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RGPV से क्यों हटाया राजीव गांधी का नाम? तीन दशक बाद तीन टुकड़े होने की दिलचस्प कहानी

मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने आरजीपीवी का बदला नाम. राजीव गांधी का नाम हटाकर 3 भागों में बांटी यूनिवर्सिटी. ब्रिजेन्द्र पटैरिया की रिपोर्ट.

RGPV NAME CHANGED
मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने आरजीपीवी का बदला नाम (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : September 1, 2026 at 10:15 PM IST

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Updated : September 2, 2026 at 1:25 PM IST

5 Min Read
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भोपाल : पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नाम पर संचालित मध्य प्रदेश की एक मात्र टेक्निकल यूनिवर्सिटी राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) का नाम आखिरकार बदल दिया गया. प्रदेश की मोहन यादव सरकार कैबिनेट ने भोपाल की राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को 3 भागों में बांट दिया है और इसके साथ ही विश्वविद्यालय का नाम भी बदल दिया है. राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का नाम बदलकर अब मध्य भारत प्रौद्योगिकी और कौशल विश्वविद्यालय कर दिया गया है.

क्या बीजेपी मिटा रही गांधी के निशान?

राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के नाम बदलने को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है. प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने आरोप लगाया है, "बीजेपी को महात्मा गांधी से लेकर उन सभी नेताओं के नाम से नफरत है, जिन्होंने देश को आजाद कराने और दिशा देने में अपना खून-पसीना बहाया."

rgpv name change
आरजीपीवी के नाम पर बवाल क्यों? (ETV Bharat)

राजीव गांधी हटाकर मध्य भारत प्रौद्योगिकी और कौशल विश्वविद्यालय दिया नाम

तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने और प्रदेश भर के काॅलेजों में संचालित तकनीकी कोर्सेस के बेहतर संचालन के लिए 1998 में राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की स्थापना की गई थी. इससे प्रदेश भर में तकनीकी विषयों को संचालित करने वाले काॅलेजों को संबद्ध किया गया. इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, ऑर्किटेक्टचर, कम्प्यूटर एप्लीकेशन से जुड़े तमाम डिप्लोमा, स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के संचालन से जुड़ी तमाम प्रक्रिया, परीक्षा और रिजल्ट तक की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय की रही है.

हांलाकि, अब राज्य सरकार ने विश्वविद्यालय को 3 हिस्सों में बांट दिया है और इसके साथ ही विश्वविद्यालय का नाम भी बदल दिया गया है. राजीव गांधी प्रोद्योगिकी विश्वविद्यालय में से राजीव गांधी का नाम हटाया गया और इसके स्थान पर इसे मध्य भारत प्रौद्योगिकी और कौशल विश्वविद्यालय कर दिया गया है.

राजीव गांधी हटाकर मध्य भारत प्रौद्योगिकी और कौशल विश्वविद्यालय दिया नाम (ETV Bharat)

55 जिलों को 3 विश्वविद्यालय में बांटा

राज्य सरकार ने अब प्रदेश के 10 संभाग और 55 जिलों में संचालित तकनीकी काॅलेजों को 3 अलग-अलग विश्वविद्यालय में बांट दिया है. इसके लिए आरजीपीवी को 3 भांगों में बांट दिया गया है.

  • मध्य भारत प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय,भोपाल - इसमें भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग के सभी जिलों में संचालित तकनीकी कॉलेज आएंगे.
  • मालवा प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय,उज्जैन - इसमें उज्जैन और इंदौर संभाग के जिले आएंगे.
  • महाकौशल प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय,जबलपुर - इसमें जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के सभी जिले आएंगे.इन तीनों कॉलेजों में नए पदों के सृजन की भी मंजूरी दी गई है.

मंत्री राकेश सिंह ने बताई नाम बदलने की वजह

मोहन यादव सरकार कैबिनेट में हुए इस फैसले की पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने वजह भी बताई है. उन्होंने कहा, "आरजीपीवी से मौजूदा वक्त में प्रदेश भर के 585 तकनीकी काॅलेज संबद्ध हैं. इन काॅलेजों के करीबन 3 लाख 83 हजार स्टूडेंट्स आरजीपीवी में पढ़ रहे हैं. प्रदेश की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए आरजीपीवी को 3 भागों में बांटा गया है, ताकि इसका संचालन बेहतर हो सके."

मंत्री राकेश सिंह ने कहा, "अभी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के साथ कौशल नहीं था, इसलिए इसमें कौशल को भी जोड़ा गया है. यूनिवर्सिटी को 3 भागों में बांटना विकास की एक यात्रा है, इसको समय की जरुरत और सुविधा के तौर पर देखा जाना चाहिए."

दिग्विजय सिंह ने मोहन यादव से किया था आग्रह

आरजीपीवी के पहले भोपाल के ही बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम भी बदले जाने का प्रस्ताव तैयार हो चुका है. हालांकि इसको लेकर हुए विरोध के बाद फिलहाल इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है. आरजीपीवी का नाम बदलने को लेकर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह भी कड़ी आपत्ति जता चुके हैं. उन्होने मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार से लगातार इस फैसले को टालने और आगे नहीं बढ़ने का आग्रह किया था. मगर उनका आग्रह दरकिनार कर दिया गया.

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सरकार पर राज्य के इतिहास को मिटाने के आरोप लगाते हुए कहा था, "राजनीतिक मतभेद अलग बात हैं, लेकिन देश के पूर्व प्रधानमंत्री और तकनीकी क्रांति के सूत्रधार राजीव गांधी का नाम हटाना ठीक नहीं है." उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से नाम न बदले जाने का आग्रह भी किया था.

पहले भी हटे नेहरु गांधी के नाम

सबसे पहले साल 2023 की बात है. मध्य प्रदेश की विधानसभी के नए सत्र की शुरुआत के साथ ही देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु की फोटो को हटा दिया गया था. राज्य के बुधनी में भी सार्वजनिक नेहरु पार्क का नाम बदला जा चुका है. छिंदवाड़ा में भी यूनिवर्सिटी का नाम बदलकर स्थानीय नायक शंकर शाह के नाम पर रखा गया.

तीन दशक बाद राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय हुआ तीन टुकड़े

मध्य प्रदेश में बात है साल 1998 की. राज्य के कौशल विकास और युवाओं को टेक्नोलॉजी से जुड़ी शिक्षा के लिए विश्वविद्यालय की गठन किया गया. विधानसभा ने अधिनियम 13 के तहत राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की स्थापना की. इंजीनियरिंग से लेकर प्रबंधन तक तमाम तकनीकी शिक्षा के प्रसार की जिम्मेदारी इस विश्वविद्यालय को मिली. राज्य स्तर के सभी तकनीकी संस्थानों को इससे संबद्ध किया गया. मगर अब तीन दशक के बाद इसका स्वरुप बदला गया. मध्य प्रदेश सरकार ने इसे तीन टुकड़ों में बांट दिया है.

Last Updated : September 2, 2026 at 1:25 PM IST