संघ कार्यालय जाने पर कलेक्टर के खिलाफ DOPT जाएगी कांग्रेस, रामेश्वर बोले उमंग के लिए भी दरवाजे खुले
इंदौर कलेक्टर के संघ कार्यालय जाने पर उमंग सिंघार ने खड़े किए सवाल, रामेश्वर शर्मा बोले- उमंग के लिए भी संघ के दरवाजे हैं खुले.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 8, 2026 at 5:53 PM IST
भोपाल: दूषित पानी से हुई लोगों की मौत के बाद इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव और इंदौर कलेक्टर के संघ कार्यालय पहुंचने को लेकर सियासत गर्माई हुई है. विधानसभा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इसको लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है. उमंग सिंघार ने कहा कि "बीजेपी नेताओं को जनता के बीच होना चाहिए, लेकिन वे संघ कार्यालय पहुंच रहे हैं." इंदौर कलेक्टर के संघ कार्यालय जाने के मामले में कांग्रेस ने अब इसकी शिकायत डीओपीटी में करने जा रही है. उधर, बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा है कि "उमंग सिंघार को भी संघ कार्यालय जाना चाहिए."
महीनों पड़ी रही टेंडर की फाइल
इंदौर के भागीरथपुरा में हुई मौतों के बाद क्षेत्र की वाटर पाइप लाइन बदलने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. बताया गया कि इंदौर के भागीरथपुरा की जर्जर पानी सप्लाई लाइन को बदलने के टेंडर की फाइल महापौर की टेबल पर 2 माह तक पड़ी रही. इस मामले के टेंडर की दूसरी फाइल तैयार होने में 7 माह का वक्त लग गया. इस मामले में सरकार की किरकिरी होने के बाद मालवा प्रांत प्रचारक ने इंदौर महापौर को तलब किया था. वे बुधवार शाम को संघ कार्यालय पहुंचे थे. उनके साथ इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा भी पहुंचे थे.
कलेक्टर के संघ कार्यालय जाने पर उठे सवाल
इसको लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाया है. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि "अब इंदौर जिले के एसपी-कलेक्टर रात में रिपोर्ट देने संघ कार्यालय पहुंच रहे हैं. इन अधिकारियों को जनता के बीच होना चाहिए, लेकिन संघ कार्यालय पहुंच रहे हैं. उन्हें संघ कार्यालय जाना चाहिए या फिर जनता के बीच जाना चाहिए, यह एक बड़ा सवाल है. पीड़ित परिवारों के बारे में बीजेपी, सरकार और उनके संगठन सोचना ही नहीं चाहते."
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रामेश्वर बोले उमंग के लिए भी खुले हैं संघ के दरवाजे
इस पर बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा, "कांग्रेस को जिससे शिकायत करनी हो करे. यदि पहले कोई कलेक्टर, कांग्रेस कार्यालय जाता था, तो किस हैसियत से जाता था. सोनिया गांधी किसी को बुलाती थीं, तो किस हैसियत से बुलाती थीं. सोनिया गांधी तो यूपीए की चेयरपर्सन बनकर पूरे देश की सुरक्षा परिषद को निर्देश देती रहीं. ऐसा उन्होंने किस हैसियत से किया. संघ का पूरा नाम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ है, जो राष्ट्र की ही चिंता करता है. किसी के प्रमोशन और डिमोशन की नहीं. देश का कोई भी अधिकारी, चाहे वह एसपी, कलेक्टर या कोई भी हो, मैं तो कहता हूं कि उमंग सिंघार भी संघ कार्यालय जाएं. उनके लिए भी संघ के दरवाजे खुले हैं."

