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'मुसलमानों को UCC से बाहर रखा जाए', लॉ के खिलाफ सड़कों पर नहीं कोर्ट में होगी आर-पार की जंग

मध्य प्रदेश में यूसीसी को लेकर विरोध तेज, शहर काजी ने आरोपों पर अपना रुख किया साफ, हम कानूनी लड़ाई लड़ेंगे. आबिद मुमताज की रिपोर्ट.

UCC vs Muslim Personal Law
यूसीसी के खिलाफ कोर्ट जाएगा मुस्लिम समाज (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : August 26, 2026 at 10:07 AM IST

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Updated : August 26, 2026 at 3:55 PM IST

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भोपाल: मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक-2026 को लेकर विरोध तेज हो गया है. भोपाल के शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी ने यूसीसी को लेकर अपना रुख साफ कर दिया. उन्होंने कहा कि, ''हम शुरू दिन से ही यूसीसी के खिलाफ हैं और लीगल पेनल इस मामले मे कोर्ट जाने के लिए तैयारी कर रही है.'' शहर काज़ी ने यूसीसी को वापस लेने या मुसलमानों को इसके दायरे से अलग करने की मांग की है.

शहर काजी को करना पड़ा विरोध का सामना
यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर मुस्लिम समाज लगातार विरोध कर रहा है. मुस्लिम समाज लगातार इसे काला क़ानून बताते हुए वापस लेने की मांग कर रहा है. यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर भोपाल के शहर काजी मौलाना सैय्यद मुश्ताक अली नदवी पर यह आरोप लगाया गया है कि, वे जिम्मेदार पद पर बैठे है यूसीसी के मामलों में सख्त रुख नहीं अपना रहे हैं और यूसीसी का समर्थन करने वाले नेताओं से मेल-जोल रख रहे हैं. ये आरोप एक तकरीर के दौरान मुफ्ती मोहम्मद गुफरान खान नदवी ने शहर काजी और अन्य धार्मिक जिम्मेदारों की भूमिका पर सवाल उठाए थे.

शहर काजी ने आरोपों पर अपना रुख किया साफ (ETV Bharat)

लीगल पैनल कोर्ट जाने की तैयारी में
उन्होंने कहा था कि, यूसीसी का समर्थन करने वाले नेताओं से मेल-जोल रख रहे हैं और उन्हें कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि बना रहे हैं, जो शरीयत के खिलाफ है. इन्ही आरोपों का जवाब देने शहर काज़ी सय्यद मुश्ताक अली नदवी मीडिया के सामने आये. उन्होंने कहा कि, ''वह पहले दिन से ही इस काले कानून के खिलाफ आवाज उठाते आए हैं. वह किसी के दबाव में काम नहीं कर रहे हैं. जो लोग आरोप लगा रहे हैं उनको समझ लेना चाहिए कि हम जो कर रहे हैं उसका जवाब हम दे सकते हैं. हमारी लीगल पैनल भी कोर्ट जाने के लिए तैयारी कर रही है.''

MADHYA PRADESH UNIFORM CIVIL CODE
मध्य प्रदेश में यूसीसी को लेकर विरोध तेज (ETV Bharat)

मुस्लिम समुदाय को यूसीसी से बाहर रखा जाए
शहर काजी ने कहा कि, ''यूसीसी से मुस्लिम पर्सनल लॉ प्रभावित होता है और इससे मुसलमानों की धार्मिक और कानूनी आजादी पर असर पड़ेगा.'' उन्होंने कहा कि, ''मुस्लिम समुदाय निकाह, विरासत, वसीयत और अन्य व्यक्तिगत मामलों में अपने पर्सनल लॉ का पालन करता आया है. यदि आदिवासी समुदाय को यूसीसी के दायरे से बाहर रखा गया है, तो मुस्लिम समुदाय को भी इससे बाहर रखा जाना चाहिए.'' उन्होंने इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को ज्ञापन सौंपा है.

सड़क पर नहीं, कानूनी लड़ाई लड़ेंगे
शहर काजी ने साफ कहा कि, ''वे सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन नहीं करेंगे.'' उन्होंने कहा, ''केवल नारे लगाने और सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से समस्या का समाधान नहीं होगा. कानूनी मुद्दे का जवाब कानूनी तरीके से ही दिया जाना चाहिए.'' उन्होंने समुदाय के लोगों से शरिया पर अमल करने की अपील भी की.

शहर मुफ्ती का भी विरोध
शहर मुफ्ती अब्दुल कलाम ने कहा कि, ''मुस्लिम समुदाय इस्लामी कानून को अल्लाह का कानून मानता है.''उन्होंने कहा, ''जिस देश में मुस्लिम रहते हैं, वहां के कानून का पालन तब तक किया जाता है, जब तक वह कुरान और हदीस के किसी आदेश से टकराव न करता हो.'' उन्होंने निजी जिंदगी में किसी भी तरह की कानूनी दखलंदाजी को अनुचित बताया. शहर काजी और मुस्लिम संगठनों ने साफ कर दिया है कि, वे यूसीसी के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेंगे. जमीयत उलेमा सहित कई मुस्लिम संगठनों ने राष्ट्रपति को ज्ञापन देकर इस कानून पर पुनर्विचार की मांग की है.

Last Updated : August 26, 2026 at 3:55 PM IST