साफा बांध मोहन यादव ने संभाली स्टीयरिंग, भोपाल में निकला 1101 ट्रैक्टर्स का रेला
भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निकाली ट्रैक्टर रैली, प्रदेश भर से आए 1101 ट्रैक्टर, सरकार मना रही कृषक कल्याण वर्ष.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 11, 2026 at 5:19 PM IST
भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को भोपाल के कोकता बाईपास के आरटीओ कार्यालय से करीब 1101 ट्रैक्टरों की रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस दौरान मुख्यमंत्री भी खुद ट्रैक्टर चलाकर रैली में शामिल हुए.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि "सरकार 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है और इसकी शुरुआत ट्रैक्टर रैली से की गई है. कृषि में पहले सिर्फ एक विभाग कृषि विभाग होता था, लेकिन हमने अलग-अलग 16 विभागों को कृषि से जोड़ा है. इन विभागों के साथ मिलकर कृषि को पारंपरिक खेती से आगे बढ़ाकर लाभकारी, स्थाई, तकनीक आधारित रोजगार सृजन मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा."
'कृषक कल्याण वर्ष की शुरुआत'
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, "हमारे राज्य की कृषि विकास दर 16 फीसदी की दर से बढ़ रही है, तो राज्य को समृद्ध बनाने के लिए किसानों की आय बढ़ाने और लागत घटाने के लिए संकल्प की जरूरत है. रविवार 11 जनवरी को कृषक कल्याण वर्ष की शुरुआत हुई है. संकल्प की पूर्ति का आज पहला दिन है."
'प्रदेश के हर क्षेत्र के किसानों को आगे बढ़ाएंगे'
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, "साल भर अलग-अलग योजनाओं के माध्यम से जैसे पिछले साल उद्योग वर्ष के रूप में अलग-अलग संभाग में रीजनल कॉन्क्लेव की थी, इसी तरह पूरे साल अलग-अलग विभागों के जरिए मालवा, बुंदेलखंड जैसे हर क्षेत्रों में किसानों के लिए जो बन सकेगा उससे आगे बढ़कर काम करेंगे. जिला स्तरीय क्लस्टर आधारित विकास को बढ़ावा दिया जाएगा. इसके साथ ही प्राकृतिक खेती, उच्च उत्पादकता, डिजिटल सेवाओं और प्रसंस्करण के जरिए किसानों की आय को बढ़ाया जाएगा."

यातायात व्यवस्था में हुआ बदलाव
भोपाल शहर में रविवार को बड़ी संख्या में ट्रैक्टरों के आने से यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया. रैली के दौरान पब्लिक को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए जंबूरी मैदान और आरटीओ ऑफिस की ओर जाने वाले कई रास्तों पर ट्रैफिक डाइवर्ट किया गया. मोहन सरकार के इस कदम को किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और खेती को मुनाफे का धंधा बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
- 'एमपीआरडीसी गो बैक' के नारों से गूंजा उज्जैन, ग्रीन फील्ड रोड के विरोध में उतरे 600 से अधिक किसान
- ताकू प्रूफ रेंज के विस्तार का आदिवासियों में विरोध, बोले 'सांसद को गांव में नहीं घुसने देंगे'
कृषि वर्ष 2026 में होंगे कई कार्यक्रम
| महीने | प्रदेश में साल 2026 में आयोजित होने वाले कार्यक्रम |
|---|---|
| जनवरी | नर्मदापुरम में कृषि कौशल सम्मेलन, मंदसौर में सोयाबीन भावांतर विस्तार, भोपाल में गुलाब महोत्सव का आयोजन किया जाएगा. |
| फरवरी | डिंडौरी-मंडला में कोदो कुटकी मिलेट मेला, निमाड़-मालवा में डिजिटल एग्री एक्सपो और भोपाल, जबलपुर, उज्जैन में एग्री, प्रोसेसिंग और सहकारिता सम्मेलन होंगे. |
| मार्च | भोपाल में प्राकृतिक खेती पर राष्ट्रीय संगोष्ठी, ग्वालियर में दुग्ध उत्पादन सम्मेलन, इंदौर में पशुपालन कार्यक्रम होंगे. |
| अप्रैल | जबलपुर में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग समागम कार्यक्रम होगा. |
| मई | सिवनी में धान महोत्सव, इंदौर-जबलपुर में पोल्ट्री उद्यमी सम्मेलन होगा. |
| जून | भोपाल में आम, सागर में सोया महोत्सव होगा. इसके अलावा उज्जैन में कृषि निर्यात कार्यशाला और पशुपालकों को ब्राजील भ्रमण कराया जाएगा. |
| जुलाई | निमाड़-मालवांचल में कपाल मिर्च महोत्सव, जबलपुर में मत्स्य पालन कार्यक्रम किया जाएगा. |
| अगस्त | इंदौर में राज्य स्तरीय एफपीओ सम्मेलन, भोपाल में दुग्ध गुणवत्ता लैब लोकार्पण कार्यक्रम किया जाएगा. |
| सितंबर | छिंदवाड़ा में कृषि अवसंरचना कार्यशाला और सागर-रतलाम में एफपीओ और स्किल सेमिनार कार्यक्रम होगा. |
| अक्टूबर | भोपाल में परानी प्रबंधन कार्यशाला, इंदौर में सब्जी महोत्सव और जबलपुर में डिजिटल सहकारिता सम्मेलन होगा |
| नंवबर | नरसिंहपुर में गन्ना महोत्सव, भोपाल में सहकारिता और डिजिटल समावेशन सम्मेलन होगा. |

