भोपाल में 7 दिन में हो गई 43% बारिश, मध्य प्रदेश में आज भी ऑरेंज अलर्ट, फ्लैश फ्लड का खतरा
मध्य प्रदेश के कई पूर्वी हिस्सों में भारी से भारी बारिश, शहडोल के बाणसागर डैम के तीन गेट खोले गए. अखिलेश शुक्ला और विश्वास चतुर्वेदी की रिपोर्ट.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : August 25, 2026 at 10:35 AM IST
|Updated : August 25, 2026 at 10:51 AM IST
भोपाल/शहडोल : मध्य प्रदेश में मानसून ने ऐसी वापसी की है कि कई शहरों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश हो रही है. बात करें राजधानी भोपाल की तो यहां अबतक हुई बारिश की 43% बारिश 7 दिनों में ही बरस गई. यानी अबतक हुई कुल 38 इंच बारिश में से 16.1 इंच बारिश अगस्त के 7 दिनों में ही बरस गई. अकेले 10 अगस्त को ही भोपाल में 6.97 इंच बारिश हो गई, जो एक रिकॉर्ड है.

भोपाल में पूरे सीजन बारिश का औसत 42 इंच है. वहीं, भारी बारिश से भोपाल के बड़े तालाब का जलस्तर फुल टैंक लेवल के करीब पहुंच रहा है और भदभदा डैम के भी गेट जल्द खुल सकते हैं. ऐसा ही हाल प्रदेश के कई जिलों का भी है.

शहडोल में खोले गए बाणसागर के 3 गेट
शहडोल संभाग में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश का दौर देखने को मिल रहा है, झमाझम बरसात से खेत खलिहान तो पानी से लबालब हो ही चुके हैं, तो वहीं अब नदियां भी उफान पर हैं. ऐसे में जलस्तर को नियंत्रित रखने के लिए शहडोल के बाणसागर डैम के तीन गेट खोले गए हैं. मौजूदा मानसून सीजन में पहली बार बाणसागर डैम के गेट खोले गए हैं.

बाणसागर डैम के कार्यपालन यंत्री सुरेंद्र शर्मा ने कहा, '' 24 अगस्त को रात 8 बजे के लगभग डैम के तीन गेट खोले गए हैं, इससे पहले अलर्ट जारी कर दिया गया था, और फिर रात में 8:00 बजे के लगभग 304 क्युमैक्स पानी छोड़ा जा रहा है, बांध के तीन गेट खोल दिए गए हैं, और तीनों गेट से लगभग 100-100 क्यूमेक्स तक पानी बाहर छोड़ा जा रहा है.''
बाणसागर डैम में तेजी से बढ़ रहा पानी
पिछले कुछ दिनों से शहडोल संभाग में जोरदार बारिश हो रही है. सोमवार 24 अगस्त को रात 8:00 बजे तक बांध का जलस्तर 340.76 मीटर तक पहुंच गया है, जो कि इसके अधिकतम स्तर 341.64 मीटर से महज 0.88 मीटर नीचे है. इस समय बाणसागर डैम अपनी कुल क्षमता का 95 प्रतिशत भर चुका है. पिछले साल की तुलना में इस समय जल स्तर लगभग समान बना हुआ है, पिछले साल इसी दिनांक तक 340.95 मीटर जल स्तर बना हुआ था. बांध में इस समय 2076 क्यूमेक्स घन मीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से पानी डैम के अंदर आ रहा है.

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मध्य प्रदेश में आज भी अति भारी बारिश
मध्य प्रदेश के लिए मौसम विभाग अगले तीन दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट पहले ही जारी कर चुका है. वहीं, मंगलवार को भी प्रदेश तेज बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. आईएमडी के मुताबिक छतरपुर, दतिया, ग्वालियर, निवाड़ी, पन्ना, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ नरसिंहपुर, दमोह, टीकमगढ़, बैतूल और राजगढ़ में बारिश का ऑरेंज अलर्ट है. इसके अलावा जबलपुर, कटनी, शहडोल, सीधी, गुना, आगर-मालवा, शाजापुर, सीहोर, हरदा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट और मंडला में भी भारी बारिश होगी. तकरीबन 30 जिलों में दो से ढाई इंच बारिश आज हो सकती है.
मध्य प्रदेश में क्यों अचानक हो रही भारी बारिश?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार गांगेय पश्चिम बंगाल और ओडिशा के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र और सक्रिय मानसूनी ट्रफ के कारण प्रदेश में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो चुका है. मौसम केंद्र भोपाल ने अगले 24 घंटों के लिए कई जिलों में फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) और भारी जलभराव का खतरा जताया है. साथ ही प्रशासन ने आम जनता से सतर्क रहने और नदी-नालों से दूर रहने की अपील की है.

मध्य प्रदेश में फ्लैश फ्लड का खतरा
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, '' भोपाल, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, देवास, रतलाम, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, मऊगंज, मैहर और निवाड़ी जिलों में बिजली चमकने और हल्की से तेज बौछारें पड़ने का अनुमान है. फ्लैश फ्लड गाइडेंस सेल के अनुसार लगातार हो रही बारिश से मिट्टी पूरी तरह से संतृप्त हो चुकी है. अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वी मध्यप्रदेश के 10 जिलों में अचानक बाढ़ आने और सतही जल बहाव तेज होने की गंभीर आशंका है. इनमें बालाघाट, डिंडोरी, मंडला, अनूपपुर, कटनी, शहडोल, रीवा, सीधी, उमरिया और सतना जिले शामिल हैं.''
सड़कें जलमग्न, बांधों के गेट खुले
बीते 24 घंटों में शिवपुरी के करेरा में 5.4 इंच, नर्मदापुरम में 3.7 इंच, निवाड़ी के ओरछा में 3.3 इंच, सागर के रहली में 3 इंच और भोपाल शहर में 3 इंच बारिश दर्ज की गई. वहीं, भारी आवक के कारण शहडोल में बाणसागर डैम के 3 गेटों को आधा-आधा मीटर तक खोलना पड़ा है. भोपाल और विदिशा में निचले इलाकों की सड़कों और दुकानों में पानी भरने से जनजीवन प्रभावित हुआ है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बारिश का यह दौर आगामी 28 अगस्त तक रुक-रुक कर जारी रहेगा.

