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भोपाल में सीवरेज चैंबर की हो रही है सफाई, ईटीवी भारत की खबर से जागा प्रशासन

भोपाल नगर निगम ने शुरू किया ड्रेनेज सफाई अभियान, सीवेज से गुजरती पाइप लाइनों की हो रही सफाई.

BHOPAL DRAINAGE CLEANING
भोपाल में सीवरेज चैंबर की हो रही है सफाई (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : January 4, 2026 at 10:24 PM IST

3 Min Read
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भोपाल: राजधानी के बाजपई नगर स्थित मल्टी में लंबे समय से गंदा पानी पीने को मजबूर रहवासियों ने अब राहत की सांस ली है. लंबे समय से सीवेज की गंदगी से होकर गुजर रहे पानी की पाइप लाइनों के कारण लोग गंभीर स्वास्थ्य जोखिम को लेकर चिंतित थे. इस समस्या को लेकर ईटीवी भारत ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी. जिसके बाद अब इसका असर जमीनी स्तर पर भी देखने को मिल रहा है. मौके पर काम शुरू किया गया है और सीवरेज चैंबर की सफाई की जारी है.

सीवेज से गुजरती पाइप लाइनों की सफाई शुरू

भोपाल के बाजपई नगर और आसपास की मल्टियों में सभी चैंबरों और नालियों की व्यापक सफाई का काम शुरू कर दिया है. सफाई कर्मियों की टीम मौके पर पहुंची और वर्षों से जमी गंदगी और जाम नालियों की सफाई की गई. इसके साथ ही पानी की लाइनों के आसपास जमा कचरे और गंदगी को भी हटाया जा रहा है, ताकि स्वच्छ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके.

सीवेज से गुजरती पाइप लाइनों की सफाई शुरू (ETV Bharat)

रहवासियों ने ईटीवी भारत का जताया आभार

स्थानीय रहवासी चांद खान ने ईटीवी भारत का आभार जताते हुए कहा कि "इस समस्या को लेकर कई बार नगर निगम में शिकायत दर्ज करा चुके थे, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला. जब ईटीवी भारत ने हमारी परेशानी को दिखाया तब जाकर यहां पर सफाई करने के लिए गाड़ी आई और नगर निगम अधिकारियों ने सुनवाई की. इससे पहले कोई हमारी बात सुनने को भी तैयार नहीं था."

कांग्रेस ने सरकार को बताया असंवेदनशील

कांग्रेस प्रवक्ता अमित चौरसिया ने कहा, "मोहन यादव की सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त है. इसलिए अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं कर पाती है, ताकि अधिकारी उनकी पोल ना खोल दें. जबकि ऐसे मामलों में तो अधिकारियों पर गैर इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज होना चाहिए." उन्होंने आगे कहा, "3 साल पहले एक रिपोर्ट आई थी, जिसमें यह पाया गया था कि इंदौर में डेढ़ सौ फीट तक का पानी पीने योग्य नहीं है. लेकिन इस पर सरकार ने कोई संज्ञान नहीं लिया. इससे साफ पता चलता है कि सरकार असंवेदनशील है."

वरिष्ठ पत्रकार गौरव चतुर्वेदी ने कहा, "यह हालात सिर्फ इंदौर और भोपाल के ही नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश के हैं. इंदौर की घटना ने पूरे प्रदेश के हालात को उजागर किया है. ब्यूरोक्रेसी और राजनेताओं के बीच में तालमेल नहीं है. जिससे कद्दावर मंत्रियों की बात को भी नहीं सुना जा रहा है."