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भूपेश बघेल का बीजेपी सरकार पर हमला, कहा- राहुल गांधी बनेंगे पीएम तब सौरभ चंद्राकर आएगा इंडिया, तब सूत्रधार होंगे बेनकाब

पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने वंदे मातरम्, सौरभ चंद्राकर प्रत्यार्पण, शराब घोटाला समेत कई मुद्दों पर बीजेपी सरकार को घेरा.

BHUPESH BAGHEL ATTACKS BJP
भूपेश बघेल का बीजेपी सरकार का हमला (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : August 22, 2026 at 7:22 PM IST

10 Min Read
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रायपुर : छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वंदे मातरम मुद्दा, महंगाई और पेट्रोल डीजल की कीमत समेत प्रदेश में सट्टा शराब कारोबार पर शराब को घेरा. इसके साथ ही खनिज संसाधन के मामले में राजस्व हानि को लेकर सरकार की चुप्पी को लेकर भी सवाल उठाए.पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आगे कहा कि राज्य का विधानसभा सत्र और लोकसभा में संसद सत्र दोनों जगह पर एक महत्वपूर्ण विषय आया जो चर्चा में रहा है. लेकिन कुछ ऐसे विषय हैं जो बिना चर्चा के ही पारित कर दिए गए. चाहे वह मामला वंदे मातरम का हो या फिर खान एवं खनिज का विकास एवं विनियामन संशोधन 2026. इसमें इसमें शेष लगाने का अधिकार राज्य सरकार को दिया गया था. उसको एक तरफा विलोपित कर दिया गया. पूरी ताकत केंद्र सरकार ने अपने पास रख लिया. इस मामले में केरल के मुख्यमंत्री ने विरोध दर्ज किया है. झारखंड के मुख्यमंत्री ने विरोध दर्ज किया है. क्योंकि राज्य के राजस्व में क्षति पहुंच रही है.

शराब घोटाला और ऑनलाइन सट्टा पर सवाल

पूरा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शराब को लेकर कहा कि शराब की बात करें तो छत्तीसगढ़ में लगातार शराब ओवर रेट में बिक रहा है. नकली शराब बिक रहा है. ऐसे में इसमें ED वाले कब कार्यवाही करेंगे. सट्टा खुलेआम चल रहा है. राज्य सरकार ED और सीबीआई को मामला सौंप देते हैं. उसके लोग वसूली करने लगते हैं. डबल इंजन की सरकार में क्या प्रदेश में सट्टा बंद हुआ है.

भूपेश बघेल की प्रेस कॉन्फ्रेंस (ETV BHARAT)

कब आएगा सौरभ चंद्राकर भारत ?

लगातार यह बात मीडिया में आ रहा है कि सौरभ चंद्राकर भारत लाया जाएगा. लेकिन सौरभ चंद्राकर को देवता भी नहीं ला सकता. अगर सौरभ चंद्राकर को भारत लाया भी जाता है तो ED कैसे जांच करेगी. क्योंकि सट्टे का पैसा PMO तक जाता है. तार तो PMO ऑफिस तक फैला हुआ है. प्रधानमंत्री के चहेते एक और अधिकारी हैं वह भी उसमें संलिप्त है. ऐसे में ED कार्यवाही कर पाएगी क्या. ये तो 3 साल बीतने जा रहा.

छत्तीसगढ़ के आईजी ने बयान दिया था एक सप्ताह के भीतर ऑनलाइन सट्टा एप का प्रमोटर सौरभ चंद्राकर जेल के अंदर होगा. इसमें लिप्त शुभम सोनी कहां है. कहां है सौरभ चंद्राकर अगर वे आ भी जाते हैं तो जांच कौन करेगा. बड़े-बड़े लोगों की पोल खुल जाएगी. इन लोग सैकड़ो हजारों करोड़ों रुपए लिए हैं. सौरभ चंद्राकर आएगा जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनेगी. राहुल गांधी प्रधानमंत्री होंगे. तब सौरभ चंद्राकर सारे सूत्र हैं इसका खुलासा भी होगा- भूपेश बघेल,पूर्व सीएम

'पेपर लीक मामले में असली गुनाहगार क्यों हैं बाहर'

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पेपर लीक मामले को लेकर कहा कि पेपर लीक के मामले में सरकार ने जो साल 2024 का कानून है. उसको और सख्त किया. सख्त करने के बाद वह कानून पारित हुआ. उस समय राहुल जी ने कहा था सिस्टम बदलने की जरूरत है. आप 2024 में कानून बनाएं. लेकिन उसके बाद भी पेपर लीक हुए. जो NTA के डीजी है. प्रिंसिपल सेक्रेटरी है. जगह-जगह कार्यवाही कर रहे हैं. लेकिन NTA के डीजी को कब गिरफ्तार करेंगे. NTA के जो चेयरमैन है उसको कब गिरफ्तार करेंगे. वह तो वहीं के वहीं बैठे हैं. इस कानून के पास होने के बाद सबसे पहले छत्तीसगढ़ में एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में पेपर लीक हुआ है. यहां के दुर्ग के प्राइवेट कॉलेज में पकड़ा गया. जो पेपर कवर्धा में मिला तो यह आपके सिस्टम में ही गड़बड़ी हैं. आप कानून को कितना भी सख्त कर लीजिए. लोकसभा में पूरे देश में चर्चा है. दुनिया में इसकी चर्चा है. उसके बाद छत्तीसगढ़ में पेपर लीक हो गया. डबल इंजन की सरकार होने के बाद भी कानून का भय नहीं है.

वंदे मातरम् पर भी दिया बयान


पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वंदे मातरम को लेकर कहा कि 1947 में जब नेहरू जी की सरकार बनी उस समय श्यामा प्रसाद मुखर्जी भी थे. विधानसभा में भी थे. उसमें वंदे मातरम का विरोध नहीं हुआ. राजेंद्र बाबू ने प्रस्ताव रखा. उसमें विरोध नहीं किया. अब सवाल इस बात का है कि इतने विद्वत् लोगों ने जो प्रस्ताव पास किया. स्वीकार किया. ये लोग क्या उससे बड़े हो गए हैं ? जो लोकसभा का सामना नहीं कर पा रहे हैं. आज इसी को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है. आज कहते हैं कि जो वंदे मातरम नहीं गा रहे हैं वह देशद्रोही है. इसका मतलब यह है कि ये क्या जब खुद नहीं गा रहे थे तब क्या देशद्रोही थे. इनके पूर्वज देशद्रोही थे. ये खुद स्वीकार कर रहे हैं और अपनी बात में फंस रहे हैं. ये भ्रामक प्रचार प्रसार कर रहे हैं. आज की तारीख में वंदे मातरम के छह छंद कौन गा सकता है. हम लोग तो जब से यह प्रस्ताव पारित हुआ है. पिछले 90 सालों से हम लोग वंदे मातरम गा रहे हैं. चाहे वह कांग्रेस का राष्ट्रीय अधिवेशन हो चाहे कांग्रेस का प्रांतीय अधिवेशन हो सभी में हम लोग वंदे मातरम गाते हैं. इसका अर्थ कितने लोग जानते हैं. बहुत लोग पढ़े लिखे नहीं है निरक्षर है वह गा नहीं सकते तो. क्या ऐसे लोग देशद्रोही हो गए. ये इस प्रकार से विभाजन करने का बात कर रहे हैं. कांग्रेस कार्य समिति में यह बात हुई. हम 2 छंद ही गाएंगे लेकिन मैं इन लोगों को चुनौती देता हूं. 6 छंद वंदे मातरम के गाकर बताएं. मैं अमित शाह को चुनौती देता हूं और मैं मोदी को कहता हूं कि बिना टेली प्रिंटर के गाकर बता दे.

पीएम आवास के दावे पर उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी लगातार दावे कर रही है कि हमने 18 लाख आवास बनाए हैं. पंचायत मंत्री ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है कि 18 लाख आवास जो बने हैं पहले कैबिनेट में प्रस्ताव पारित किया गया था. लेकिन वहीं दूसरी तरफ उन्हीं के रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने जो पत्र लगाया था.लिखित उत्तर में मंत्री जी ने जो जानकारी दी है दिया है उसमें आवास की संख्या 10 लाख है. इस तरह के दो आंकड़े सामने आए हैं. क्योंकि डबल इंजन की सरकार है. इसको स्पष्ट करना चाहिए.



Gen Z हैं सड़कों पर

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने gen Z जी और gen alfa को लेकर कहा कि "वर्तमान समय में मामला gen Z और gen alfa का है. gen Z के लोगों ने खूब आंदोलन किया. अभी gen Z स्कूलों में जा रहे हैं. वहां पिटाई की जा रही है. लेकिन हमारे छत्तीसगढ़ में भी gen alfa के लोग दुर्ग जिला हो राजनांदगांव जिला हो चाहे खैरागढ़ हो चाहे कवर्धा हो चाहे सक्ती हो सभी जगह में देखेंगे कि gen alfa सड़कों पर है. कहीं शिक्षक की कमी है. कहीं स्कूल की कमी है. मुझे इस बात को बताते हुए प्रसन्नता है कि कि हमारी सरकार ने 750 से अधिक स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय मे कन्वर्ट किया था. जहां पर भवन नहीं था वहां पर हमने भवन की स्वीकृति प्रदान की. उस समय शिकायतें यही आई थी कि पुराने स्कूल बहुत जर्जर हो रहे हैं.

मिलावट,महंगाई और शक्कर को लेकर सरकार से सवाल
मिलावट और महंगाई को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि "आज लोग मिलावट और महंगाई से जूझ रहे हैं. महासमुंद में पनीर की मिलावट को तो आपने पकड़ लिया. लेकिन पेट्रोल में तो सरकार मिलावट कर रही है. इसकी सजा कौन देगा. यह कौन तय करेगा. सभी की गाड़ियों के एवरेज 5 से 10 किलोमीटर घट गए हैं. गाड़ियों के इंजन अलग खराब हो रहे हैं. इसकी सजा कौन देगा. उसकी वजह से आज शक्कर की कीमत 30 रुपए प्रति किलोग्राम तक बढ़ गए हैं. छत्तीसगढ़ में 4 शुगर फैक्ट्री है. शुगर मिल में जितने शक्कर हैं उसको रिलीज करने के लिए भारत सरकार की अनुमति लगती है. अब प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु जी से मेरा प्रश्न यह है कि आपके पास 4 शुगर मिल है. हमारे समय में शक्कर सरप्लस था. अब स्थिति क्या है. जब यहां पर शक्कर है तो लोग महंगा खरीदने पर क्यों बाध्य हो रहे हैं. यदि शक्कर का स्टॉक खत्म हो गया है तो यह कैसे खत्म हो गया है. यह बताएं यह बड़ा सवाल है. आज प्याज भी मार्केट में महंगा हो गया है. 2 गुना हो गया है. तेल की कीमत भी बढ़ गई है. अभी और बढ़ने वाले हैं. पेट्रोल डीजल के दाम भी बढ़ गए हैं. बिजली की मार अलग पड़ रही है. बिजली झटके पर झटका दे रहा है. चाहे वह घरेलू उपभोक्ता हो या फिर कमर्शियल उपभोक्ता. आप बड़े उद्योगपति का बिजली बिल तो माफ करते हैं. उनको सब्सिडी दे रहे हैं. लेकिन गरीबों का क्या है.



मिलावट पर भी सरकार को घेरा

मिलावट और महंगाई को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि आज लोग मिलावट और महंगाई से जूझ रहे हैं. महासमुंद में पनीर की मिलावट को तो आपने पकड़ लिया. लेकिन पेट्रोल में तो सरकार मिलावट कर रही है. इसकी सजा कौन देगा. यह कौन तय करेगा. सभी की गाड़ियों के एवरेज 5 से 10 किलोमीटर घट गए हैं. गाड़ियों के इंजन अलग खराब हो रहे हैं. इसकी सजा कौन देगा. उसकी वजह से आज शक्कर की कीमत 30 रुपए प्रति किलोग्राम तक बढ़ गए हैं. छत्तीसगढ़ में 4 शुगर फैक्ट्री है. शुगर मिल में जितने शक्कर हैं उसको रिलीज करने के लिए भारत सरकार की अनुमति लगती है.

राममंदिर चढ़ावा चोरी देश का मुद्दा

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर कहा की "लोकसभा में इस बात की कोई चर्चा नहीं हुई. जबकि प्रधानमंत्री राम मंदिर भूमि पूजन से लेकर प्राण प्रतिष्ठा ध्वजारोहण के साथ ही ट्रस्ट बनाने और मेंबर नियुक्त करने तक इस बात का पूरा श्रेय लिए हैं. उनकी पूरी भूमिका रही है. अब जब राम मंदिर में चढ़ावा चोरी हो गई तब केंद्र सरकार यह कहती है कि यह राज्य का मामला है. यह राज्य का मामला नहीं है बल्कि यह करोड़ों लोगों के आस्था का मामला है. यह केवल देश का ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया का मामला है.

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