हरियाणा की अटकी भर्तियों पर बड़ी राहत: HSSC अध्यक्ष बोले—"स्टे के मामले अंतिम चरण में, जल्द शुरू होगी प्रक्रिया"
एचएसएससी अध्यक्ष के अनुसार हरियाणा की अटकी भर्तियों, जेबीटी मेवात कैडर, संशोधित रिजल्ट और वेटिंग लिस्ट मामलों पर जल्द निर्णय होगा.

Published : January 10, 2026 at 4:21 PM IST
पंचकूला: हरियाणा के युवा बीते लंबे समय से अधर में लटकी उन भर्तियों के पूरा होने के इंतजार में हैं, जो फिलहाल पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के समक्ष विचाराधीन है. इस बीच हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) के अध्यक्ष हिम्मत सिंह द्वारा दिए गए भरोसे ने अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है. दरअसल, हिम्मत सिंह ने हाईकोर्ट से स्टे लगी भर्तियों और तकनीकी कारणों से चीफ सेक्रेटरी कार्यालय से मंजूरी न मिल पाने से अधर में लटकी भर्ती प्रक्रियाओं के अब जल्द पूरा किए जाने की उम्मीद जताई है.
जेबीटी मेवात कैडर भर्ती: हरियाणा में जेबीटी मेवात कैडर का मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में लंबित होने से भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी है. लेकिन आयोग के अध्यक्ष हिम्मत सिंह के अनुसार राज्य सरकार द्वारा कोर्ट के नोटिस पर अपना जवाब दायर कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि, "इन मामलों में आर्ग्युमेंट जारी हैं, जो लगभग अंतिम चरण पर हैं. नतीजतन जल्द ही अभ्यर्थियों का इंतजार खत्म होगा."
मामले की वर्तमान स्थिति:हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) द्वारा 1456 प्राथमिक शिक्षक (जेबीटी/पीआरटी) पदों के लिए भर्ती खोली गई थी. इस भर्ती प्रक्रिया का लिखित परीक्षा परिणाम मई 2025 में घोषित किया गया था. लेकिन इस बीच पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए इस भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी. लेकिन अब हरियाणा सरकार द्वारा हाईकोर्ट में अपना जवाब दायर कर दिया गया है. नतीजतन मामले में स्थगन (स्टे) हटने के बाद आयोग इस भर्ती प्रक्रिया को तुरंत आगे बढ़ाएगा.
दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया लंबित:परिणाम घोषित होने के बावजूद दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है. इस कारण चयनित उम्मीदवार अपनी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं. लेकिन हाईकोर्ट से लगी स्टे हटने के बाद भर्ती का रास्ता साफ हो सकेगा.
संशोधित रिजल्ट स्टे का मामला:एचएसएससी के अध्यक्ष हिम्मत सिंह ने बताया कि, "इस संशोधित रिजल्ट मामले पर भी कोर्ट से स्टे लगी है." हालांकि, उन्होंने यह यह मामला भी अंतिम चरण पर बताया, जिससे उम्मीदवारों को बड़ी राहत मिली है. दरअसल, एचएसएससी ने ग्रुप सी पदों के लिए पिछड़े वर्ग श्रेणी के प्रमाण पत्र स्वीकार नहीं किए थे, जो कट ऑफ डेट के बाद जारी हुए थे. हाई कोर्ट द्वारा आयोग का यह फैसला रद्द कर दिया था. इस फैसले के आधार पर आयोग ने 14 जून, 2025 को संशोधित परिणाम जारी किया था, जिसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है. दरअसल, संशोधित परिणाम में करीब 1699 से अधिक नए अभ्यर्थियों का चयन हुआ है और 781 नौकरी पा चुके लोग बाहर हो गए हैं. इसके अलावा कई अभ्यर्थियों की श्रेणी भी बदल गई है.
वेटिंग लिस्ट का प्रोविजन जल्द:आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि, "ग्रुप-सी वेटिंग मामले में आयोग की चीफ सेक्रेटरी कार्यालय के साथ नियमित तौर पर बैठक जारी है. जल्द ही तकनीकी खामियों को दूर करके वेटिंग लिस्ट का प्रोविजन करके दिया जाएगा. इसके अलावा उन्होंने कहा कि सीईटी रिजल्ट प्रक्रिया में जिन उम्मीदवारों का बायोमेट्रिक चरण पूरा नहीं हो पाया (जिनके स्कोर कार्ड पर उल्लेखित है), उनकी बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन जनवरी या फरवरी के पहले सप्ताह में शुरू कर दी जाएगी."
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