भोपाल पहुंचे पीयूष मिश्रा, अमिताभ बच्चन पर दिया बयान, बोले- अब आराम करना चाहता हूं मैं
भोपाल लिटरेचर फेस्टिवल पहुंचे एक्टर, सिंगर पीयूष मिश्रा, बताया कब मिलती है सबसे ज्यादा खुशी, Gen Z पर भी दिया अपना मत.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 11, 2026 at 9:31 AM IST
|Updated : January 11, 2026 at 9:57 AM IST
भोपाल: एक्टर, राइटर और सिंगर पीयूष मिश्रा का पसंदीदा शहर भोपाल है और यहां आने का कोई न्यौता वो ठुकराते नहीं. भोपाल लिटरेचर फेस्टीवल में पीयूष पहुंचे थे. हालांकि उनकी तबीयत नासाज थी, लेकिन इसके बावजूद भी अपनी किताब 'तेरी औकात क्या है' के हवाले से इस फेस्टीवल में हुई बातचीत में पीयूष ने हमेशा की तरह अपनी जिंदगी के हर पन्ने को बड़ी साफगोई से सामने रख दिया. जो बहुत से मंचों पर पहले कह चुके वो दोहराया भी, लेकिन ये कहा कि अब उनका मन आराम का होता है.
पीयूष ने कहा कि जब मैं अकेला होता हूं, खुद से संवाद में होता हूं, तो वो समय मेरे लिए सबसे ज्यादा खुशी और इत्मीनान का वक्त होता है. उन्होंने अमिताभ बच्चन का जिक्र करते हुए कहा कि 80 बरस की उम्र में आपके दादा क्या कर रहे हैं? फिर अमिताभ को देखिए. कितने ऊर्जावान ढंग से अब भी वो कामयाबी रच रहे हैं.
किताबों की सोहबत और केमेस्ट्री से तौबा का वाकया
अपनी किताब के हिस्सों पर बात करते पीयूष अपने बचपन की सैर भी कर आते हैं. वे बताते हैं कि किस तरह से बहुत छोटी उम्र से उन्हें नंदन चंपक की लत लग गई थी, क्योंकि कैमेस्ट्री और फिजिक्स की इक्वेशन उन्हें समझ नहीं आती थी. वो क्या वाकया था, जब उन्होंने अपनी साइंस टीचर से कहा कि मैं फ्रॉग का डिस्केशन नहीं करूंगा, उसे दर्द होगा. पीयुष Gen Z के हवाले से कहते हैं, आज की पीढ़ी को मैं गलत नहीं मानता. बस एक दिक्कत है, इनके हाथ से किताब छूट गई और कम्यूटर आ गया, लेकिन किताबों की जगह कम्यूटर कभी नहीं ले पाएंगे.

फेवरेट की लिस्ट में अमिताभ भी, बोले 80 पार एनर्जी देखो
पीयूष मिश्रा ने अमिताभ बच्चन का खासतौर पर जिक्र किया और कहा कि आप देखिए कि 70-80 पार के आपके दादा इस समय क्या कर रहे होंगे, लेकिन अमिताभ जी उसी एनर्जी से काम कर रहे है. वो लीजेंड हैं और ऐसी इन्सपिरेशन है, जिनसे सबको प्रेरणा लेनी चाहिए. उन्होंने अपने अभियान की बात करते हुए बताया कि किस तरह से वे अपने घर को थियेटर का स्टेज बना लेते हैं और रिहर्सल करते हैं.
कोई तो एनर्जी है ये मान लो मैने तो मान लिया है
पीयूष मिश्रा ने फिर कहा कि शराब की लत ने उनका बहुत नुकसान किया और फिर कहा कि विपश्यना शुरू कर देने के बाद उनकी जिंदगी धीरे-धीरे बदलती चली गई. उन्होंने कहा कि कोई तो एनर्जी है, जो काम करती है. मेरा इसमें यकीन है. उन्होंने बताया कि किस तरह से गुलाल को सेलिब्रिट करने वे जब यूएस जा रहे थे, तो उनके शरीर के एक हिस्से ने काम करना बंद किया था और कैसे रेकी हीलर की बदौलत वे फिर चल फिर पा रहे हैं.

Gen Z अपने ढंग से जीती है उसमें दखलंदाजी क्यों
जेन जी को लेकर पीयूष मिश्रा कहा कि आप कुछ बदल नहीं सकते. ये उनके जीने का ढंग है, तो मुझे लगता है कि उसमें दखलंदाजी नहीं करनी चाहिए. वो जैसे जी रहे हैं, जैसा उनका ढंग है, वैसे रहने देना चाहिए.
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भोपाल मेरा है..मैं भारत भवन में रहा हूं
पीयुष मिश्रा ने एक बार फिर दोहराया कि भोपाल उनका शहर है. वो इस शहर से बहुत मोहब्बत करते हैं, क्योंकि यहां के लोगों में मोहब्बत है. उन्होंने कहा कि यहां मैं रहा हूं, मैं भारत भवन में आया हूं. तो इस शहर को कैसे भूल सकता हूं बहुत इत्मीनान होता है, जब यहां आता हूं."

