गिरिबाला-समर्थ की बढ़ी जुडिशियल कस्टडी, दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट खोलेगा ट्विशा की मौत का राज
भोपाल ट्विशा शर्मा मौत मामले में समर्थ और गिरिबाला सिंह की न्यायिक हिरासत 30 जून तक बढ़ी, गिरिबाला सिंह द्वारा कोर्ट में रखी गई अधिकतर मांगें खारिज, 27 जून को होगी दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर बहस.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : June 16, 2026 at 8:48 PM IST
भोपाल: बहुचर्चित ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले में मंगलवार को विशेष कोर्ट में अहम सुनवाई हुई. रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद आरोपी पति समर्थ सिंह और उनकी मां, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया. सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत 30 जून तक बढ़ाने के आदेश दिए हैं. गिरिबाला ने अदालत के सामने अपनी कई मांगे रखी, जिसमें अदालत ने गिरिबाला सिंह की अधिकांश मांगों को स्वीकार नहीं किया.
अखबारों में उनके मामले काट दिए जाने का आरोप
चर्चित ट्विशा शर्मा मौत के मामले में जेल में बंद पूर्व जज गिरिबाला सिंह और ट्विशा के पति समर्थ सिंह की 14 दिन की रिमांड मंगलवार को खत्म होने के बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया. सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत 30 जून तक बढ़ाने के आदेश दिए. सुनवाई के दौरान गिरिबाला सिंह ने "जेल में मिलने वाली सुविधाओं और कानूनी परामर्श को लेकर अदालत के समक्ष कई मांगें रखी. उन्होंने कहा कि "जेल में उपलब्ध कराए जा रहे हिंदी और अंग्रेजी अखबारों में उनके मामले से जुड़ी खबरों को काटकर अलग कर दिया जाता है. उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि उन्हें बिना किसी कटौती के पूरा समाचार पत्र उपलब्ध कराया जाए.
वकीलों से मुलाकात की समय सीमा बढ़ाने की रखी मांग
इसके अलावा गिरिबाला सिंह ने वकीलों से मुलाकात के लिए निर्धारित 20 मिनट की समय-सीमा हटाने की मांग भी की. उनका कहना था कि मामले की संवेदनशीलता और कानूनी जटिलताओं को देखते हुए उन्हें अपने अधिवक्ताओं से विस्तृत चर्चा के लिए अधिक समय की आवश्यकता है. साथ ही उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि उन्हें और उनके बेटे समर्थ सिंह को एक ही समय पर अपने वकीलों से मिलने की अनुमति दी जाए, ताकि बचाव पक्ष की कानूनी रणनीति पर बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके."
सीजर मेमो की प्रति कॉपी मांगी गई
सुनवाई के दौरान गिरिबाला सिंह ने ट्विशा शर्मा की जब्त की गई दवाइयों से संबंधित जब्ती पंचनामा (सीजर मेमो) की प्रति उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई. उनका कहना था कि "जांच के दौरान दवाइयां जब्त की गई थीं, लेकिन उनके वकीलों को संबंधित दस्तावेजों की प्रतियां उपलब्ध नहीं कराई गई है." इसके साथ ही उन्होंने यह आपत्ति भी दर्ज कराई कि मृतका के परिजन और रिश्तेदार लगातार मीडिया में बयान दे रहे हैं, जिससे मामले की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है. इनको बयान देने से रोके जाने की मांग की.
अधिकतर मांगें हुई अस्वीकार
फरियादी पक्ष के अधिवक्ता अंकुर पांडे और उनके सहयोगी शुभांक दीक्षित के अनुसार, अदालत ने गिरिबाला सिंह की अधिकांश मांगों को स्वीकार नहीं किया. जब्ती पंचनामा से संबंधित मांग पर आवश्यक प्रक्रिया के तहत विचार किया गया. वहीं, कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई द्वारा न्यायिक हिरासत बढ़ाने के लिए पेश आवेदन की प्रति बचाव पक्ष के वकीलों को उपलब्ध कराई गई.
दूसरी पीएम रिपोर्ट सीबीआई को नहीं मिली
सुनवाई के दौरान सीबीआई ने अदालत को बताया कि दिल्ली एम्स द्वारा की गई दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी तक एजेंसी को प्राप्त नहीं हुई है. जांच एजेंसी ने कहा कि यह रिपोर्ट मामले की जांच में महत्वपूर्ण दस्तावेज साबित हो सकती है और इसके मिलने का इंतजार किया जा रहा है.
30 जून तक बढ़ाई गई है जुडिशियल कस्टडी
इस दौरान सीबीआई ने अदालत से दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत बढ़ाने का अनुरोध किया, जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को 30 जून तक न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए. ट्विशा के परिवार की ओर से केस लड़ रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि "गिरिबाला सिंह और समर्थ की रिमांड को 30 जून जुडिशियलल कस्टडी बढ़ाई गई है. गिरिबाला और समर्थ की मांग पर कोर्ट ने जेल मैनुअल का पालन करने का निर्देश भी दिया है."
सेकेंड पोस्टमार्टम रिपोर्ट के लिए 27 जून को होगी बहस
मीडिया पर रोक लगाने की मांग पर भोपाल कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट की एडवाइस के पालन करने के निर्देश दिए. ट्विशा के परिजन के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने बताया "हमने सेकंड पीएम रिपोर्ट की मांग की थी. सीबीआई ने जवाब दिया है कि अभी तक उन्हें सेकंड पीएम रिपोर्ट नहीं मिली है. एम्स के वकील ने 27 जून तक का समय मांगा है. 27 जून को पीएम-2 की रिपोर्ट के लिए कोर्ट में बहस होगी.
अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि "गिरिबाला के वकील ने ट्विशा के परिजन के मोबाइल फोन जब्त करने, डीआर रिपोर्ट जब्त करने की मांग की थी. जिस पर ट्विशा के परिजन के वकील ने कहा सीबीआई को परिवार से जब भी जिस चीज की जरूरत होगी, उसे उपलब्ध करा दी जाएगी."
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ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने कहा, "कोर्ट का अपना प्रोसेस होता है. यह अपना काम कर रहे हैं." वहीं, सीबीआई की जांच पर उन्हें संतुष्टी जताते हुए कहा कि "उन्हें सीबीआई की जांच पर पूरा भरोसा है." अब माना जा रहा है की जांच के दौरान सीबीआई 30 जून को होने वाली पेशी में भी जुडिशियल डिमांड बढ़ाने की मांग कर सकती है.

