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भोपाल की तलवारबाज लड़कियों के हुनर की तारीफ करते ही मचा बवाल, डांस करने पर उठे सवाल

भोपाल में ईद मिलादुन्नबी के जुलूस में मुस्लिम लड़कियों की तलवारबाजी, आरिफ मसूद ने की तारीफ तो मुफ्ती ए शहर ने क्यों उठाए सवाल. आबिद मुमताज की रिपोर्ट.

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भोपाल की तलवारबाज लड़कियों के हुनर की तारीफ पर मचा बवाल (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : August 30, 2026 at 6:30 PM IST

4 Min Read
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भोपाल: राजधानी में हुए एक धार्मिक कार्यक्रम में लड़कियों की तलवारबाजी देख वहां मौजूद लोगों ने उनकी वाहवाही में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी थी लेकिन अब इसी हैरतअंगेज प्रदर्शन पर सवाल उठ रहे हैं. तलवारबाजी का ये प्रदर्शन मुस्लिम लड़कियों ने ईद मिलादुन्नबी पर निकले एक जुलूस के दौरान किया था. विधायक आरिफ मसूद ने पारंपारिक लिबास में किए गए इस प्रदर्शन की जमकर तारीफ की थी तो वहीं मुफ्ती ए शहर मौलाना अबुल कलाम ने लड़कियों के इस तरह के आयोजन पर सवाल उठाए हैं.

लड़कियों की तलवारबाजी पर उठे सवाल

भोपाल में ईद मिलादुन्नबी के मौके पर 26 अगस्त को निकाले गए जुलूस में मुस्लिम समाज की लड़कियों ने बुर्के के पारंपारिक लिबास में तलवारबाजी के हुनर का प्रदर्शन किया था. इसके बाद सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से सर्कुलेट हुआ तो अब इसे लेकर धार्मिक और सामाजिक स्तर पर सवाल उठ रहे हैं. हालांकि लड़कियों ने यह प्रदर्शन नकली तलवारों के साथ किया था.

लड़कियों की तलवारबाजी पर उठे सवाल (ETV Bharat)

इसके बावजूद कुछ लोगों ने इस आयोजन पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि धार्मिक भावनाओं और पैगंबर हजरत मोहम्मद की शिक्षाओं के संदर्भ में ऐसे कार्यक्रमों की समीक्षा की जानी चाहिए. धार्मिक आयोजनों और सार्वजनिक मंचों पर ऐसी प्रस्तुतियों से लोगों की भावनाएं आहत हो सकती हैं.

'इस्लाम ऐसे आयोजनों की नहीं देता इजाजत'

सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान लड़कियों की इस तलवारबाजी पर मुफ्ती ए शहर मौलाना अबुल कलाम ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा, "जिस तरह से मुस्लिम समाज की लड़कियों द्वारा नकली तलवार हाथ में लेकर डांस किया गया इसकी इजाजत इस्लाम नहीं देता है.

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लड़कियों ने पारंपारिक लिबास बुर्के में दिखाया तलवारबाजी का हुनर (ETV Bharat)
इस प्रदर्शन को लेकर उन्होंने कहा, "पूरे मुल्क में एक तस्वीर चल रही है, जिसमें लड़कियां हाथों में लकड़ी की नकली तलवारें लेकर डांस करती नजर आ रही हैं. यह तस्वीर सार्वजनिक रूप से पेश की गई. मैं पूछना चाहता हूं कि अगर यही तस्वीर अल्लाह के नबी हजरत मोहम्मद के सामने पेश की जाती, तो क्या वह इससे खुश हुए होते, बिल्कुल नहीं. ऐसे मामलों में हमें सोचना चाहिए कि हम क्या कर रहे हैं और इसका हमारे समाज तथा हमारी धार्मिक मान्यताओं पर क्या असर पड़ रहा है. हमें अपने धर्म और उसकी शिक्षाओं का सम्मान करते हुए हर काम करना चाहिए."

'मर्यादित लिबास में प्रतिभा दिखाने की पूरी आजादी'

सोशल मीडिया पर वीडियो के सर्कुलेट होने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. भोपाल से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा, "यह जुलूस वर्षों से निकाला जा रहा है लेकिन ये जुलूस अपने आप में तारीखी रहा. इसमें एक नई और खास बात देखने को मिली थी कि लड़कियों ने बुर्के में रहकर अखाड़े के फन और शानदार करतब पेश किए. एक अच्छे और मर्यादित लिबास में लड़कियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और आगे बढ़ने की पूरी आजादी है."

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भोपाल में ईद मिलादुन्नबी के जुलूस में मुस्लिम लड़कियों की तलवारबाजी (ETV Bharat)

उन्होंने कहा, "रोक सिर्फ वहां है, जहां गंदगी और गलत काम हो. कोई भी मजहब बुराई या गंदगी की इजाजत नहीं देता, लेकिन अच्छाई और प्रतिभा के रास्ते में आगे बढ़ने की लड़कियों को भी पूरी आजादी है. यह उन लोगों के लिए भी एक पैगाम है, जो नफरत फैलाते हैं और मजहबों के नाम पर लोगों को बांटने की कोशिश करते हैं."

'पूरे लिबास और मर्यादा के साथ हुआ प्रदर्शन काबिले-ए-तारीफ'

ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अहमद शाहमीरी खुर्रम ने कहा, "खुलकर जीने का अधिकार सबको है और आजादी भी सभी को मिली हुई है लेकिन आजादी का इस्तेमाल वहीं होना चाहिए, जहां वह अच्छा और समाज के लिए सकारात्मक हो. जहां कोई बुराई हो, वहां आजादी के नाम पर उसे बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए."

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धार्मिक जुलूस में मुस्लिम लड़कियों की तलवारबाजी (ETV Bharat)

उन्होंने लोगों से गुजारिश है, "लोग अपने-अपने बच्चों को तीरंदाजी और दूसरे पारंपरिक हुनर सिखाएं. तमाम अखाड़ों के फनकारों और कलाकारों को भी अपने हुनर को आगे बढ़ाने का अवसर मिलना चाहिए. इस आयोजन को लेकर हमें विशेष रूप से इस बात की खुशी है कि हमारी बहनों ने पूरे लिबास और मर्यादा के साथ अपने करतब दिखाए थे. उनका प्रदर्शन वास्तव में काबिले-ए-तारीफ है और उन्होंने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया."