जंग-ए-आजादी में उलमाओं की कुर्बानी, भोपाल में UCC को लेकर कांग्रेस नेताओं का सरकार पर हमला
भोपाल में जंग-ए-आजादी में उलेमाओं की कुर्बानी कार्यक्रम आयोजित, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और जीतू पटवारी सहित कई नेता हुए शामिल. रिपोर्ट आबिद मुमताज.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : August 30, 2026 at 11:01 AM IST
भोपाल: राजधानी भोपाल के बुधवारा स्थित चारबत्ती चौराहे पर आयोजित जंग-ए-आजादी में उलेमाओं की कुर्बानी कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा. कार्यक्रम का आयोजन कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने किया था. कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित कई कांग्रेसी नेता मौजूद रहे. जिसमें स्कूली बच्चों ने भी क्रांतिकारी उलेमाओं के नाम का जिक्र करते हुए अपने विचार रखे.
जश्न-ए-आजादी में उलेमाओं का किरदार
भोपाल में लगातार 15वर्षाें से जश्न-ए-आजादी के रूप में ये पखवाड़ा मनाया जाता है. इस वर्ष भी यह कार्यक्रम भोपाल के विभिन्न स्थानों पर शुरू हुआ और 29 अगस्त को इसका समापन हुआ. प्रतियोगिता में कक्षा 5वीं से लेकर 12वीं के छात्र-छात्राओं ने भारत की आजादी में उलेमाओं की कुर्बानी के विषय पर अपने विचार रखे. इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी बच्चों को समापन अवसर पर नगद पुरस्कार दिया गया.
कांग्रेस की सरकार बनी तो यूसीसी कानून होगा खत्म
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मुख्य रूप से यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और इसे लेकर अपनी पार्टी (कांग्रेस) का पक्ष रखा. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा, "अगर मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती है तो यूसीसी कानून को खत्म कर दिया जाएगा. देश में इस कानून की आवश्यकता क्या है. केंद्र सरकार बड़े राज्यों में इसे लागू नहीं करवा पाई, जबकि छोटे राज्यों में इसे लागू किया गया. कांग्रेस सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की राजनीति में विश्वास करती है और किसी भी समुदाय के साथ भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाएगा."
बीजेपी पर नफरत और विभाजन की राजनीति का आरोप
वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी यूसीसी कानून को लेकर सरकार पर हमला बोला. उन्होंने इसे काला कानून बताते हुए कहा, "इस तरह के कानूनों से देश और समाज का भला नहीं होने वाला है. भारतीय जनता पार्टी नफरत और विभाजन की राजनीति करती है, जबकि कांग्रेस हमेशा से देश में एकता, भाईचारे और सद्भाव का संदेश देती रही है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार मोहब्बत और भाईचारे की बात करते हैं और समाज के सभी वर्गों को जोड़ने का संदेश देते हैं."

मुस्लिम धर्मगुरुओं और स्वतंत्रता सेनानियों की तारीख से हटाया जा रहा
कार्यक्रम के आयोजक और कांग्रेस विधयाक आरिफ मसूद ने कहा, "बीजेपी की सरकार नफरत फैलाकर आने वाली नस्लों में मुसलमानों के खिलाफ नफरत पैदा कर रही है. इस कार्यक्रम का उद्देश्य जंग-ए-आजादी में भाग लेने वाले मुस्लिम शहीद उलेमा और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जिनके के नाम तारीख के पन्नों से सोची समझी साजिश के तहत हटाए जा रहे हैं उनको याद करना है. इस नफरत को मिटाने के साथ ही मुल्क में अमन और भाईचारा बनाए रखना जरूरी है. इस पखवाड़े के माध्यम से हमारी कोशिश है कि बच्चों में जंग-ए-आजादी में शहीद हुए लाखों मुस्लिम धर्मगुरूओं के बारे में बताया जाये. जिन्होंने अपनी जान की कुर्बानी देकर हमें अंग्रेजों से आजादी दिलाई है."
मुस्लिम समुदाय के साथ भेदभाव
उन्होंने आगे कहा, "स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की आजादी के लिए कुर्बानी देने वाले मुस्लिम स्वतंत्रता सेनानियों का उल्लेख नहीं किया. देश की आजादी में सभी धर्मों और समुदायों के लोगों का योगदान रहा है. इसलिए किसी भी समुदाय की कुर्बानियों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए. यूसीसी कानून में आदिवासियों को अलग रखा गया है, लेकिन मुस्लिम समुदाय के साथ भेदभाव किया जा रहा है. अगर समान नागरिक संहिता का उद्देश्य सभी के लिए समान कानून बनाना है तो अलग-अलग समुदायों के लिए अलग प्रावधान क्यों किए गए हैं."

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कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने एक स्वर में कहा कि उनकी पार्टी संविधान, सामाजिक सद्भाव और सभी धर्मों व समुदायों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी. कुल मिलाकर भोपाल के बुधवारा में आयोजित उलेमाओं की कुर्बानी कार्यक्रम कांग्रेस के शक्ति प्रदर्शन और सरकार के खिलाफ राजनीतिक हमले का मंच बन गया, जहां कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर नफरत और भेदभाव की राजनीति करने के आरोप लगाए.

