भोपाल के गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में लकड़ी फैक्ट्री में भीषण आग, 9 घंटे में 100 टैंकर पानी से पाया काबू
भोपाल के इंडस्ट्रियल एरिया में धू-धू कर जली लकड़ी की फैक्ट्री. शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका. शनिवार की दोपहर तक सुलगती रही आग.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : May 30, 2026 at 3:40 PM IST
भोपाल:राजधानी भोपाल के गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया स्थित शुभम एंटरप्राइजेस में शुक्रवार देर रात भीषण आग लग गई. फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में प्लाईवुड, लकड़ी, तैयार दरवाजे, ब्लैकबोर्ड के साथ-साथ ज्वलनशील केमिकल और थिनर रखा हुआ था, जिसके कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया. आग बुझाने के लिए नगर निगम और फायर ब्रिगेड की टीमों को करीब 9 घंटे तक लगातार मशक्कत करनी पड़ी, तब कही जाकर आग पर काबू पाया गया.
लकड़ी फैक्ट्री में लगी भीषण आग
गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में शुक्रवार की देर रात लकड़ी फैक्ट्री में भीषण आग लगने से इलाके में सनसनी फैल गई. आग इतनी भीषण थी कि दूर दूर तक आग की लपटें दिखाई दे रहीं थीं. बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में प्लाईवुड, लकड़ी, तैयार दरवाजे, ब्लैकबोर्ड के साथ-साथ ज्वलनशील केमिकल और थिनर रखा हुआ था.
9 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू
आग की खबर मिलते ही नगर निगम की गांधीनगर, गोविंदपुरा, कोलार, बैरागढ़, फतेहगढ़, आईएसबीटी और कबाड़खाना फायर स्टेशनों से दमकल वाहन और पानी के टैंकर मौके पर भेजे गए. आग इतनी तेज थी कि शनिवार की सुबह आग की लपटों पर काबू पाया जा सका. इसके बावजूद फैक्ट्री में मौजूद लकड़ी और केमिकल के कारण शनिवार की दोपहर तक अंदर ही अंदर आग सुलगती रही. एहतियात के तौर पर दमकल कर्मियों को मौके पर तैनात रखा गया.

फैक्ट्री का हिस्सा तोड़कर बुझाई आग
फायर फाइटर पंकज यादव ने बताया, "फैक्ट्री के अंदर भारी मात्रा में लकड़ी और ज्वलनशील सामग्री होने के कारण सामान्य तरीके से आग बुझाना संभव नहीं था. 2 जेसीबी मशीनों की मदद से फैक्ट्री के कुछ हिस्सों और स्ट्रक्चर को तोड़ा गया. इसके बाद जेसीबी से लकड़ी और अन्य सामग्री को अलग-अलग कर आग बुझाने का काम किया गया. केमिकल और थिनर की मौजूदगी के कारण पानी डालने के बाद भी आग बार-बार भड़क रही थी.

आग बुझाने में 100 टैंकर पानी का इस्तेमाल
फायर विभाग के अनुसार, आग बुझाने के लिए करीब 100 टैंकर पानी का इस्तेमाल करना पड़ा. मौके पर फायर प्रभारी सौरभ पटेल, फायर फाइटर पंकज यादव, सहायक प्रभारी विजय त्रिपाठी समेत नगर निगम के 50 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी पूरी रात राहत एवं बचाव कार्य में जुटे रहे.
आसपास की फैक्टरियों को बचाने की चुनौती
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग जिस फैक्ट्री में लगी उसके आसपास 3 से 4 अन्य औद्योगिक इकाइयां भी संचालित हैं. आग को फैलने से रोकना फायर ब्रिगेड के लिए सबसे बड़ी चुनौती थी. दमकल कर्मियों ने कनेक्टिंग पॉइंट्स और आसपास के हिस्सों पर लगातार पानी की बौछार कर आग को दूसरी फैक्टरियों तक पहुंचने से रोका. समय रहते किए गए प्रयासों से बड़ा औद्योगिक हादसा टल गया.
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शॉर्ट सर्किट की आशंका, करोड़ों के नुकसान का अनुमान
प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, हालांकि पुलिस और फायर विभाग मामले की जांच कर रहे हैं. आग की वजह से फैक्ट्री में रखा कच्चा और तैयार माल पूरी तरह जल गया. शुरुआती तौर पर करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है. गनीमत रही कि घटना के समय फैक्ट्री में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई.

