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ब्रेन डेड घोषित के बाद दो गंभीर मरीजों को नया जीवन दे गए सजना, विदाई विद गार्ड ऑफ ऑनर

भोपाल में अंगदान ने फिर बचाई दो लोगों की जिंदगी. ब्रेन डेड होने के बाद लिवर और किडनी ट्रांसप्लांट.

Bhopal Organ Donation
ब्रेन डेड घोषित के बाद दो मरीजों को नया जीवन दे गए सजना (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : May 30, 2026 at 3:46 PM IST

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भोपाल : कहते भी हैं कि केवल अपने लिए जीए तो क्या जिंदगी. असली जीवन वही है जो दूसरों के काम आ सके. भोपाल के एक निजी अस्पताल में गंभीर ब्रेन हैमरेज के बाद भर्ती 42 वर्षीय सजना एस.ए. को डॉक्टर्स ने ब्रेन स्टेम डेड घोषित कर दिया. इसके बाद परिजनों में अंगदान करने पर सहमति बनी. इस अंगदान से दो गंभीर मरीजों को नया जीवन मिल गया.

गंभीर ब्रेन हैमरेज के बाद हुए थे भर्ती

केरल निवासी 42 वर्षीय सजना एस. ए. को गंभीर ब्रेन हैमरेज के बाद 15 मई 2026 को भोपाल के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. कठिन परिस्थिति के बावजूद परिवार ने बड़ा फैसला लेते हुए अंगदान की सहमति दी. परिजनों के इस नेक कदम से दो गंभीर मरीजों को नया जीवन मिला. हॉस्पिटल की ट्रांसप्लांट टीम ने सफलतापूर्वक लिवर और किडनी ट्रांसप्लांट किया. अस्पताल प्रशासन ने बताया कि अधिकृत प्राधिकरण की निगरानी में पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित तरीके से पूरा किया गया.

Bhopal Organ Donation
अंगदान के बाद विदाई विद गार्ड ऑफ ऑनर (ETV BHARAT)

राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई

अंतिम विदाई के समय दिवंगत सजना एस.ए. के पार्थिव शरीर को पूरे राजकीय सम्मान और श्रद्धा के साथ पुलिस बल द्वारा 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया, जिसके बाद उन्हें अस्पताल परिसर से अंतिम यात्रा के लिए रवाना किया गया. इस दौरान हॉस्पिटल परिसर में मौजूद डॉक्टरों और स्टाफ ने अंगदान जैसा महान निर्णय लेने के लिए परिजनों का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें सम्मानित भी किया. यह भावुक क्षण न केवल अंगदान के महत्व को रेखांकित करता है, बल्कि समाज में मानवता, आपसी सौहार्द की मिसाल भी पेश करता है.

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राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई (ETV BHARAT)

अंगदान को बढ़ावा देने की अपील

विशेषज्ञों का कहना है कि अंगदान से कई लोगों की जान बचाई जा सकती है और समाज में इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है. ये पूरी प्रक्रिया नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गेनाइजेशन (NOTTO) और अधिकृत समिति के दिशा-निर्देशों के अनुसार हुई. अंगदान के करने वाले व्यक्ति के पार्थिव शरीर पर लोगों ने फूल बरसाकर विदाई दी.