भोपाल-सागर फोरलेन के बनते ही रफ्तार भरेंगे वाहन, 5 घंटे का सफर आधे समय में होगा पूरा
2027 में भोपाल-सागर फोरलेन के साथ बाईपास भी होगा चालू. सागर में फोरलेन का 90 प्रतिशत काम 2026 में हो जाएगा पूरा.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : December 15, 2025 at 8:31 PM IST
सागर: वैसे तो सागर-भोपाल मार्ग की बात करें, तो कभी ये चुनावी मुद्दा रहा और 10 साल पुरानी दिग्विजय सरकार को उखाड़ फेंकने में इस सड़क ने बड़ी भूमिका निभाई. बीजेपी के कार्यकाल में इस मार्ग के हालात सुधरे, लेकिन अब जाकर 20 साल बाद ये सड़क फोरलेन होने जा रही है. मध्य प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री डॉ. राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि "2026 में सागर भोपाल फोरलेन का 90 प्रतिशत काम पूरा हो जाएगा और 2027 में इस सड़क पर आवागमन शुरू हो जाएगा. वहीं, सागर शहर के लिए 20 किमी बाईपास की सौगात भी 2027 में मिल जाएगी."
लंबे समय से चल रही फोरलेन की मांग
सागर से भोपाल के लिए वैसे तो 2 मार्ग हैं. एक रायसेन होते हुए और दूसरा विदिशा होते हुए. लेकिन इन दोनों मार्ग के टूलेन होने के कारण सागर से भोपाल सफर करने में ज्यादा समय लगता है. फिलहाल की स्थिति में बसें और बड़े वाहन जहां पांच घंटे का वक्त लेते हैं, तो निजी फोर व्हीलर साढ़े तीन घंटे का समय लेते हैं.
अब इस मार्ग को फोरलेन बनाए जाने का काम चल रहा है. लेकिन धीमी गति के कारण लंबा इंतजार हो रहा है. प्रभारी मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बताया कि "आने वाले साल में ये सड़क बनकर तैयार हो जाएगी. सड़क का काम 2026 में 90 फीसदी पूरा कर लिया जाएगा और 2027 में ये फोरलेन आवागमन के लिए शुरू हो जाएगी.
डेढ़ साल में बनकर तैयार हो जाएगा बाईपास
लंबे समय से चली आ रही सागर बाईपास की मांग भी पूरी हो गई है. प्रभारी मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बताया कि "300 करोड़ से ज्यादा की लागत से 20 किमी लंबा बाईपास भी 2027 में बनकर तैयार हो जाएगा. हाल ही में बाईपास के टेंडर हो गए और एजेंसी तय हो गई है. जिसने जनवरी से निर्माण कार्य शुरू करने की बात कही है. इसके निर्माण कार्य में करीब एक से डेढ़ साल का वक्त लगेगा.
भोपाल और इंदौर से बनेगी आसान कनेक्टिविटी
सागर भोपाल फोरलेन और सागर बाईपास से प्रदेश के बीचों बीच बसे सागर से गुजरने वाले यात्रियों को काफी फायदा होगा. सागर से जहां नेशनल हाईवे 44 गुजरता है, जिसकी भोपाल और इंदौर जैसे शहरों से कनेक्टिविटी हो जाएगी. इसके अलावा सागर से कानपुर वाराणसी मार्ग से भी भोपाल, इंदौर की बेहतर कनेक्टिविटी हो जाएगी.
ट्रैफिक की परेशानी से मिलेगी निजात
इसके अलावा सागर से जबलपुर, रीवा, छतरपुर और टीकमगढ़ जैसे जिले आसानी से जुड़ जाएंगे. फोरलेन बनने से सफर आसान होने के साथ-साथ समय भी कम लगेगा. इन सड़कों के साथ सागर बाईपास शुरू होने से सागर से गुजरने वाले लोगों और खासकर बड़े वाहनों को शहर के ट्रैफिक की परेशानी से निजात मिलेगी. सागर बाईपास के जरिए नेशनल हाईवे 44, कानपुर मार्ग, जबलपुर मार्ग, छतरपुर, टीकमगढ का सफर कम समय में पूरा होगा.
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2027 में फोरलेन से सफर कर सकेंगे लोग
सागर के प्रभारी मंत्री और उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने पिछले दिनों सागर के दौरे पर बताया था कि "भोपाल सागर फोरलेन निर्माण के कार्य में गति लाई जा रही है. मैं जब भोपाल से सागर दौरे के लिए आ रहा था, तो मैंने एनएचआई के अधिकारियों से इस मार्ग की प्रगति पर चर्चा की. अधिकारियों ने बताया कि सागर फोरलेन मार्ग का 90 फीसदी काम हम 2026 में पूरा कर लेंगे और सागर से भोपाल जाने वाले लोग 2027 में फोरलेन से सफर कर सकेंगे."

