बे-टिकटों ने भर दी रेलवे की झोली, 9 माह में 30.48 करोड़ जुर्माना, जानिए कैसे तय होता है फाइन
भोपाल रेल मंडल ने पिछले 9 माह में बिना टिकट और जनरल का टिकट लेकर रिजर्व क्लॉस में यात्रा करने पर वसूला करोड़ों का जुर्माना.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 7, 2026 at 6:19 PM IST
|Updated : January 7, 2026 at 8:05 PM IST
भोपाल: ट्रेन में बिना टिकट यात्रा पर जुर्माने के प्रावधान के बाद भी यात्री बिना टिकट यात्रा से नहीं हिचक रहे. भोपाल रेल मंडल में हर माह बिना टिकट यात्रा करने वाले 26 हजार से ज्यादा यात्री पकड़े जा रहे हैं. ऐसे यात्रियों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की जा रही है. भोपाल रेल मंडल ने पिछले 9 माह के दौरान 2 लाख 34 हजार 881 यात्रियों से 17 करोड़ 97 लाख रुपए से ज्यादा का जुर्माना वसूला है. यह कार्रवाई भोपाल, इटारसी जैसे बड़े रेलवे प्लेटफॉर्म पर की गई है. रेलवे अधिकारियों के मुताबिक आने वाले समय में बड़े स्तर पर चैकिंग अभियान शुरू किया जाएगा.
9 माह में किससे 30 करोड़ वसूला जुर्माना
भोपाल मध्य रेलवे से देश भर की ट्रेनें गुजरती हैं. इन ट्रेनों से राजधानी भोपाल के अलावा इटारसी, विदिशा जैसे बड़े स्टेशनों पर बड़ी संख्या में यात्री चढ़ते-उतरते हैं. इसमें कई यात्री बिना टिकट लिए ही यात्रा करते हैं. भोपाल मध्य रेलवे के डीसीएम नवल अग्रवाल ने बताया कि "हर माह ऐसे 26 हजार से ज्यादा यात्रियों को बिना रेलवे टिकट यात्रा करते पकड़ा जा रहा है. भोपाल मध्य रेलवे ने पिछले 9 माह के दौरान ऐसे 2 लाख 34 हजार 881 यात्रियों को बिना टिकट यात्रा करते हुए पकड़ा है. इन यात्रियों से 17 करोड़ 97 लाख 87 हजार रुपए का जुर्माना वसूला है.
इसके अलावा जनरल का टिकट लेकर रिजर्व क्लॉस पर यात्रा करने वालो यात्रियों से भी 12 करोड़ 43 लाख का जुर्माना वसूला गया है. पिछले 9 माह के दौरान रेलवे ने ऐसे 2 लाख 37 हजार यात्रियों को पकड़ा है. इसके अलावा 2065 ऐसे यात्रियों पर भी कार्रवाई की गई है, जो तय क्षमता से ज्यादा सामान लेकर यात्रा कर रहे थे. ऐसे यात्रियों से 6 लाख 60 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया है."

लगातार जारी रहेगा चैकिंग अभियान
भोपाल मध्य रेलवे के डीसीएम नवल अग्रवाल कहते हैं कि "कार्रवाई के पीछे रेलवे का उद्देश्य सिर्फ यात्रियों को टिकट लेकर ही यात्रा करने के लिए प्रोत्साहित करना है. इसी तरह यात्री ने जिस श्रेणी का टिकट लिया है, उसी में यात्रा करें तो दूसरे यात्रियों को परेशानी नहीं होगी.
नियम का उल्लंघन करने वाले यात्रियों के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है. पिछले साल में रेलवे ने बिना टिकट यात्रा करने वाले 2 लाख 39 हजार यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई की थी और उनसे 17 करोड़ का जुर्माना वसूला था. उधर आने वाले समय में बड़े स्तर पर चैकिंग अभियान चलाया जाएगा."

बिना टिकट कितना वसूला जाता है जुर्माना
ट्रेन में बिना टिकट यात्रा करना या फिर लोअर क्लास की टिकट लेकर अपर क्लॉस में सफर करना एक सिविल अपराध के दायरे में आता है. ऐसे मामले में जुर्माने की राशि वसूली जाती है. बिना टिकट ट्रेन में यात्रा करते पकड़ाए जाने पर टिकट की राशि और 250 रुपए का जुर्माना लगाया जाता है. यदि 250 रुपए से ज्यादा किराया है, तो किराए के बराबर ही पेनाल्टी भी लगाई जाती है. इसके अलावा ट्रेन के शुरुआती स्टेशन से लेकर जहां यात्री पकड़ा जाता है, वहां तक की राशि जुर्माना में वसूली जाती है.

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किराए के अंतर के बराबर ही जुर्माना
इसी तरह यदि लोअर क्लास की टिकट लेकर अपर क्लास में यात्रा करते पकड़ाए जाते हैं तो यात्री पर दोनों श्रेणियों के अंतर का किराया वसूला जाता है. यात्री को किराए के अंतर के बराबर ही जुर्माना देना होता है. जुर्माना कम से कम 250 रुपए होता है.
यदि टीटीई द्वारा लगाए गए जुर्माने की राशि को यात्री देने से इंकार करता है तो यात्री को अगले स्टेशन पर उतारकर उसके खिलाफ रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई किए जाने का अधिकार टीटीई के पास होता है. ऐसे में यात्री को एक माह की सजा या 500 रुपए का जुर्माना या फिर दोनों हो सकता है.
जुर्माना की कार्रवाई के दौरान यात्री टीटीई के साथ बदतमीजी करता है तो ऐसे यात्री को आरपीएफ गिरफ्तार कर सकती है. ऐसे यात्री के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 139 के तहत कार्रवाई कर सकती है. इसमें 6 माह तक की सजा का प्रावधान है.

