भोपाल में दिल दहला देने वाला हादसा, 10 दिनों तक लिफ्ट की डक्ट में कुचलता रहा बुजुर्ग का शव
भोपाल की चिनार ड्रीम सिटी में 10 दिनों तक लिफ्ट के नीचे सड़ती रही बुजुर्ग की लाश, लिफ्ट टेक्नीशियन के पहुंचने पर खुला राज.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 18, 2026 at 5:46 PM IST
भोपाल: राजधानी भोपाल की सबसे पॉश कॉलोनियों में से एक चिनार ड्रीम सिटी से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. होशंगाबाद रोड स्थित हाई-राइज सोसाइटी में 77 वर्षीय बुजुर्ग तीसरी मंजिल से लिफ्ट की डक्ट में गिर गए, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि अगले 10 दिनों तक लिफ्ट ऊपर-नीचे चलती रही और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी. डक्ट से तेज बदबू आने के बाद जब लिफ्ट की जांच कराई गई, तब जाकर इस दर्दनाक हादसे का खुलासा हुआ. मिसरोद थाना पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है.
लिफ्ट की डक्ट में गिरकर बुजुर्ग की मौत
भोपाल के मिसरोद इलाके में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. जहां एक बुजुर्ग की लिफ्ट की डक्ट में फंसने से मौत हो गई. हादसे का खुलासा 10 दिन बाद हुआ. मृतक की पहचान प्रीतम गिरी गोस्वामी (77) के रूप में हुई है. प्रीतम गिरी अपने बेटे मनोज के साथ फ्लैट नंबर D-304 में रहते थे.
लिफ्ट में 10 दिन तक सड़ती रही बुजुर्ग की लाश
परिजन के अनुसार, 6 जनवरी की दोपहर करीब 3 बजे प्रीतम गिरी घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे. 7 जनवरी को मिसरोद थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई. कॉलोनी और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए. फुटेज में वे कॉलोनी परिसर में दिखाई दिए, लेकिन इसके बाद उनका कोई सुराग नहीं मिला.
टेक्नीशियन ने खोला राज
16 जनवरी को अपार्टमेंट की लिफ्ट अचानक बंद हो गई. इसके बाद सोसाइटी प्रबंधन ने टेक्नीशियन को बुलाया. जैसे ही टेक्नीशियन ने लिफ्ट मोटर स्टार्ट की और लिफ्ट ग्राउंड फ्लोर से ऊपर उठी, तेज दुर्गंध फैलने लगी. डक्ट की जांच करने पर अंदर प्रीतम गिरी का शव मिला, जो बुरी तरह क्षत-विक्षत था. कपड़े और चप्पल के आधार पर परिजन ने शव की पहचान की, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई.
तकनीकी खामी और लापरवाही के आरोप
सोसाइटी के रहवासियों ने बिल्डर और प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. रहवासियों ने आरोप लगाते हुए कहा कि "कई बार ऐसे फ्लोर पर भी लिफ्ट के गेट खुल जाते थे, जहां लिफ्ट मौजूद ही नहीं होती है. मृतक के फ्लैट के सामने भी डक्ट का गेट खुला हुआ था. बार-बार शिकायतों के बावजूद लिफ्ट मेंटेनेंस को नजरअंदाज किया गया. इसी तकनीकी खामी और घोर लापरवाही के चलते यह हादसा हुआ है."
मिसरोद थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार ने बताया कि "मामले में फिलहाल मर्ग कायम किया गया है. परिजनों के विस्तृत बयान दर्ज किए जाने बाकी हैं. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी."
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लिफ्ट सेफ्टी को लेकर जरूरी गाइडलाइन
- बिना फ्लोर लेवल के लिफ्ट गेट नहीं खोलना चाहिए.
- लिफ्ट की डक्ट पूरी तरह लॉक और सुरक्षित होनी चाहिए.
- रोजाना विजुअल सेफ्टी चेक और नियमित मेंटेनेंस अनिवार्य है.

