स्लॉटर हाउस से सड़कों तक गोमांस का नेटवर्क, 26 टन खेप पर सपा का हमला
भोपाल स्लॉटर हाउस कांड पर सपा प्रदेश अध्यक्ष ने दिया अल्टीमेटम, महापौर मालती राय और सीएम मोहन यादव के आवास के घेराव की दी चेतावनी.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 19, 2026 at 8:20 PM IST
भोपाल: राजधानी में बीते 17 दिसंबर को पकड़ाया गोमांस अब केवल तस्करी का मामला नहीं रह गया है, बल्कि पूरे सिस्टम की जवाबदेही पर बड़ा सवाल बन चुका है. भाजपा और कांग्रेस के पार्षद पहले से ही इसका विरोध जता रहे थे. अब समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया है कि स्लॉटर हाउस से सड़कों तक गोमांस का एक संगठित नेटवर्क सक्रिय था. प्रशासनिक मिलीभगत के बिना 26.5 टन गाय का मांस निकलना संभव नहीं है.
नगर निगम और एमआईसी की भूमिका संदिग्ध
समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव ने कहा, "जिंसी स्लॉटर हाउस सीधे भोपाल नगर निगम के अधीन आता है. इसका प्रशासनिक नियंत्रण महापौर परिषद के पास होता है." समाजवादी पार्टी का आरोप है कि "जब स्लॉटर हाउस से प्रतिबंधित मांस निकल रहा था, तो इसकी जिम्मेदारी से एमआईसी सदस्य और महापौर बच नहीं सकते हैं. यदि जानकारी नहीं थी तो यह घोर लापरवाही है और अगर थी तो सीधी मिलीभगत है. यादव का आरोप है कि स्लाटर हाउस के ठेके, लीज और समय-वृद्धि को 20 साल की लीज में बदलने जैसे फैसले पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करते हैं."
सीसीटीवी फुटेज और जांच पर उठे सवाल
सपा अध्यक्ष यादव ने राजधानी में आयोजित पत्रकारवार्ता में सवाल उठाया है कि "जिंसी स्लॉटर हाउस में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं की गई. यदि फुटेज सामने आ जाए तो दूध का दूध और पानी का पानी हो सकता है." मनोज यादव का आरोप है कि "फुटेज छुपाकर असली दोषियों को बचाया जा रहा है और छोटे लोगों को फंसाया जा रहा है. यह पूरे मामले को और संदिग्ध बनाता है."
ऐसे हुआ गोमांस कांड का खुलासा
भोपाल में 17 दिसंबर 2025 की रात जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में पीएचक्यू के पास बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने एक कंटेनर ट्रक पकड़ा था. ट्रक में करीब 26.5 टन मांस भरा हुआ था. शुरुआती स्तर पर नगर निगम और स्लॉटर हाउस से जुड़े लोगों ने इसे भैंस का मांस बताया, लेकिन मथुरा स्थित सरकारी लैब की रिपोर्ट ने इस दावे को झूठा साबित कर दिया. रिपोर्ट में साफ लिखा गया कि मांस गाय या उसके वंश का है. इसके बाद मामला गंभीर अपराध की श्रेणी में आ गया है. हालांकि, इस मामले में बोलने से महापौर समेत अन्य जिम्मेदार अधिकारी बच रहे हैं.
- बिना जांच के थालियों तक पहुंच रहा 800 क्विंटल मांस, भोपाल में बढ़ा संक्रमण का खतरा
- भोपाल नगर निगम का स्लाटर हाउस सील, 26 टन गोमांस की पुष्टि के बाद हिंदू संगठनों का प्रदर्शन
महापौर और सीएम हाउस के घेराव की चेतावनी
समाजवादी पार्टी ने इस मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी न्यायिक जांच की मांग की है. पार्टी का कहना है कि "गौ माता कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि आस्था और सम्मान का विषय है. यदि सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो महापौर मालती राय के बंगले और मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा." सपा ने साफ कहा है कि गौ माता की रक्षा और दोषियों को सजा दिलाने के लिए पार्टी हर स्तर पर संघर्ष करेगी.

