युवाओं से संवाद करते समय RSS चीफ प्रमुख मोहन भागवत को याद आई फिल्म कुली
भोपाल में आयोजित युवा संवाद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने समाज और देश निर्माण के लिए जरूरी बातें बताईं.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 2, 2026 at 5:28 PM IST
भोपाल : युवा संवाद में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने नौजवानों के सवालों के जवाब देते हुए कुली फिल्म का भी जिक्र किया. उन्होंने कुली फिल्म का उदाहरण देते हुए कहा "उस समय युवा लाल कुर्ता या शर्ट पहनते थे." ये बात उन्होंने फैशन के संदर्भ में कही. डॉ. मोहन भागवत ने कहा "हम ऐसे युवाओं का निर्माण कर रहे हैं, जो समाज में सार्थक फैशन को बढ़ाएं."
एआई की चुनौती पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा "हमें एआई को कंट्रोल करना है, न कि कंट्रोल होना है. उसका उपयोग विकास में करना है. हमें ऐसे युवाओं का निर्माण करना है, जो एआई या अन्य तकनीक का उपयोग देशहित में करें."
16 जिलों के युवाओं से भागवत ने किया संवाद
भोपाल में दो दिवसीय प्रवास के पहले दिन भागवत ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से आयोजित 'युवा संवाद' कार्यक्रम में भाग लिया. इसमें मध्य प्रदेश के 16 जिलों के युवा आए. इन्हें संबोधित करते हुए सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा "कोई भी नेता, नीति और व्यवस्था, ये सब तब सहायक होते हैं, जब समाज गुणसम्पन्न होता है. भारत का युवा जाग गया है. वह अपने देश को समर्थ बनाना चाहता है."
युवाओं से संघ की शाखाओं में आने का आह्वान
भागवत ने युवाओं से अपील की "वे संघ की शाखा में आएं या फिर संघ की योजना से चल रहे अपने रुचि के कार्य में जुड़कर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें. व्यक्ति निर्माण जिस तरह से संघ में होता है, ऐसा दुनिया में कोई दूसरा नहीं करता." कार्यक्रम के प्रथम सत्र में अखिल भारतीय सह बौद्धिक प्रमुख दीपक विस्पुते ने संघ की 100 साल की यात्रा पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा "संघ को 100 वर्ष में खूब प्रसिद्ध मिली. लेकिन संघ का प्रचार विरोधियों ने नकारात्मक भाव में किया."
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हार्ट टू हार्ट पहुंचने की कोशिश
दीपक विस्पुते ने कहा "विरोधियों ने कभी संघ को समझने का प्रयास नहीं किया. संघ वर्ष 1925 में नागपुर से प्रारंभ हुआ. संघ स्वामी विवेकानंद की तीन बातों का अनुसरण करते हुए काम करता है. पहली बात भारत के समाज को आर्गनाइजेशन सीखना पड़ेगा. दूसरा भारत में मैन मेकिंग यानी व्यक्ति के निर्माण की प्रक्रिया जरूरी है और तीसरी बात आने वाले 50 साल के लिए देश को प्राथमिकता पर रखना."
उन्होंने कहा "संघ 100 वर्ष पूरे होने पर उत्सव नहीं मना रहा है, बल्कि डोर टू डोर मैन टू मैन और हार्ट टू हार्ट पहुंचने की कोशिश कर रहा है."

