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राखी ने आग को मिट्टी पर उतार दिया, राख से बना दिया कुदरत के हसीन रंग

भोपाल के गौहर महल में सजी पॉट्स मार्केट. देश-दुनिया के सिरेमिक आर्टिस्ट मिट्टी, आग और राख के मेल से गढ़ रहे अद्भुत कलाकृतियां.

GAUHAR MAHAL POTS MARKET
सिरेमिक आर्टिस्ट की क्रिएटिविटी का कैनवास (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : November 20, 2025 at 7:54 PM IST

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Updated : November 20, 2025 at 10:03 PM IST

4 Min Read
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भोपाल: आग की लपटों को सहेजा जा सकता है, अगर संभाल ली जाए आग की लौ, तो वो किस रंग, किस रूप और किस आकार में होगी? ऑरोविले (पुडुचेरी) की सिरेमिक आर्टिस्ट राखी ये नामुमकिन कोशिश हर रोज करती हैं. मिट्टी को पहले हाथों के सांचे में ढालती हैं और जो आकार बनता है उसे आग के हवाले कर देती हैं. फिर लपटों के साथ लकड़ी की बाकी बची राख से जो रंग, जो तस्वीर उभरती है वो उनके आर्ट फार्म का सबसे अहम हिस्सा होती है. राख मिट्टी पर आग उतारती हैं रोज.

जब मिट्टी पर उतारी जाती हैं आग की शक्लें

भोपाल के गौहर महल में आज (गुरुवार) से शुरू हुआ पॉटर्स मार्केट इन दिनों देश-दुनिया के सिरेमिक आर्टिस्ट की क्रिएटिविटी का कैनवास है. वो जगह जहां आप जान पाते हैं कि सिरेमिक के हाथों मिट्टी कैसे आकार पा रही है और किन रंगों में रंगी जा रही है.

आग और राख के मेल से बर्तनों पर उभरती हैं मनमोहक आकृतियां (ETV Bharat)

इसी पॉटर्स मार्केट में पुडुचेरी के ऑरोविले से राखी भी आई हैं. राखी ने 30 साल पहले मिट्टी से दोस्ती की और सिरेमिक आर्टिस्ट बन गईं. राखी के आर्ट फार्म की खासियत ये है वे लीक से हटकर कुछ करना चाहती थीं. ये कोशिश उन्हें जापानी सिरेमिक तकनीक 'एनागमा' तक ले गई, जो एक जापानी फायरिंग तकनीक है.

Bhopal Ceramic art exhibition
आग की भट्टी में पॉट को डालकर छोड़ दिया जाता है (ETV Bharat)

'भट्टी जो चाहे वो रंग-रूप दे देती है'

राखी बताती हैं, "आग को हम उतनी ही देर देख पाते हैं जितनी देर आग है. मैं अक्सर सोचती थी कि आग अगर किसी कैनवास पर उतरेगी तो उसका रूप-रंग क्या होगा. वही ख्याल मुझे इस जापानी सिरेमिक तकनीक तक ले आई." वे बताती हैं "इस तकनीक में लकड़ी से भट्टी जलाई जाती है और पॉट को भट्टी में छोड़ दिया जाता है. इस उम्मीद के साथ कि भट्टी देवता जो भी रंग-रूप देना चाहेंगे देते जाएंगे. मेरे हर पॉट पर आप देखेंगे कि कहीं लपटों ने अपने निशान छोड़े हैं, तो कहीं झरती हुई राख जम गई है. कहीं एक नए तरह का टेक्सचर बन गया है."

Bhopal Ceramic art exhibition
पॉट पर छूट जाते हैं आग की लपटों के निशान (ETV Bharat)

'मुझे खुद नहीं पता भट्टी में किस तरह का पॉट बनेगा'

राखी कहती हैं, "यू समझिए कि मेरे लिए मिट्टी के कैनवास पर आग अपनी चित्रकारी करती है और जो शक्ल बनती है वो मेरा आर्ट फार्म बन जाता है. मुझे खुद नहीं पता होता है कि भट्टी में गया पॉट किस तरह से बाहर आएगा. जैसे हमें पता नहीं होता कि जन्म लेने वाले बच्चे की शक्ल, सूरत, जेहन क्या होगा."

Bhopal Pots Market reach potters
बर्तनों पर उभरती हैं मनमोहक आकृतियां (ETV Bharat)

राखी अपने आर्ट वर्क की प्रेरणा के लिए यात्राएं भी खूब करती हैं. उन्होंने टोटम पोल बनाए हैं. किसी पर चिड़िया है, किसी पर शंख तो किसी पर बीज. वे बताती हैं "ये मेरा आदिवासियों के अलावा नेचर कनेक्ट है. मैं भी जंगल में रहती हूं और दूसरा मैंने मध्य प्रदेश के ही आदिवासी इलाकों के बहुत दौरे किए हैं.

Bhopal Gauhar Mahal
जब मिट्टी पर उतारी जाती हैं आग की शक्लें (ETV Bharat)

मैंने उनके भगवान को पिलर के रूप में ही देखे हैं. मैंने जो ये पोल बनाए हैं ये उसी से प्रेरित हैं. मैं यहां आ रही थी, तो मैंने सोचा यही आर्ट फार्म लेकर चलना चाहिए." राखी एक घड़े को दिखाते हुए कहती हैं "इसके मुंह के पास से ये जो टेक्सचर दिख रहा है, ये राख है. राख ने खुद से अपना रास्ता बनाया और अपना आकार गढ़ लिया."

Madhya Pradesh pottery festival
जापानी सिरेमिक तकनीक एनागमा से उभारी जाती है कलाकृति (ETV Bharat)

कागज अगर मिट्टी के होते तो ऐसे लगते

सिरेमिक आर्टिस्ट फाल्गुनी के हर पॉट में बहार की रंगत है. वो मिट्टी को कागज की शक्ल देती हैं. कहती हैं "सबसे मुश्किल था मेरे लिए, लेकिन सिरेमिक की यही खासियत है कि टूटकर फिर बनता है. जिंदगी की तरह बिखर जाने के बाद फिर बनना. जो मेरे सबसे नाजुक पॉट हैं वो कई बार बिखरे, लेकिन अब बनकर खड़े हैं.

ये एक मैसेज भी है कि आखिरकार सब सही हो जाता है." फाल्गुनी गुजरात से हैं और कोलकाता में रहती हैं. भोपाल में हर साल गौहर महल में पॉटर्स मार्केट सजता है. पुराने भोपाल के गौहर महल में 3 दिन तक देश दुनिया के सिरेमिक आर्टिस्ट का जमावड़ा होता है. जो अपने खास आर्ट फार्म लेकर यहां आते हैं.

Last Updated : November 20, 2025 at 10:03 PM IST