सुन लें प्रदर्शनकारी! सरकारी संपत्ति का नुकसान, इन्हें भरना होगा हर्जाना, मशाल-जुलूस बैन
भोपाल पुलिस कमिश्नर ने प्रदर्शनकारियों के लिए जारी किए नियम, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना किसी भी तरह के प्रदर्शनकारी को पड़ेगा भारी.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 6, 2026 at 6:14 PM IST
भोपाल: राजधानी भोपाल में अगर धरना प्रदर्शन, पुतला दहन, आंदोलन और जुलूस के दौरान कोई डैमेज होता है, तो इसकी जवाबदारी आयोजकों की होगी. इसके अलावा शहर में आंदोलन, धरना प्रदर्शन, जुलूस, रैली, आम सभा और पुतला दहन या फिर किसी सरकारी भवन का घेराव तो पहले से ही सरकारी अनुमति के बिना निषेध है. पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्रा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा -163 के अधीन ये आदेश जारी किया है.
प्रदर्शन में डैमेज के लिए आयोजक जवाबदार
भोपाल में होने वाले धरने, प्रदर्शन, जुलूस, आंदोलन रैली, आमसभा, पुतला दहन, रथ यात्रा, पद यात्रा या फिर किसी के निवास या सरकारी बिल्डिंग के घेराव के लिए पुलिस को सूचना दिया जाना अनिवार्य होगा. जो आयोजन बगैर अनुमति के होंगे, उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. इसके लिए डीसीपी इंटेलिजेंस की अनुमति आवश्यक होगी. इसके अलावा जो धार्मिक यात्राएं निकलती हैं, वे भी इसी के अंतर्गत आएंगी.
पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र का कहना है कि "पुलिस को पूर्व सूचना इसलिए भी आवश्यक है, ताकि पुलिस और यातायात की समुचित व्यवस्था हो सके. ताकि कोई भी हिंसक गतिविधि ना हो और सार्वजनिक संपत्ति को किसी तरह का नुकसान ना पहुंचाया जा सके. ऐसे कार्यक्रमों में अगर अव्यवस्था होती है और किसी तरह का डैमेज सरकारी संपत्ति को होता है, तो इसकी जवाबदारी भी आयोजकों की होगी. इसमें स्पष्ट कहा गया है कि प्रदर्शन के दौरान यदि किसी सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचता है, तो समुदाय संगठन राजनीतिक दलों की जवाबदारी होगी."
भाषण से भावनाएं ना भड़कें, विवादित सामग्री भी नहीं छपेगी
इसके अलावा भोपाल शहर की सीमा के अंदर किसी भी समुदाय का व्यक्ति दूसरे समुदाय की भावनाओं के विपरीत कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं करेगा. कोई भी ऐसा कार्यक्रम नहीं करेगा, जिससे किसी दूसरे व्यक्ति की भावनाओं को ठेस पहुंचे. ऐसा कोई भाषण भी नहीं देगा, जिससे किसी शांति भंग होने की आशंका हो. इसी तरह से भोपाल की सीमा में ऐसा कोई प्रकाशन नहीं होगा. जिससे दो समुदायों के बीच किसी भी तरह की वैमनस्यता का भाव उत्पन्न हो.
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मशाल जुलूस पर भी बैन
कमिश्नर हरियारायण चारी मिश्र ने जो आदेश जारी किया है, उसके मुताबिक किसी भी व्यक्ति द्वारा किसी भी भवन सार्वजनिक स्थान व निजी स्थान पर किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक हथियार, अस्त्र-शस्त्र, विस्फोटक सामग्री ऐसी कोई भी वस्तु, जिससे आम लोगों को खतरा महसूस हो, उसका रखना प्रतिबंधित रहेगा. इसके अलावा किसी भी तरह के मशाल जुलूस पर भी पाबंदी रहेगी.

