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शाहबाद में गरजे पूर्व सीएम हुड्डा, बोले- "हरियाणा में बेरोजगारी और कानून व्यवस्था सबसे बड़ी चुनौती, किसानों को नहीं मिल रहा पूरा MSP"

शाहबाद पहुंचे भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बेरोजगारी, कानून व्यवस्था, महंगाई और किसानों के मुद्दों को लेकर हरियाणा सरकार को घेरा.

Bhupinder Singh Hooda Shahabad
शाहबाद में गरजे पूर्व सीएम हुड्डा (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : June 12, 2026 at 1:18 PM IST

2 Min Read
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कुरुक्षेत्र: हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा कुरुक्षेत्र के शाहबाद पहुंचे. दरअसल, हुड्डा कांग्रेस विधायक रामकरण काला के पौते को आशीर्वाद देने के लिए आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया. कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में हुड्डा ने प्रदेश सरकार की नीतियों और विभिन्न मुद्दों को लेकर सवाल उठाए.

बेरोजगारी पर सरकार को घेरा: मीडिया से बातचीत में भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि, "हरियाणा बेरोजगारी के मामले में देश में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है. युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे, जिससे चिंता का माहौल है. रोजगार सृजन सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए, लेकिन मौजूदा हालात इसके विपरीत दिखाई दे रहे हैं."

शाहबाद पहुंचे भूपेंद्र सिंह हुड्डा (ETV Bharat)

कानून व्यवस्था पर जताई चिंता: प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए हुड्डा ने कहा कि, "हरियाणा में कानून व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. प्रदेश का हर व्यक्ति खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है. अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं और आम जनता में सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल है."

किसानों की समस्याओं का उठाया मुद्दा: किसानों से जुड़े मुद्दों पर बोलते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि, "खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि किसानों की आमदनी घट रही है. किसानों को उनकी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) भी नहीं मिल रहा. कृषि क्षेत्र में बढ़ती लागत किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है."

एमएसपी और महंगाई पर सरकार से सवाल: हुड्डा ने सरकार के उस दावे पर भी सवाल उठाया जिसमें 24 फसलों की खरीद एमएसपी पर होने की बात कही जाती है. उन्होंने कहा कि, "मैं कई बार सरकार से पूछ चुका हूं कि वे कौन-सी 24 फसलें हैं, जिनकी खरीद वास्तव में एमएसपी पर हो रही है, लेकिन आज तक स्पष्ट जवाब नहीं मिला. बढ़ती महंगाई और लागत के कारण किसान ही नहीं बल्कि आम आदमी भी आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है."

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