टेबलेट में फंगस के बाद माउथवॉश में कीड़ा, जेपी अस्पताल के मरीजों की खतरे में जान!
भोपाल के जेपी अस्पताल में मिल रहीं खराब क्वालिटी की दवाइयां, टेबलेट में फंगस के बाद माउथवॉश में निकाला कीड़ा, मरीज ने जताई नाराजगी.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 9, 2026 at 7:33 PM IST
भोपाल: मध्य प्रदेश में मरीजों की हेल्थ से खिलवाड़ थमने का नाम नहीं ले रहा है. आए दिन नए-नए मामले सामने आ रहे हैं. इंदौर में दूषित पानी से मौतों का मामला खत्म भी नहीं हुआ था कि भोपाल के जयप्रकाश हॉस्पिटल (जेपी अस्पताल) में माउथवॉश में कीड़ा निकलने का मामला आ गया है. इससे पहले भी अस्पताल द्वारा मरीजों को दी गई टैबलेटों में फंगस लगे होने की शिकायत प्राप्त हुई थी. जिस पर मरीजों द्वारा आपत्ती जताई गई थी. ऐसे में अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
माउथवॉश में निकला कीड़ा
मामला यह है कि सर्दी-खांसी और गले में दर्द की शिकायत लेकर मरीज शुक्रवार को जेपी अस्पताल पहुंचा था. यहां मरीज को देखने के बाद डॉक्टर ने उसे दवा लिखी, जिसमें माउथ वॉश भी शामिल था. इसके बाद मरीज ने जेपी हॉस्पिटल के मेडिकल स्टोर पहुंचकर दवा सहित माउथवॉश लिया. मेडिकल स्टोर से मिली दवा को जब मरीज ने चेक किया तो देखा कि माउथवॉश की बोतल में गंदगी और कीड़ा पड़ा हुआ, जिस पर मरीज ने आपत्ति जताई.
जांच कर दोषियों को दी जाएगी सजा
मरीज ने तत्काल इस लापरवाही की शिकायत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी मनीष शर्मा से की. मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमएचओ ने तुरंत जांच के निर्देश दिए. सीएमएचओ मनीष शर्मा ने बताया, "मामले को संज्ञान में लेकर एक जांच समिति गठित कर दी गई है. यह समिति अस्पताल में दवाइयों के रखरखाव, भंडारण और गुणवत्ता की जांच करेगी. जांच के दौरान यदि किसी स्तर पर लापरवाही या दोष पाया जाता है, तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी."
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प्रदर्शन कर कांग्रेस ने की थी कार्रवाई की मांग
करीब एक हफ्ते पहले ही जयप्रकाश अस्पताल में मरीजों को फफूंद लगी टैबलेट सप्लाई करने का मामला सामने आया था. खबर प्रकाशित होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया था. इसके बाद कांग्रेस ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था. साथ ही कार्यकर्ताओं ने अस्पताल परिसर में जमकर नारेबाजी की थी और जिम्मेदार अफसरों पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए थे. कार्यकर्ताओं ने संबंधित अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी.

