ETV Bharat / state

रक्षाबंधन पर घर जाने वाले यात्रियों की जेब पर डाका, बसों के किराए में कई गुना उछाल

रक्षाबंधन के अवसर पर घर लौटने वाले यात्रियों के लिए मुश्किलें बढ़ी, भोपाल से दिल्ली, गोरखपुर तक का बस किराया 5 हजार के पार पहुंचा. विश्वास चतुर्वेदी की रिपोर्ट.

raksha bandhan bus fares doubled
भोपाल में रक्षाबंधन के अवसर बस किराया में भारी बढ़ोतरी (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : August 27, 2026 at 10:58 PM IST

4 Min Read
Choose ETV Bharat

भोपाल: राजधानी भोपाल के अंतर राज्यीय बस स्टैंड यानि आईएसबीटी पर रक्षाबंधन से पहले घर जाने के लिए यात्रियों की भारी भीड़ है, लेकिन त्योहार से पहले बसों के किराए में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. यात्रियों को सामान्य दिनों के मुकाबले दो से चार गुना तक किराया चुकाना पड़ रहा है. दिल्ली के लिए 1,800 से 4,500 रुपये, गोरखपुर के लिए 5,100 रुपए और सागर के लिए 1,700 रुपए तक किराया वसूला जा रहा है.

आईएसबीटी पर त्योहार से पहले भारी भीड़

रक्षाबंधन से पहले आईएसबीटी बस स्टैंड पर सुबह से ही यात्रियों की आवाजाही बढ़ गई थी. कोई दिल्ली तो कोई सागर, बरेली, गोरखपुर या दूसरे शहरों की ओर निकल रहे थे. इनमें ज्यादातर यात्रियों की पहली पसंद ट्रेन थी, लेकिन टिकट नहीं मिलने और लंबी वेटिंग के कारण बसों का रुख करना पड़ा.

रक्षाबंधन पर घर जाने की कीमत भारी (ETV Bharat)

4 दिन पहले बुकिंग, फिर भी चुकाने पड़े 1,800 रुपए

दिल्ली जाने वाले एक यात्री ने बताया कि उसने बस का आनलाइन 1,800 रुपए का टिकट लिया है. उसके अनुसार सामान्य दिनों में यही किराया करीब 1,000 से 1,200 रुपए रहता है. हालांकि कई बसों में किराया 2,500 से 3,000 रुपए तक दिखाई दे रहा था, इसलिए उसने सबसे कम किराए वाली बस चुनी. यात्री ने बताया कि उन्होंने 4 दिन पहले टिकट बुक की थी, इसलिए कम में मिल गई. अब तो 4 हजार रुपए तक किराया पहुंच गया है.

BHOPAL bus fares increase
पांच हजार तक पहुंचा बसों का किराया (ETV Bharat)

गोरखपुर के लिए 5,100 रुपए, ट्रेन में 100 से ज्यादा वेटिंग

गोरखपुर जाने वाले एक यात्री ने बताया कि बस का टिकट लेने के लिए उसे 5,100 रुपए देने पड़े. सामान्य दिनों में गोरखपुर का बस किराया करीब 2,200 से 2,400 रुपए तक रहता है. वह आमतौर पर ट्रेन से सफर करता है, लेकिन इस बार टिकट नहीं मिला. कई ट्रेनों में 100 से ज्यादा वेटिंग थी, जबकि कुछ में टिकट की स्थिति ऐसी थी कि रिजर्वेशन की संभावना ही नहीं बची थी. ऐसे में बस से जाना मजबूरी बन गया.

400 सौ का स्लीपर टिकट 1,737 में

आईएसबीटी पर सागर जाने वाली एक महिला यात्री ने बताया कि सामान्य दिनों में सागर की टिकट करीब 400 रुपए है, लेकिन अभी स्लीपर बस के लिए उससे 1,737 रुपए लिए गए. महिला ने नाराजगी जताते हुए कहा कि त्योहार के समय यात्रियों से इतना किराया लेना ठीक नहीं है. वहीं सागर जा रहे एक अन्य यात्री ने बताया कि उसने पहले ही टिकट करा लिया था, इसलिए उसे 500 रुपए देने पड़े. उसका कहना था कि तत्काल जरूरत में यात्रियों से कितना किराया लिया जा रहा है, इसका कोई भरोसा नहीं है.

बरेली का किराया भी बढ़ा, 150 की जगह 260 रुपए

भोपाल से बरेली जाने वाले यात्री ने बताया कि सामान्य दिनों में करीब 150 रुपए लगते हैं, लेकिन अभी 260 रुपए चुकाने पड़ रहे हैं. यानी कम दूरी के सफर में भी यात्रियों को अतिरिक्त रकम देनी पड़ रही है. भोपाल से नागपुर का किराया सामान्य दिनों में करीब 700 से 1,500 रुपए तक रहता है, जो अभी 1,500 से 3,500 रुपए तक पहुंच गया है.

किराया बढ़ाने की सीमा तय कर चुकी सरकार

बता दें कि सरकार की नई व्यवस्था में बसों की अलग-अलग श्रेणियों के लिए किराया बढ़ाने की अधिकतम सीमा तय की गई है. रात्रिकालीन सामान्य बस सेवा के लिए 10 प्रतिशत, गैर-वातानुकूलित डीलक्स बस के लिए 25 प्रतिशत, स्लीपर बस के लिए 40 प्रतिशत, वातानुकूलित डीलक्स बस के लिए 50 प्रतिशत और सुपर लग्जरी वातानुकूलित बस के लिए अधिकतम 75 प्रतिशत तक किराया बढ़ाने की अनुमति है. सामान्य बस का किराया 2 रुपए प्रति किलोमीटर तय है, जबकि कम दूरी के लिए न्यूनतम किराया 10 रुपए रखा गया है. वहीं इन श्रेणियों की बसों में किराए के ऊपर अलग से रात्रि प्रभार नहीं लिया जाना चाहिए.

पहले ही 60 से 75 प्रतिशत बढ़ चुका है किराया

प्रदेश में यात्री बसों का किराया पहले ही 60 से 75 प्रतिशत तक बढ़ाया जा चुका है. नई व्यवस्था के तहत सामान्य बस का किराया 1.25 रुपए प्रति किलोमीटर से बढ़ाकर 2 रुपए प्रति किलोमीटर किया गया है. न्यूनतम किराया भी 7 रुपए से बढ़ाकर 10 रुपए किया गया.