कृषि मंत्री ने बड़ी जानकारी दी. साथ ही उन्होंने जमाखोरों को चेतावनी दी. पढ़ें खबर


Published : December 27, 2025 at 8:13 PM IST
पटना : रबी सीजन 2025-26 के दौरान किसानों को उर्वरक की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बिहार सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. राज्य के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने स्पष्ट किया है कि उर्वरक की कालाबाजारी, जमाखोरी या अधिक मूल्य पर बिक्री करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कठोरतम कार्रवाई की जाएगी. मंत्री ने दावा किया कि राज्य के किसी भी जिले में उर्वरक की कोई कमी नहीं है और किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.
''उर्वरक की जमाखोरी की समस्या को जड़ से समाधान करने के लिए सरकार ने एक अनूठी पहल शुरू की है. कृषि विभाग के सभी पदाधिकारियों के लिए 'जीरो ऑफिस डे' लागू किया गया है, जिसके तहत प्रत्येक शनिवार को अधिकारियों को अपने दफ्तर की फाइलों की बजाय सीधे खेतों और उर्वरक वितरण केंद्रों पर जाना होगा. 27 दिसंबर से शुरू हुए इस अभियान के तहत अधिकारी उर्वरक प्रतिष्ठानों की गहन जांच, फिजिकल वेरीफिकेशन और वितरण व्यवस्था के स्थल का निरीक्षण करेंगे.''- राम कृपाल यादव, कृषि मंत्री, बिहार
'राज्य में उर्वरक भंडार पर्याप्त' : मंत्री राम कृपाल यादव ने ठोस आंकड़े पेश करते हुए बताया कि 27 दिसंबर 2025 की स्थिति में राज्य में सभी प्रमुख उर्वरकों का पर्याप्त भंडार मौजूद है. राज्य के गोदामों में यूरिया 2.37 लाख मीट्रिक टन, डीएपी 1.26 लाख मीट्रिक टन, एनपीके 2.13 लाख मीट्रिक टन, एमओपी 0.40 लाख मीट्रिक टन और एसएसपी 1.10 लाख मीट्रिक टन का स्टॉक उपलब्ध है. इस भंडार के साथ ही निरंतर आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है ताकि किसानों को कतार, अफवाह या कालाबाजारी का शिकार न होना पड़े.
#भोजपुर में उर्वरक दुकानों का निरीक्षण
— Agriculture Department, Govt. of Bihar (@Agribih) December 27, 2025
भोजपुर जिले में उर्वरक दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया। स्टॉक व बिक्री रजिस्टर की जांच कर किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक निर्धारित दर पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।#BiharAgricultureDept pic.twitter.com/j0EybHeLGz
''रबी सीजन 2025-26 के दौरान 27 दिसंबर तक किसानों के साथ छल करने वाले उर्वरक विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है. अब तक 34 उर्वरक प्रतिष्ठानों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है और 88 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द किए गए हैं. यह कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी और कानून तोड़ने वालों के साथ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी.''- राम कृपाल यादव, कृषि मंत्री, बिहार
उड़नदस्ता दल कर रहे हैं औचक निरीक्षण : मुख्यालय स्तर पर गठित विशेष उड़नदस्ता दल लगातार विभिन्न जिलों में औचक निरीक्षण कर रहे हैं. कृषि मंत्री के अनुसार, किसी भी तरह की शिकायत मिलते ही त्वरित छापामारी और कठोर कार्रवाई की जा रही है. प्रशासनिक तंत्र को राज्य से लेकर जिला और प्रखंड स्तर तक पूरी तरह सक्रिय किया गया है ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता की कोई गुंजाइश न रहे.
प्रखंडवार आवंटन और नियमित मिलान का निर्देश : मंत्री रामकृपाल यादव ने कृषि विभाग के पदाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिला एवं प्रखंड स्तरीय उर्वरक निगरानी समितियों की तुरंत बैठक आयोजित की जाए. प्रखंडवार उर्वरक का उप-आवंटन किसानों की वास्तविक आवश्यकता और क्षेत्रफल के आधार पर किया जाए. साथ ही, पॉस मशीन में दर्ज स्टॉक और भौतिक स्टॉक के नियमित मिलान को सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रबंध किए जाएं.
मुजफ्फरपुर में उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण
— Agriculture Department, Govt. of Bihar (@Agribih) December 27, 2025
मुजफ्फरपुर जिला अंतर्गत बोचहा प्रखंड में कृषि विभाग की टीम द्वारा विभिन्न उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान गुणवत्तापूर्ण उर्वरक आपूर्ति, भंडारण व्यवस्था और किसानों तक सही जानकारी पहुँचाने पर विशेष ध्यान दिया गया। pic.twitter.com/rXKglYxVIQ
सीमावर्ती जिलों में तस्करी पर सख्त नजर : अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटे जिलों में उर्वरक की तस्करी रोकने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं. कृषि मंत्री ने बताया कि ऐसे जिलों में विशेष छापामारी दल गठित कर सशस्त्र सीमा बल के साथ समन्वय स्थापित करते हुए सख्त निगरानी रखी जा रही है. उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि किसी भी कीमत पर उर्वरक तस्करी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
किसान कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता : राम कृपाल यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार किसान कल्याण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है. आत्मनिर्भर कृषि, पारदर्शी व्यवस्था और किसानों की आय बढ़ाने के संकल्प को जमीन पर उतारने के लिए उर्वरक की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है.
"किसान का हक छीनने वाला चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा. सरकार पूरी ताकत के साथ किसानों के साथ खड़ी है."- राम कृपाल यादव, कृषि मंत्री, बिहार
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