मध्य प्रदेश में फ्लैश फ्लड जैसी घटना की आशंका, 17 जिलों में रिकॉर्ड 4 इंच बारिश का अलर्ट
एमपी में भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में अचानक बाढ़ की चेतावनी, भोपाल कोटे की बारिश से महज 4 इंच दूर. विश्वास चतुर्वेदी की रिपोर्ट.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : August 27, 2026 at 10:40 AM IST
|Updated : August 27, 2026 at 10:49 AM IST
भोपाल : मध्यप्रदेश कई जिलों में फ्लैश फ्लड जैसी घटनाएं हो सकती है, दरअसल मौसम विभाग ने गुरुवार 27 अगस्त को 17 जिलों भारी बारिश की संभावना जताई है. इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान ढाई से 4 इंच तक बारिश होने का अनुमान है. वहीं, सागर, रीवा और शहडोल संभाग में बारिश का असर ज्यादा रहने की संभावना है. जबकि ग्वालियर-चंबल अंचल के भिंड, दतिया, ग्वालियर, मुरैना और शिवपुरी में कुछ निचले इलाकों और जलग्रहण क्षेत्रों में अचानक बाढ़ का खतरा जताया गया है.
17 जिलों में 4 इंच तक बारिश का अनुमान
मौसम केंद्र भोपाल के पूर्वानुमान के अनुसार गुरुवार को पूर्वी और उत्तरी मध्यप्रदेश के 17 जिलों में भारी बारिश हो सकती है. इन जिलों में 24 घंटे के दौरान करीब 2.5 से 4 इंच तक पानी गिरने का अनुमान है. भारी बारिश की चेतावनी वाले जिलों में विदिशा, गुना, शिवपुरी, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, मंडला, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी शामिल हैं.

सागर-रीवा-शहडोल संभाग पर ज्यादा असर
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, '' मानसूनी सिस्टम का असर सागर, रीवा और शहडोल संभाग में ज्यादा रहने की संभावना है. यहां कई स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है. इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, उज्जैन, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, दतिया, मुरैना, भिंड, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट और डिंडोरी समेत कई जिलों में भी बारिश के आसार हैं.''
पांच जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा
भारी बारिश के साथ प्रदेश के कुछ हिस्सों में अचानक बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है. मौसम विभाग के फ्लैश फ्लड जोखिम पूर्वानुमान के अनुसार, '' भिंड, दतिया, ग्वालियर, मुरैना और शिवपुरी के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों और निचले इलाकों में कम से मध्यम स्तर की अचानक बाढ़ की आशंका है. वहीं, लगातार बारिश के कारण जमीन में नमी बढ़ने और जल निकासी प्रभावित होने पर निचले इलाकों में पानी तेजी से भर सकता है. ऐसे में नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है.''

टीकमगढ़ में उफान पर नाले, कई रास्तों पर असर
भारी बारिश का असर टीकमगढ़ में भी दिखाई दे रहा है. पिछले 24 घंटे से रुक-रुककर बारिश होने के कारण जिले में औसतन करीब 2.6 इंच बारिश दर्ज हुई है. पलेरा और मोहनगढ़ में करीब 4 इंच तक पानी गिरा. वहीं, बारिश के बाद टीकमगढ़-झांसी हाईवे पर पूनौल नाला और टीकमगढ़-छतरपुर मार्ग पर बलदेवगढ़ का नाला उफान पर आ गया. टीकमगढ़-लिधौरा मार्ग पर भी सड़क के ऊपर पानी बहने से आवागमन प्रभावित हुआ है. इधर शहर की भटनागर और कौशलपुरी कालोनियों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है. इसके साथ ही ओरछा में 155 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. जीरापुर और निवाड़ी में भी 100 मिलीमीटर से ज्यादा पानी गिरा. इसके बाद नदी-नालों के जलस्तर और निचले इलाकों में जलभराव को लेकर प्रशासन अलर्ट पर है.
भोपाल में 38 इंच बारिश, सामान्य कोटे से सिर्फ आधा इंच दूर
राजधानी भोपाल में बुधवार को दिनभर घने बादल छाए रहे. शाम को शहर के कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश हुई. इस दौरान अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री दर्ज किया गया. बता दें कि भोपाल में अब तक 961.8 मिलीमीटर यानी करीब 38 इंच बारिश हो चुकी है. शहर की सीजन की औसत बारिश 1066 मिलीमीटर (42 इंच) है. ऐसे में सामान्य बारिश का कोटा पूरा होने में अब सिर्फ 4 इंच बारिश की जरूरत है. अगस्त में अब तक 440.5 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है, जिससे इस महीने की बारिश ने पिछले अगस्त का रिकार्ड भी पीछे छोड़ दिया है.
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29 अगस्त से बारिश में ब्रेक के आसार
मौजूदा मानसूनी सिस्टम के असर से 27 और 28 अगस्त को बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. इसके बाद 29 और 30 अगस्त को बारिश की गतिविधियों में कमी आने के आसार हैं. हालांकि, सितंबर की शुरुआत में मानसून के फिर सक्रिय होने की संभावना जताई गई है.

